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Jind News: नोटिस व निलंबन के विरोध में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन तेज, पांच ने कराया सामूहिक मुंडन
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04जेएनडी04: शहर के पुराने बस स्टैंड के सामने लगे कूड़े के ढेर। संवाद
जींद। सफाई कर्मचारियों और प्रशासन के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। नोटिस और निलंबन की कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने रानी तालाब पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और पांच कर्मचारियों ने सामूहिक मुंडन करवाकर रोष जताया।
सफाई कर्मचारियों के जिला प्रधान सोहनलाल का कहना है कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पांच सितंबर तक ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। आंदोलन के दौरान अब तक 14 सफाई कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं।
शहर में 180 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। दो दिनों से शहर की सफाई व्यवस्था फिर प्रभावित हुई है। सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर बढ़ने लगे हैं। शहर में करीब 500 टन कूड़ा जगह-जगह पड़ा है। कई स्थानों पर कूड़ा उठान नहीं होने के साथ डोर-टू-डोर कलेक्शन व्यवस्था भी प्रभावित है।
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प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को संभालने के लिए अलग से कर्मचारियों को कूड़ा उठान के काम में लगाया है लेकिन सभी स्थानों से नियमित उठान नहीं हो पा रहा है। इससे पहले प्रशासन ने 171 सफाई कर्मचारियों को पांच सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने का नोटिस जारी किया था।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय तक काम पर नहीं लौटने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। जिला सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सोहनलाल को निलंबित किया जा चुका है।
पुलिस बल के साथ प्रशासन ने करवाई सफाई, फिर बिगड़े हालात
हड़ताल के दौरान प्रशासन की ओर से पुलिस बल की मौजूदगी में शहर के विभिन्न हिस्सों में सफाई करवाई गई थी। इसके लिए वैकल्पिक कर्मचारियों और संसाधनों की मदद ली गई। कुछ स्थानों से कूड़ा उठाया गया लेकिन सफाई कर्मचारियों के विरोध के चलते व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी।
गंदगी के कारण मच्छर-मक्खियों की संख्या बढ़ने की आशंका
शहर वासियों का कहना है कि कूड़ा सड़कों पर पड़ा रहने से बदबू फैल रही है। खुले में पड़े कूड़े में बारिश का पानी जमा होने और गंदगी के कारण मच्छर-मक्खियों की संख्या बढ़ने की आशंका है। इससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। कूड़े से निकलने वाली दुर्गंध और धूल से सांस संबंधी परेशानी भी बढ़ सकती है।
डिप्टी स्पीकर के आवास तक करेंगे मार्च
जिला सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सोहनलाल ने कहा कि सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शनिवार को रानी तालाब से डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा के आवास तक विरोध प्रदर्शन करेंगे और उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे। वह लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं लेकिन प्रशासन की ओर से नोटिस और निलंबन जैसी कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों ने कार्रवाई को वापस लेने की मांग की है।
डीसी ने कहा- आंदोलन शांतिपूर्ण रखें, पुलिस से टकराव न करें
डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में संबंधित अधिकारियों और सफाई संघ के कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। डीसी ने कहा कि कर्मचारी अपनी बात रखने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर सकते हैं लेकिन कानून व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। आमजन को परेशानी से बचाने और शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से आपसी सहयोग और समन्वय की अपील की गई।
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सफाई कर्मचारियों के जिला प्रधान सोहनलाल का कहना है कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पांच सितंबर तक ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। आंदोलन के दौरान अब तक 14 सफाई कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं।
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शहर में 180 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। दो दिनों से शहर की सफाई व्यवस्था फिर प्रभावित हुई है। सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर बढ़ने लगे हैं। शहर में करीब 500 टन कूड़ा जगह-जगह पड़ा है। कई स्थानों पर कूड़ा उठान नहीं होने के साथ डोर-टू-डोर कलेक्शन व्यवस्था भी प्रभावित है।
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प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को संभालने के लिए अलग से कर्मचारियों को कूड़ा उठान के काम में लगाया है लेकिन सभी स्थानों से नियमित उठान नहीं हो पा रहा है। इससे पहले प्रशासन ने 171 सफाई कर्मचारियों को पांच सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने का नोटिस जारी किया था।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय तक काम पर नहीं लौटने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। जिला सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सोहनलाल को निलंबित किया जा चुका है।
पुलिस बल के साथ प्रशासन ने करवाई सफाई, फिर बिगड़े हालात
हड़ताल के दौरान प्रशासन की ओर से पुलिस बल की मौजूदगी में शहर के विभिन्न हिस्सों में सफाई करवाई गई थी। इसके लिए वैकल्पिक कर्मचारियों और संसाधनों की मदद ली गई। कुछ स्थानों से कूड़ा उठाया गया लेकिन सफाई कर्मचारियों के विरोध के चलते व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी।
गंदगी के कारण मच्छर-मक्खियों की संख्या बढ़ने की आशंका
शहर वासियों का कहना है कि कूड़ा सड़कों पर पड़ा रहने से बदबू फैल रही है। खुले में पड़े कूड़े में बारिश का पानी जमा होने और गंदगी के कारण मच्छर-मक्खियों की संख्या बढ़ने की आशंका है। इससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। कूड़े से निकलने वाली दुर्गंध और धूल से सांस संबंधी परेशानी भी बढ़ सकती है।
डिप्टी स्पीकर के आवास तक करेंगे मार्च
जिला सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सोहनलाल ने कहा कि सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शनिवार को रानी तालाब से डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा के आवास तक विरोध प्रदर्शन करेंगे और उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे। वह लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं लेकिन प्रशासन की ओर से नोटिस और निलंबन जैसी कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों ने कार्रवाई को वापस लेने की मांग की है।
डीसी ने कहा- आंदोलन शांतिपूर्ण रखें, पुलिस से टकराव न करें
डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में संबंधित अधिकारियों और सफाई संघ के कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। डीसी ने कहा कि कर्मचारी अपनी बात रखने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर सकते हैं लेकिन कानून व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। आमजन को परेशानी से बचाने और शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से आपसी सहयोग और समन्वय की अपील की गई।

04जेएनडी04: शहर के पुराने बस स्टैंड के सामने लगे कूड़े के ढेर। संवाद