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रास कामुक क्रीड़ा नहीं, जीवात्मा का परमात्मा से मिलन है : धर्मपाल

Sun, 08 Feb 2026 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 08 Feb 2026 12:03 AM IST
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Raas is not a sexual play, it is the union of the soul with the Supreme Soul: Dharampal
07जेएनडी29: राधा कृष्ण रूप बच्चे झांकी में। संवाद। - फोटो : टूंडला स्टेशन पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का स्वागत करते भाजपाई संगठन
नरवाना। बाबा गैबी साहब मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन की शुरुआत शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण-राधा की झांकी और रुक्मिणी विवाह के मंचन से हुई।
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कथा व्यास धर्मपाल शास्त्री नाभा ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का वर्णन किया। कथा में मुख्य रूप से महारास, मथुरा गमन, कंस वध और रुक्मिणी विवाह के प्रसंगों पर केंद्रित रही। महारास प्रसंग की व्याख्या करते हुए व्यास ने कहा कि रास कोई कामुक क्रीड़ा नहीं बल्कि जीवात्मा का परमात्मा से मिलन है।
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गोपियों की अनन्य भक्ति और भगवान की वेणु ध्वनि का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि महारास काम पर विजय का प्रतीक है। ‘रास पंचाध्यायी’ के पाठ के दौरान श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए और पंडाल वृंदावन मय हो गया। यशोदा मैया और गोपियों के विरह का मार्मिक वर्णन सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
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महंत अजयगिरि महाराज ने कहा कि भक्ति में विरह भी प्रेम की पराकाष्ठा है। कथा के अगले चरण में मथुरा पहुंचकर श्रीकृष्ण द्वारा कुब्जा उद्धार, धनुष यज्ञ का भंग और अत्याचारी राजा कंस के वध का प्रसंग सुनाया गया। व्यास जी ने कहा कि कंस वध अधर्म और अहंकार के विनाश का प्रतीक है तथा जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।
छठे दिन का मुख्य आकर्षण रुक्मिणी विवाह उत्सव रहा जिसमें श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और मंगल गीतों के साथ उत्सव मनाया। कथा में मुख्य यजमान अजय मिर्धा के साथ तरसेम शर्मा, राजबीर मोर, अशोक मिर्धा, पार्षद आशुतोष शर्मा, काकू शर्मा, अंचल मित्तल, बिंदर मिर्धा, विनोद मंगला, सुभाष चहल, महेंद्र गर्ग, मप्पल शर्मा, सत्यप्रकाश सैनी, रमेश मोर, पंडित विकास पुजारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु व शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गईं।

कथा के सातवें व अंतिम दिन सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष और व्यास पूजन के साथ कथा का समापन होगा। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

07जेएनडी29: राधा कृष्ण रूप बच्चे झांकी में। संवाद।

07जेएनडी29: राधा कृष्ण रूप बच्चे झांकी में। संवाद।- फोटो : टूंडला स्टेशन पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का स्वागत करते भाजपाई संगठन

07जेएनडी29: राधा कृष्ण रूप बच्चे झांकी में। संवाद।

07जेएनडी29: राधा कृष्ण रूप बच्चे झांकी में। संवाद।- फोटो : टूंडला स्टेशन पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का स्वागत करते भाजपाई संगठन

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