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Jind News: फैमिली आईडी अलग बनाने का विकल्प बंद
Mon, 09 Sep 2024 03:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 09 Sep 2024 03:50 AM IST
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07जेएनडी08-नागरिक सूचना एवं संसाधन विभाग कार्यालय में कार्य करता कर्मचारी। संवाद
जींद। जिले के जिन लोगों की सालाना आय कम है और वह अपने परिवार से अलग परिवार पहचान पत्र बनवाना चाहते हैं, तो उन्हें अभी फैमिली आईडी के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
इसको लेकर विभाग ने विधानसभा चुनाव को लेकर लगी आचार संहिता के चलते परिवार पहचान पत्र बनाने वाला ऑप्शन ही बंद कर दिया है। अब चुनाव होने के बाद ही ऑप्शन खोला जाएगा।
इसके बाद परिवार पहचान पत्र बनाए जाएंगे। हालांकि अभी परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए लोग नागरिक सूचना एवं संसाधन विभाग ( क्रीड) कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन क्रीड ने अब अलग पीपीपी बनाना बंद कर दिया है।
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पीपीपी में नए सदस्य अब भी जोड़े जा सकेंगे। पीपीपी के अन्य विकल्प भी पहले की तरह चालू रहेंगे।परिवार की आमदनी कम कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए परिवारों में बिखराव की स्थिति बनी थी।
परिवार में बूढ़े-माता पिता को भी परिवार से सिर्फ इसलिए अलग दिखाया जा रहा था कि उनकी बुजुर्ग पेंशन बन सके, लेकिन अब क्रीड ने अलग से परिवार पहचान पत्र बनाने बंद कर दिए हैं।
जिले में करीब 3.90 लाख से अधिक परिवार पहचान पत्र बन चुके हैं। इन परिवारों में कोई भी परिवार नया सदस्य जुड़वा तो सकता है, लेकिन अलग से किसी सदस्य का पीपीपी नहीं बनवा सकता। ये विकल्प अब बंद कर दिया है। यानी कि एक परिवार में चार सदस्य हैं और वे सालाना इनकम कम करवाने के लिए बूढ़े माता-पिता को अकेला छोड़ रहे हैं, ताकि उनकी आमदनी कम हो जाए और उनका बीपीएल सूची में नाम शामिल होने पर सस्ता राशन भी आने लगे। संवादा
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इसको लेकर विभाग ने विधानसभा चुनाव को लेकर लगी आचार संहिता के चलते परिवार पहचान पत्र बनाने वाला ऑप्शन ही बंद कर दिया है। अब चुनाव होने के बाद ही ऑप्शन खोला जाएगा।
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इसके बाद परिवार पहचान पत्र बनाए जाएंगे। हालांकि अभी परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए लोग नागरिक सूचना एवं संसाधन विभाग ( क्रीड) कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन क्रीड ने अब अलग पीपीपी बनाना बंद कर दिया है।
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पीपीपी में नए सदस्य अब भी जोड़े जा सकेंगे। पीपीपी के अन्य विकल्प भी पहले की तरह चालू रहेंगे।परिवार की आमदनी कम कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए परिवारों में बिखराव की स्थिति बनी थी।
परिवार में बूढ़े-माता पिता को भी परिवार से सिर्फ इसलिए अलग दिखाया जा रहा था कि उनकी बुजुर्ग पेंशन बन सके, लेकिन अब क्रीड ने अलग से परिवार पहचान पत्र बनाने बंद कर दिए हैं।
जिले में करीब 3.90 लाख से अधिक परिवार पहचान पत्र बन चुके हैं। इन परिवारों में कोई भी परिवार नया सदस्य जुड़वा तो सकता है, लेकिन अलग से किसी सदस्य का पीपीपी नहीं बनवा सकता। ये विकल्प अब बंद कर दिया है। यानी कि एक परिवार में चार सदस्य हैं और वे सालाना इनकम कम करवाने के लिए बूढ़े माता-पिता को अकेला छोड़ रहे हैं, ताकि उनकी आमदनी कम हो जाए और उनका बीपीएल सूची में नाम शामिल होने पर सस्ता राशन भी आने लगे। संवादा