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Jind News: जींद में जुटे प्रदेशभर के तूड़ा कारोबारी
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20जेएनडी11-प्रदेशभर से तूड़े की गाड़ियों को लेकर पहुंचे कारोबारी। संवाद
जींद। आरटीए के चालान करने के विरोध में वीरवार को प्रदेशभर के तूड़ा कारोबारी वीरवार को जींद में एकजुट हुए। उन्होंने आरटीए की कार्रवाई के खिलाफ रोष प्रकट किया। इसके बाद तूड़ा कारोबारी डीसी से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने डीसी मोहम्मद इमरान रजा से गुहार लगाई कि उनकी गाड़ियों के आरटीए की टीम द्वारा लगातार किए जा रहे चालान पर रोक लगाई जाए। इससे उनको भारी नुकसान हो रहा है।
इसके अलावा जैसे कोरोनाकाल में उनकी गाड़ियों को बिना रोक-टोक के चलाया जाता था, ऐसे ही अब भी उनकी गाड़ियों को बिना रोक-टोक के चलाया जाए। इस पर डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने आश्वासन दिया कि उनकी मांग पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद तूड़ा कारोबारी लौट गए।
वीरवार को झज्जर, जींद, हांसी, हिसार समेत कई जिलों के तूड़ा कारोबारी अपनी-अपनी गाड़ियों को लेकर जींद पहुंचे। उन्होंने नरवाना रोड बाईपास पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर आरटीए टीम की कार्रवाई पर रोष प्रकट किया। तूड़ा कारोबारियों का कहना था कि चालान के नाम पर आरटीए टीम उनको बार-बार परेशान कर रही है। उनकी गाड़ियों को ओवरलोड बताकर उनके 30 से 50 हजार तक के चालान किए जा रहे हैं। इससे उनको नुकसान हो रहा है। इस बार तूड़े के भाव कम होने पर पहले ही उनको नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन आरटीए की टीम उनकी गाड़ियों के चालान कर उन पर दोहरी मार कर रही है। वे तूड़े को अवैध तरीके से बेचने के नहीं जाते बल्कि वह तूड़े को गोशालाओं में डालने के लिए जाते हैं, लेकिन बीच रास्ते आरटीए द्वारा भारी भरकम चालान किए जाने से उनको आर्थिक रूप से भारी नुकसान हो होता है।
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बॉक्स
तूड़े में अब हो रहा जीवन यापन मुश्किल
सुखबीर हांसी, बिल्लू खटकड़, सुखविंद्र जींद, विक्रम हांसी, साहिल हांसी, कुलदीप झज्जर, काशी झज्जर का कहना है कि तूड़े के कारोबार में अब बचत नहीं हो रही। अब तूड़े के कारोबार के सहारे जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। आरटीए की टीम के चालान से हर जिले के कारोबारी परेशान हैं। उनका आरोप है कि आरटीए की टीम कभी ओवरलोड होने का कारण बताया जाता है तो कभी गाड़ी की चौड़ाई ज्यादा होने के कारण जाम लगने का कारण बताकर उनकी गाड़ी का चालान कर दिया जाता है। उनके द्वारा बार-बार मिन्नतें करने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पाती। ऐसे में आरटीए टीम अपनी मनमानी कर गाड़ियों के चालान कर देती है।
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इसके अलावा जैसे कोरोनाकाल में उनकी गाड़ियों को बिना रोक-टोक के चलाया जाता था, ऐसे ही अब भी उनकी गाड़ियों को बिना रोक-टोक के चलाया जाए। इस पर डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने आश्वासन दिया कि उनकी मांग पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद तूड़ा कारोबारी लौट गए।
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वीरवार को झज्जर, जींद, हांसी, हिसार समेत कई जिलों के तूड़ा कारोबारी अपनी-अपनी गाड़ियों को लेकर जींद पहुंचे। उन्होंने नरवाना रोड बाईपास पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर आरटीए टीम की कार्रवाई पर रोष प्रकट किया। तूड़ा कारोबारियों का कहना था कि चालान के नाम पर आरटीए टीम उनको बार-बार परेशान कर रही है। उनकी गाड़ियों को ओवरलोड बताकर उनके 30 से 50 हजार तक के चालान किए जा रहे हैं। इससे उनको नुकसान हो रहा है। इस बार तूड़े के भाव कम होने पर पहले ही उनको नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन आरटीए की टीम उनकी गाड़ियों के चालान कर उन पर दोहरी मार कर रही है। वे तूड़े को अवैध तरीके से बेचने के नहीं जाते बल्कि वह तूड़े को गोशालाओं में डालने के लिए जाते हैं, लेकिन बीच रास्ते आरटीए द्वारा भारी भरकम चालान किए जाने से उनको आर्थिक रूप से भारी नुकसान हो होता है।
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तूड़े में अब हो रहा जीवन यापन मुश्किल
सुखबीर हांसी, बिल्लू खटकड़, सुखविंद्र जींद, विक्रम हांसी, साहिल हांसी, कुलदीप झज्जर, काशी झज्जर का कहना है कि तूड़े के कारोबार में अब बचत नहीं हो रही। अब तूड़े के कारोबार के सहारे जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। आरटीए की टीम के चालान से हर जिले के कारोबारी परेशान हैं। उनका आरोप है कि आरटीए की टीम कभी ओवरलोड होने का कारण बताया जाता है तो कभी गाड़ी की चौड़ाई ज्यादा होने के कारण जाम लगने का कारण बताकर उनकी गाड़ी का चालान कर दिया जाता है। उनके द्वारा बार-बार मिन्नतें करने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पाती। ऐसे में आरटीए टीम अपनी मनमानी कर गाड़ियों के चालान कर देती है।

20जेएनडी11-प्रदेशभर से तूड़े की गाड़ियों को लेकर पहुंचे कारोबारी। संवाद