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दलाल ने 55 हजार में तय किया था सौदा, जांच के बाद चिकित्सक बोली-लड्डू बांटो
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अल्ट्रासाउंड मशीन को सील करते सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह।
- फोटो : Jind
जींद। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को शहर के बाल भवन रोड स्थित निजी अस्पताल में भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ किया। विभाग की टीम ने एक महिला की मदद से दलाल के साथ 55 हजार में सौदा तय किया। इसके बाद अस्पताल में महिला चिकित्सक ने महिला (डमी ग्राहक) का अल्ट्रासाउंड जांच कर कहा कि लड्डू बांट दो। इसका इशारा साफ था। इसके बाद जब महिला बाहर निकली तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी। लेकिन इससे पहले ही दलाल और महिला चिकित्सक फरार हो गए। सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह की देखरेख में विभाग की टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन व कमरे को सील कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जांच में सामने आया कि अस्पताल में महिला का अल्ट्रासाउंड करने के लिए फार्म-एफ तक नहीं भरा गया, जिसमें उसकी पूरी जानकारी होती है। इसके अलावा महिला को अस्पताल की पर्ची तक नहीं काटी गई। सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि विभाग के पास निजी अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच करने की शिकायतें लगातार मिल रही थी। इस पर विभाग की टीम ने एक गर्भवती महिला को डम्मी ग्राहक बना कर दलाल से संपर्क किया। दलाल ने बताया कि 55 हजार रुपये में भ्रूण लिंग परीक्षण हो जाएगा। इस पर महिला ने 55 हजार रुपये दे दिए। मंगलवार को दलाल ने फोन करके बताया कि दोपहर बाद उसका अल्ट्रासाउंड बाल भवन रोड स्थित अस्पताल में होगा। इसके बाद विभाग की टीम सक्रिय हो गई और सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह खुद टीम के साथ बाल भवन रोड पर पहुंच गए और दलाल महिला को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए अस्पताल में ले गया। जहां बिना कागजात लिए ही महिला को अल्ट्रासाउंड रूम में ले गए और महिला चिकित्सक ने उसका अल्ट्रासाउंड किया और बधाई दी। महिला के बाहर आते ही विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की। इस दौरान दलाल और महिला चिकित्सक भाग निकले।
अस्पताल में मिलीं खामियां
जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिस कमरे में अल्ट्रासाउंड मशीन लगी हुई है। उस कमरे के जब सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो वह खराब मिला। इसके अलावा महिला का कोई भी रिकॉर्ड अस्पताल में नहीं बनाया गया। अस्पताल के बाहर कहीं सीसीटीवी कैमरे चलते नहीं मिले। अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि कैमरे कई दिन से खराब हैं।
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छह महीने में चार घटनाएं
जिले में भ्रूण लिंग परीक्षण व गर्भपात का काम बड़े स्तर पर चल रहा है। पिछले छह महीने में चार मामले सामने आ चुके हैं। एक मामला सफीदों में आया था, जहां गर्भपात किया गया। दूसरा मामला जींद के भिवानी रोड पर मिला था। यहां भी गर्भपात किया गया था। तीसरा मामला गोहाना रोड पर आया था, जहां एमटीपी किट से गर्भपात किया गया। मंगलवार को लिंग परीक्षण का मामला सामने आया है।
रिश्तों की दुहाई देते नजर आए अस्पताल कर्मी
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में दबिश दी तो महिला चिकित्सक फरार हो गई। वहीं अस्पताल का स्टाफ अधिकारियों से रिश्तों की दुहाई देते नजर आए। एक नर्स ने अधिकारी से कहा कि मैडम आपकी बहुत तारीफ करती हैं। इस पर अधिकारी ने कहा कि क्या करें, अर्जुन ने भी अपने गुरु के खिलाफ शस्त्र उठाए थे। अब वे मजबूर हैं। हां मैडम अच्छी हैं, लेकिन मैं बंधा हुआ हूं। कार्रवाई तो करनी पड़ेगी।
पीएनडीटी एक्ट के तहत गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड करते समय उसका नाम रजिस्टर में दर्ज करना होता है और एफ फार्म भरवाना होता है। इसमें महिला की पूरी जानकारी देनी होती है। महिला के साथ उसके पति की आईडी की फोटो कॉपी लेनी होती है। ऐसे में जब इस अस्पताल का रिकॉर्ड जांचा गया तो छह अल्ट्रासाउंड का रिकॉर्ड दर्ज मिला, डम्मी ग्राहक महिला का रिकॉर्ड नहीं मिला। अब विभाग इंजीनियर को बुलाकर अल्ट्रासाउंड मशीन की जांच करवाएगी।
- डॉ. मनजीत सिंह सिविल सर्जन जींद।
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जांच में सामने आया कि अस्पताल में महिला का अल्ट्रासाउंड करने के लिए फार्म-एफ तक नहीं भरा गया, जिसमें उसकी पूरी जानकारी होती है। इसके अलावा महिला को अस्पताल की पर्ची तक नहीं काटी गई। सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि विभाग के पास निजी अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच करने की शिकायतें लगातार मिल रही थी। इस पर विभाग की टीम ने एक गर्भवती महिला को डम्मी ग्राहक बना कर दलाल से संपर्क किया। दलाल ने बताया कि 55 हजार रुपये में भ्रूण लिंग परीक्षण हो जाएगा। इस पर महिला ने 55 हजार रुपये दे दिए। मंगलवार को दलाल ने फोन करके बताया कि दोपहर बाद उसका अल्ट्रासाउंड बाल भवन रोड स्थित अस्पताल में होगा। इसके बाद विभाग की टीम सक्रिय हो गई और सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह खुद टीम के साथ बाल भवन रोड पर पहुंच गए और दलाल महिला को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए अस्पताल में ले गया। जहां बिना कागजात लिए ही महिला को अल्ट्रासाउंड रूम में ले गए और महिला चिकित्सक ने उसका अल्ट्रासाउंड किया और बधाई दी। महिला के बाहर आते ही विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की। इस दौरान दलाल और महिला चिकित्सक भाग निकले।
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अस्पताल में मिलीं खामियां
जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिस कमरे में अल्ट्रासाउंड मशीन लगी हुई है। उस कमरे के जब सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो वह खराब मिला। इसके अलावा महिला का कोई भी रिकॉर्ड अस्पताल में नहीं बनाया गया। अस्पताल के बाहर कहीं सीसीटीवी कैमरे चलते नहीं मिले। अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि कैमरे कई दिन से खराब हैं।
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छह महीने में चार घटनाएं
जिले में भ्रूण लिंग परीक्षण व गर्भपात का काम बड़े स्तर पर चल रहा है। पिछले छह महीने में चार मामले सामने आ चुके हैं। एक मामला सफीदों में आया था, जहां गर्भपात किया गया। दूसरा मामला जींद के भिवानी रोड पर मिला था। यहां भी गर्भपात किया गया था। तीसरा मामला गोहाना रोड पर आया था, जहां एमटीपी किट से गर्भपात किया गया। मंगलवार को लिंग परीक्षण का मामला सामने आया है।
रिश्तों की दुहाई देते नजर आए अस्पताल कर्मी
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में दबिश दी तो महिला चिकित्सक फरार हो गई। वहीं अस्पताल का स्टाफ अधिकारियों से रिश्तों की दुहाई देते नजर आए। एक नर्स ने अधिकारी से कहा कि मैडम आपकी बहुत तारीफ करती हैं। इस पर अधिकारी ने कहा कि क्या करें, अर्जुन ने भी अपने गुरु के खिलाफ शस्त्र उठाए थे। अब वे मजबूर हैं। हां मैडम अच्छी हैं, लेकिन मैं बंधा हुआ हूं। कार्रवाई तो करनी पड़ेगी।
पीएनडीटी एक्ट के तहत गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड करते समय उसका नाम रजिस्टर में दर्ज करना होता है और एफ फार्म भरवाना होता है। इसमें महिला की पूरी जानकारी देनी होती है। महिला के साथ उसके पति की आईडी की फोटो कॉपी लेनी होती है। ऐसे में जब इस अस्पताल का रिकॉर्ड जांचा गया तो छह अल्ट्रासाउंड का रिकॉर्ड दर्ज मिला, डम्मी ग्राहक महिला का रिकॉर्ड नहीं मिला। अब विभाग इंजीनियर को बुलाकर अल्ट्रासाउंड मशीन की जांच करवाएगी।
- डॉ. मनजीत सिंह सिविल सर्जन जींद।

अस्पताल के बाहर खड़ी पुलिस टीम।- फोटो : Jind