{"_id":"63dc86e8a95c881fce2d6003","slug":"na-jind-news-c-17-1-55080-2023-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: जिला परिषद चेयरपर्सन की मनीषा रंधावा और उपाध्यक्ष सतीश हथवाला ने ली शपथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: जिला परिषद चेयरपर्सन की मनीषा रंधावा और उपाध्यक्ष सतीश हथवाला ने ली शपथ
Fri, 03 Feb 2023 09:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 03 Feb 2023 09:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिला परिषद की चेयरपर्सन मनीषा रंधावा और उपाध्यक्ष सतीश हथवाला ने वीरवार को डीआरडीए हाॅल में पद और गोपनीयता की शपथ ली। डीसी डॉ. मनोज कुमार ने शपथ दिलाई। इसके बाद चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष ने पदभार संभालते ही अपने-अपने कार्यालयों में जाकर विकास कार्यों की रणनीति बनाई। दो वर्ष से दोनों पदों की कुर्सी खाली पड़ी थी। शपथ ग्रहण के बाद अब विकास कार्यों की उम्मीद जताई जा रही है।
नव नियुक्त चेयरपर्सन मनीषा रंधावा और उपाध्यक्ष सतीश हथवाला ने शपथ लेने के बाद कहा कि वे जिले के सभी जिला पार्षदों से बिना किसी भेदभाव व ईमानदारी के साथ मिलकर विकास परियोजनाओं पर कार्य करेंगे। राज्य सरकार की गठबंधन सरकार के मूल सिद्धांतों पर चलते हुए सबका साथ-सबका विकास की भावना से जिला परिषद के सभी वार्डों में नि:स्वार्थ भाव से एक समान विकास कार्य करवाएं जाएंगे। जिला परिषद के सभी सदस्यों को विकास के मामले में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी और उनका पूरा सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले को विकास के मामले में पीछे नहीं रहने दिया जाएगा।
चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष ने अपनी प्राथमिकताएं भी गिनाईं। कहा कि जिले के जिन गांवों में पेयजल, जलनिकासी की परेशानी है। इनके सुधार के लिए आगामी दस दिन के अंदर सभी पार्षदों की बैठक लेकर समस्या दूर करने के लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा। पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त होगी। जलनिकासी की व्यवस्था करवाई जाएगी ताकि कहीं पर भी लोगों को गलियों में गंदगी का सामना न करना पड़े। गांवों में ई-लाइब्रेरी और जिम खुलवाई जाएगी। इसके अलावा जो भी गांवों में विकास कार्य लंबित हैं। उनको पूरा करवाया जाएगा।
विज्ञापन
चेयरपर्सन की कुर्सी पर 23 वर्षो से महिलाओं का कब्जा
जिला परिषद चेयरपर्सन की कुर्सी पर जून 2000 से अब तक लगातार महिलाओं का कब्जा है। हालांकि पिछले कार्यकाल में पद्मा सिंगला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद उनकी कुर्सी छीन गई थी। इस दौरान लगभग पांच महीने तक उपप्रधान ने मार्च 2019 से अगस्त 2019 तक उमेद सिंह रेढू ने कुर्सी संभाली थी। अब तक इस पद पर नियुक्त हुई महिलाओं में पद्मा सिंगला का कार्यकाल ही अधूरा रहा। इसके अलावा सुमित्रा देवी जिले में पहली महिला चेयरपर्सन बनी थीं। उसके बाद सीमा बिरौली व वीना देशवाल इस पद पर अपना पूरा कार्यकाल करके गईं। वर्ष 2016 से 2019 तक पद्मा इस पद पर रहीं। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव में पद्मा सिंगला को पद से हटाया गया। इसके बाद वर्ष 2019 से 21 तक प्रवीन घनघस ने कुर्सी को संभाली। इसके बाद अब मनीषा रंधावा चेयरपर्सन के पद पर नियुक्त हुई हैं। हालांकि जिले में सबसे पहले वर्ष 1995 में गुरनाम सिंह नैन चेयरमैन बने थे। इनका कार्यकाल भी तीन वर्ष 1998 तक ही चला। इनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने पर वर्ष 1998 में भाग सिंह छातर जिला परिषद के चेयरमैन बने थे।
विज्ञापन
जींद। जिला परिषद की चेयरपर्सन मनीषा रंधावा और उपाध्यक्ष सतीश हथवाला ने वीरवार को डीआरडीए हाॅल में पद और गोपनीयता की शपथ ली। डीसी डॉ. मनोज कुमार ने शपथ दिलाई। इसके बाद चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष ने पदभार संभालते ही अपने-अपने कार्यालयों में जाकर विकास कार्यों की रणनीति बनाई। दो वर्ष से दोनों पदों की कुर्सी खाली पड़ी थी। शपथ ग्रहण के बाद अब विकास कार्यों की उम्मीद जताई जा रही है।
नव नियुक्त चेयरपर्सन मनीषा रंधावा और उपाध्यक्ष सतीश हथवाला ने शपथ लेने के बाद कहा कि वे जिले के सभी जिला पार्षदों से बिना किसी भेदभाव व ईमानदारी के साथ मिलकर विकास परियोजनाओं पर कार्य करेंगे। राज्य सरकार की गठबंधन सरकार के मूल सिद्धांतों पर चलते हुए सबका साथ-सबका विकास की भावना से जिला परिषद के सभी वार्डों में नि:स्वार्थ भाव से एक समान विकास कार्य करवाएं जाएंगे। जिला परिषद के सभी सदस्यों को विकास के मामले में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी और उनका पूरा सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले को विकास के मामले में पीछे नहीं रहने दिया जाएगा।
विज्ञापन
चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष ने अपनी प्राथमिकताएं भी गिनाईं। कहा कि जिले के जिन गांवों में पेयजल, जलनिकासी की परेशानी है। इनके सुधार के लिए आगामी दस दिन के अंदर सभी पार्षदों की बैठक लेकर समस्या दूर करने के लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा। पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त होगी। जलनिकासी की व्यवस्था करवाई जाएगी ताकि कहीं पर भी लोगों को गलियों में गंदगी का सामना न करना पड़े। गांवों में ई-लाइब्रेरी और जिम खुलवाई जाएगी। इसके अलावा जो भी गांवों में विकास कार्य लंबित हैं। उनको पूरा करवाया जाएगा।
विज्ञापन
चेयरपर्सन की कुर्सी पर 23 वर्षो से महिलाओं का कब्जा
जिला परिषद चेयरपर्सन की कुर्सी पर जून 2000 से अब तक लगातार महिलाओं का कब्जा है। हालांकि पिछले कार्यकाल में पद्मा सिंगला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद उनकी कुर्सी छीन गई थी। इस दौरान लगभग पांच महीने तक उपप्रधान ने मार्च 2019 से अगस्त 2019 तक उमेद सिंह रेढू ने कुर्सी संभाली थी। अब तक इस पद पर नियुक्त हुई महिलाओं में पद्मा सिंगला का कार्यकाल ही अधूरा रहा। इसके अलावा सुमित्रा देवी जिले में पहली महिला चेयरपर्सन बनी थीं। उसके बाद सीमा बिरौली व वीना देशवाल इस पद पर अपना पूरा कार्यकाल करके गईं। वर्ष 2016 से 2019 तक पद्मा इस पद पर रहीं। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव में पद्मा सिंगला को पद से हटाया गया। इसके बाद वर्ष 2019 से 21 तक प्रवीन घनघस ने कुर्सी को संभाली। इसके बाद अब मनीषा रंधावा चेयरपर्सन के पद पर नियुक्त हुई हैं। हालांकि जिले में सबसे पहले वर्ष 1995 में गुरनाम सिंह नैन चेयरमैन बने थे। इनका कार्यकाल भी तीन वर्ष 1998 तक ही चला। इनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने पर वर्ष 1998 में भाग सिंह छातर जिला परिषद के चेयरमैन बने थे।