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Jind News: वन स्कूल एप पोर्टल पर 5 तक छात्रवृत्ति डाटा अपडेट करने के आदेश
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जींद। हरियाणा शिक्षा विभाग ने अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग-ए और बीपीएल श्रेणी के पात्र विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की तृतीय तिमाही से संबंधित डाटा अपडेट करने को लेकर शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षा विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि छात्रवृत्ति का लाभ समय पर विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए वन स्कूल एप पोर्टल पर उपस्थिति हाजिरी के आधार पर डाटा पांच जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाए।
छात्रवृत्ति वितरण पूरी तरह विद्यार्थियों की उपस्थिति पर आधारित है। इसलिए विद्यालय स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
डाटा अपडेट न करने पर स्कूल प्राचार्य होंगे जिम्मेदार
शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी विद्यालय की ओर से पात्र छात्र-छात्राओं की उपस्थिति से संबंधित डाटा समय पर अपडेट नहीं किया गया तो इसके लिए प्राचार्य जिम्मेदार होंगे। छात्रवृत्ति वितरण में देरी या किसी छात्र के लाभ से वंचित होने की जिम्मेदारी भी विद्यालय स्तर पर तय की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हर वर्ष डाटा अपडेट में देरी के कारण छात्रवृति वितरण प्रभावित होता है, जिससे जरूरतमंद विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता समय पर नहीं मिल पाती। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से ही समय तय कर दिया है ताकि सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से पूरी की जा सकें।
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वर्जन
पांच जनवरी 2026 तक सभी पात्र छात्र-छात्राओं का छात्रवृति डाटा वन स्कूल एप पोर्टल पर अपडेट करवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ना हो और उन पर आर्थिक बोझ ना पड़े। -जिला शिक्षा अधिकारी,रितु पंघाल।
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शिक्षा विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि छात्रवृत्ति का लाभ समय पर विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए वन स्कूल एप पोर्टल पर उपस्थिति हाजिरी के आधार पर डाटा पांच जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाए।
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छात्रवृत्ति वितरण पूरी तरह विद्यार्थियों की उपस्थिति पर आधारित है। इसलिए विद्यालय स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
डाटा अपडेट न करने पर स्कूल प्राचार्य होंगे जिम्मेदार
शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी विद्यालय की ओर से पात्र छात्र-छात्राओं की उपस्थिति से संबंधित डाटा समय पर अपडेट नहीं किया गया तो इसके लिए प्राचार्य जिम्मेदार होंगे। छात्रवृत्ति वितरण में देरी या किसी छात्र के लाभ से वंचित होने की जिम्मेदारी भी विद्यालय स्तर पर तय की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हर वर्ष डाटा अपडेट में देरी के कारण छात्रवृति वितरण प्रभावित होता है, जिससे जरूरतमंद विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता समय पर नहीं मिल पाती। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से ही समय तय कर दिया है ताकि सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से पूरी की जा सकें।
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वर्जन
पांच जनवरी 2026 तक सभी पात्र छात्र-छात्राओं का छात्रवृति डाटा वन स्कूल एप पोर्टल पर अपडेट करवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ना हो और उन पर आर्थिक बोझ ना पड़े। -जिला शिक्षा अधिकारी,रितु पंघाल।