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Jind News: हमारी नर्सरी....नगूरां की वॉलीबाल खेल नर्सरी संवार रही युवाओं का भविष्य
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खेल नर्सरी के फोटो। संवाद
जींद। गांव नगूरां की वॉलीबाल खेल नर्सरी युवाओं को खेल के साथ रोजगार और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बन रही है। यहां के खिलाड़ी न सिर्फ मैदान में अपना दमखम दिखा रहे हैं बल्कि खेल कोटे के जरिये सरकारी नौकरियां हासिल कर अपने परिवार और गांव का भविष्य भी संवार रहे हैं।
नर्सरी में नियमित अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इससे यह नर्सरी क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की पहचान और तराशने का केंद्र बनती जा रही है।
नर्सरी में तैयारी करने वाले अंकुश दलाल ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर गांव का नाम रोशन किया है। वहीं कुरुक्षेत्र में आयोजित 59वीं राज्य स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता में नर्सरी की टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। नर्सरी की उपलब्धियों का सिलसिला यहीं नहीं रुका।
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अजय और विशाल का अंडर-19 आयु वर्ग में राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबाल टीम के लिए चयन हुआ है। वहीं एक अन्य खिलाड़ी ने अंडर-17 आयु वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाई है। नर्सरी की अंडर-19, अंडर-17 और अंडर-14 आयु वर्ग की टीमें जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर चुकी हैं।
नगूरां की खेल नर्सरी से प्रशिक्षण लेकर कई युवाओं ने खेल कोटे के माध्यम से सरकारी नौकरी हासिल की है। अब तक छह खिलाड़ी सेना और तीन खिलाड़ी रेलवे में नौकरी पा चुके हैं। इससे गांव के दूसरे युवाओं में भी खेल के प्रति रुचि बढ़ी है और अभिभावक अपने बच्चों को नियमित अभ्यास के लिए नर्सरी में भेज रहे हैं।
रोजाना 80 खिलाड़ी करते हैं अभ्यास
खेल नर्सरी में प्रतिदिन करीब 80 खिलाड़ी वॉलीबाल का अभ्यास करते हैं। खिलाड़ियों को सुबह और शाम दो से तीन घंटे तक प्रशिक्षण दिया जाता है। नियमित अभ्यास के साथ खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है। नर्सरी में कोच परवीन कुमार (इंडियन रेलवे) और आजाद खटकड़ (एनआईएस) खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षकों की निगरानी में खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और खेल कौशल पर काम किया जाता है।
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नर्सरी में नियमित अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इससे यह नर्सरी क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की पहचान और तराशने का केंद्र बनती जा रही है।
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नर्सरी में तैयारी करने वाले अंकुश दलाल ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर गांव का नाम रोशन किया है। वहीं कुरुक्षेत्र में आयोजित 59वीं राज्य स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता में नर्सरी की टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। नर्सरी की उपलब्धियों का सिलसिला यहीं नहीं रुका।
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अजय और विशाल का अंडर-19 आयु वर्ग में राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबाल टीम के लिए चयन हुआ है। वहीं एक अन्य खिलाड़ी ने अंडर-17 आयु वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाई है। नर्सरी की अंडर-19, अंडर-17 और अंडर-14 आयु वर्ग की टीमें जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर चुकी हैं।
नगूरां की खेल नर्सरी से प्रशिक्षण लेकर कई युवाओं ने खेल कोटे के माध्यम से सरकारी नौकरी हासिल की है। अब तक छह खिलाड़ी सेना और तीन खिलाड़ी रेलवे में नौकरी पा चुके हैं। इससे गांव के दूसरे युवाओं में भी खेल के प्रति रुचि बढ़ी है और अभिभावक अपने बच्चों को नियमित अभ्यास के लिए नर्सरी में भेज रहे हैं।
रोजाना 80 खिलाड़ी करते हैं अभ्यास
खेल नर्सरी में प्रतिदिन करीब 80 खिलाड़ी वॉलीबाल का अभ्यास करते हैं। खिलाड़ियों को सुबह और शाम दो से तीन घंटे तक प्रशिक्षण दिया जाता है। नियमित अभ्यास के साथ खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है। नर्सरी में कोच परवीन कुमार (इंडियन रेलवे) और आजाद खटकड़ (एनआईएस) खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षकों की निगरानी में खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और खेल कौशल पर काम किया जाता है।