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परिवहन विभाग जींद डिपो को दूसरे चरण में भी नहीं मिल पाई ई टिकटिंग मशीन
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परिवहन विभाग जींद डिपो को दूसरे चरण में भी ई टिकटिंग मशीनें उपलब्ध नहीं करवा पाया है। ई टिकटिंग मशीन मिलने से परिचालकों को खुल्ले पैसे को लेकर सवारियों के साथ होने वाली परेशानी से निजात मिलने की उम्मीद हुई थी लेकिन अब तक ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। इससे रोडवेज कर्मचारियों में रोष है। जींद डिपो में 145 से अधिक रोडवेज बस हैं। जिसमें किलोमीटर स्कीम की 37 बस शामिल हैं। इन बसों पर लगभग 300 चालक व परिचालक कार्यरत हैं।
रोडवेज बसों में अक्सर खुले रुपये नहीं होने से यात्री और परिचालकों की कहासुनी सामने आती है, इससे भी निजात मिलेगी। इसके अलावा डिपो में टिकटों की छपाई पर होने वाले लाखों रुपये के खर्च की बचत होगी। रोडवेज को मिलने वाली ई-टिकटिंग मशीनों में डेबिट कार्ड का भी प्रयोग किया जा सकेगा। मशीन के जरिये टिकट की रकम डिपो के खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। ई-टिकटिंग मशीनों से निकले ई-टिकट पर यात्री के बस में चढ़ने और उतरने की जानकारी अंकित होगी। ई-टिकट कटवाने का समय और तिथि भी लिखी होगी जिसकी जानकारी चेकिंग स्टाफ को मिल सकेगी। टिकटों की बिक्री में हेराफेरी भी नहीं हो सकेगी। विभाग की ओर से मुख्य बस डिपो में ई-टिकट सेवा शुरू करने की बात हो रही थी। मगर अब तक ई-टिकट के लिए जींद डिपो को शामिल नहीं किया गया है।
दूसरे चरण में मिलनी थी मशीनें
ई टिकटिंग मशीन के लिए जींद डिपो को दूसरे चरण में शामिल किया गया था। पहले चरण में प्रदेश के छह डिपो को शामिल किया गया था। जिन डिपो में शुरुआती दौर में ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध करवाई गई थी वहां भी मशीनें ज्यादा कारगर साबित नहीं हो पाई।
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-संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
अभी जींद डिपो को ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। जैसे ही मुख्यालय से ई टिकटिंग मशीन आएंगी तो कर्मचारियों को उपलब्ध करवा दी जाएंगी। यह कार्य मुख्यालय स्तर का है। जैसे ही मुख्यालय से कोई निर्देश आएंगे तो उस हिसाब से कर्मचारियों के लिए ई टिकटिंग मशीन दी जाएंगी।
-अशोक कौशिक, रोडवेज जीएम, जींद डिपो।
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रोडवेज बसों में अक्सर खुले रुपये नहीं होने से यात्री और परिचालकों की कहासुनी सामने आती है, इससे भी निजात मिलेगी। इसके अलावा डिपो में टिकटों की छपाई पर होने वाले लाखों रुपये के खर्च की बचत होगी। रोडवेज को मिलने वाली ई-टिकटिंग मशीनों में डेबिट कार्ड का भी प्रयोग किया जा सकेगा। मशीन के जरिये टिकट की रकम डिपो के खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। ई-टिकटिंग मशीनों से निकले ई-टिकट पर यात्री के बस में चढ़ने और उतरने की जानकारी अंकित होगी। ई-टिकट कटवाने का समय और तिथि भी लिखी होगी जिसकी जानकारी चेकिंग स्टाफ को मिल सकेगी। टिकटों की बिक्री में हेराफेरी भी नहीं हो सकेगी। विभाग की ओर से मुख्य बस डिपो में ई-टिकट सेवा शुरू करने की बात हो रही थी। मगर अब तक ई-टिकट के लिए जींद डिपो को शामिल नहीं किया गया है।
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दूसरे चरण में मिलनी थी मशीनें
ई टिकटिंग मशीन के लिए जींद डिपो को दूसरे चरण में शामिल किया गया था। पहले चरण में प्रदेश के छह डिपो को शामिल किया गया था। जिन डिपो में शुरुआती दौर में ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध करवाई गई थी वहां भी मशीनें ज्यादा कारगर साबित नहीं हो पाई।
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-संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
अभी जींद डिपो को ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। जैसे ही मुख्यालय से ई टिकटिंग मशीन आएंगी तो कर्मचारियों को उपलब्ध करवा दी जाएंगी। यह कार्य मुख्यालय स्तर का है। जैसे ही मुख्यालय से कोई निर्देश आएंगे तो उस हिसाब से कर्मचारियों के लिए ई टिकटिंग मशीन दी जाएंगी।
-अशोक कौशिक, रोडवेज जीएम, जींद डिपो।