{"_id":"631a409e4ba40040997a20e9","slug":"passed-neet-after-studying-in-government-school-jind-news-rtk65747338","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी स्कूल में पढ़कर पास की नीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी स्कूल में पढ़कर पास की नीट
विज्ञापन
जुलाना । जहां अभिभावकों और छात्रों को सरकारी स्कूलों से मोह भंग हो रहा है वहीं मालवी गांव की छात्रा पारुल ने इस धारणा को बदलते हुए सरकारी स्कूल में पढ़ कर नीट की परीक्षा पास की है।
पारुल के पिता दल सिंह जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। माता गृहणी हैं। दल सिंह ने बताया कि उनके परिवार का सपना था कि उनके परिवार का कोई बच्चा डॉक्टर बने और परिवार का नाम रोशन करे। पारुल ने सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए इसी वर्ष 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। दसवीं में भी पारुल ने पूरे प्रदेश भर में टॉप टेन में स्थान बनाया था। छात्रा के दादा पूर्व सरपंच रविदत्त ने बताया कि पारुल बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थी। शुरू से ही उन्हें लगता था कि उनकी पोती परिवार के सपने को जरूर पूरा करेगी और उसने उसे पूरा करके अपने आप को साबित भी किया है।
पारुल ने बताया कि उसने अपनी पूरी दिनचर्या बनाकर रखी थी। वह लगभग पूरे दिन में 16 घंटे पढ़ती थी। घर पर माता के साथ भी रसोई के काम में हाथ बंटाती है। बचपन से ही डॉक्टर बनकर देश की सेवा करने की इच्छा थी। उसने नीट की परीक्षा में 647 अंक प्राप्त कर एमबीबीएस का रास्ता साफ किया। पूरे देश भर में 101 वां रैंक हासिल किया है।
विज्ञापन
मालवी बनना चाहती है प्रोफेसर
मालवी गांव के किसान शमशेर की बेटी गीतू गीतू के परीक्षा पास करने से परिवार में खुशी का माहौल है। शमशेर शर्मा ने बताया कि गीतू ने बारहवीं की परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। गीतू का सपना है कि वो बीएससी के बाद एमएससी करे और प्रोफेसर बनकर देश की सेवा करे।
विज्ञापन
पारुल के पिता दल सिंह जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। माता गृहणी हैं। दल सिंह ने बताया कि उनके परिवार का सपना था कि उनके परिवार का कोई बच्चा डॉक्टर बने और परिवार का नाम रोशन करे। पारुल ने सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए इसी वर्ष 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। दसवीं में भी पारुल ने पूरे प्रदेश भर में टॉप टेन में स्थान बनाया था। छात्रा के दादा पूर्व सरपंच रविदत्त ने बताया कि पारुल बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थी। शुरू से ही उन्हें लगता था कि उनकी पोती परिवार के सपने को जरूर पूरा करेगी और उसने उसे पूरा करके अपने आप को साबित भी किया है।
विज्ञापन
पारुल ने बताया कि उसने अपनी पूरी दिनचर्या बनाकर रखी थी। वह लगभग पूरे दिन में 16 घंटे पढ़ती थी। घर पर माता के साथ भी रसोई के काम में हाथ बंटाती है। बचपन से ही डॉक्टर बनकर देश की सेवा करने की इच्छा थी। उसने नीट की परीक्षा में 647 अंक प्राप्त कर एमबीबीएस का रास्ता साफ किया। पूरे देश भर में 101 वां रैंक हासिल किया है।
विज्ञापन
मालवी बनना चाहती है प्रोफेसर
मालवी गांव के किसान शमशेर की बेटी गीतू गीतू के परीक्षा पास करने से परिवार में खुशी का माहौल है। शमशेर शर्मा ने बताया कि गीतू ने बारहवीं की परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। गीतू का सपना है कि वो बीएससी के बाद एमएससी करे और प्रोफेसर बनकर देश की सेवा करे।