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गुरु की शरण से दूर होता है अज्ञान और संशय : स्वामी राघवानंद
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फोटो 20जेएनडी24-डेरा साधान घीसा पंथी निरजन में हुए कार्यक्रम में संबोधित करते महाराज। स्रोत श्
जींद। डेरा साधान घीसा पंथी निर्जन में स्वामी दीप्तानंद अवधूत की 45वीं पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अखिल भारतीय घीसा संत महामंडल के अध्यक्ष स्वामी राघवानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को गुरु, आत्मज्ञान और साधना का महत्व समझाते हुए धर्म एवं सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
स्वामी राघवानंद महाराज ने कहा कि सच्चे गुरु के बिना मनुष्य के संशय और अज्ञान का निवारण संभव नहीं है। सतगुरु ही जीव को काल और माया के बंधन से मुक्त कर सत्य का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सांस-सांस सुमिरन करने और परमात्मा के वास्तविक नाम का स्मरण कर जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को नश्वर संसार की मोह-माया से ऊपर उठकर शाश्वत सत्य की ओर बढ़ना चाहिए। घीसा पंथ जाति-पाति के भेदभाव, मिथ्या कर्मकांड और बाहरी आडंबर से दूर रहकर आंतरिक साधना एवं आत्मज्ञान पर जोर देता है। स्वामी दीप्तानंद महाराज ने इस संदेश को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का कार्य किया।
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स्वामी राघवानंद ने कहा कि व्यक्ति की पहचान ऊंचे कुल में जन्म लेने से नहीं, बल्कि उसके कर्म और आचरण से होती है। इस अवसर पर स्वामी रामेश्वरानंद, स्वामी विज्ञानानंद, स्वामी राजेश्वरानंद, दयानंद सरस्वती, स्वामी परमानंद, स्वामी प्रेमानंद सहित अनेक संत-महात्मा मौजूद रहे।
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स्वामी राघवानंद महाराज ने कहा कि सच्चे गुरु के बिना मनुष्य के संशय और अज्ञान का निवारण संभव नहीं है। सतगुरु ही जीव को काल और माया के बंधन से मुक्त कर सत्य का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सांस-सांस सुमिरन करने और परमात्मा के वास्तविक नाम का स्मरण कर जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि मनुष्य को नश्वर संसार की मोह-माया से ऊपर उठकर शाश्वत सत्य की ओर बढ़ना चाहिए। घीसा पंथ जाति-पाति के भेदभाव, मिथ्या कर्मकांड और बाहरी आडंबर से दूर रहकर आंतरिक साधना एवं आत्मज्ञान पर जोर देता है। स्वामी दीप्तानंद महाराज ने इस संदेश को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का कार्य किया।
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स्वामी राघवानंद ने कहा कि व्यक्ति की पहचान ऊंचे कुल में जन्म लेने से नहीं, बल्कि उसके कर्म और आचरण से होती है। इस अवसर पर स्वामी रामेश्वरानंद, स्वामी विज्ञानानंद, स्वामी राजेश्वरानंद, दयानंद सरस्वती, स्वामी परमानंद, स्वामी प्रेमानंद सहित अनेक संत-महात्मा मौजूद रहे।

फोटो 20जेएनडी24-डेरा साधान घीसा पंथी निरजन में हुए कार्यक्रम में संबोधित करते महाराज। स्रोत श्