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जीवन में बनोगे मुलायम तो प्रतिष्ठा होगी कायम : शिवेंद्र मुनि
Fri, 23 Jun 2023 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 23 Jun 2023 11:51 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
उचाना। अगर जीवन में मुलायम बनोगे तो प्रतिष्ठा कायम होगी। जो वस्तु मुलायम होती है वह सभी को प्रिय लगती है जैसे रूई, मक्खन, फूल। कठोर वस्तु किसी को अच्छी नहीं लगती। जिंदगी में सदा अपने के लिए कठोर ओर दूसरों के लिए नरम बनो। ये बातें 22 पंथ एसएस जैन स्थानक में प्रवचन करते हुए शिवेंद्र मुनि महाराज ने कहीं।
उन्होंने कहा कि कोमलता के अभाव में परिवार में शांति नहीं आ सकती। जो इंसान कठोर होता है धीरे-धीरे उसी की बगावत होनी शुरू हो जाती है। कठोरता जीवन में क्यों आती है। जब जीवन में दया का, करूणा का अभाव हो जाता है। स्वार्थ में भी इंसान कठोर बन जाता है। संसार पार करना है तो मृदुता जरूरी है। कहा कि जिस घर में तीन पीढि़यां एक साथ बैठकर भोजन, भजन करती है। ऐसा घर साक्षात स्वर्ग है। कहा कि संयम के कारण चलना जरूरी है बिना चले घुटने जाम हो जाएंगे। पाचनतंत्र भी खराब हो जाएगा। साधु चलता ज्यादा है रुकता कम है।
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उचाना। अगर जीवन में मुलायम बनोगे तो प्रतिष्ठा कायम होगी। जो वस्तु मुलायम होती है वह सभी को प्रिय लगती है जैसे रूई, मक्खन, फूल। कठोर वस्तु किसी को अच्छी नहीं लगती। जिंदगी में सदा अपने के लिए कठोर ओर दूसरों के लिए नरम बनो। ये बातें 22 पंथ एसएस जैन स्थानक में प्रवचन करते हुए शिवेंद्र मुनि महाराज ने कहीं।
उन्होंने कहा कि कोमलता के अभाव में परिवार में शांति नहीं आ सकती। जो इंसान कठोर होता है धीरे-धीरे उसी की बगावत होनी शुरू हो जाती है। कठोरता जीवन में क्यों आती है। जब जीवन में दया का, करूणा का अभाव हो जाता है। स्वार्थ में भी इंसान कठोर बन जाता है। संसार पार करना है तो मृदुता जरूरी है। कहा कि जिस घर में तीन पीढि़यां एक साथ बैठकर भोजन, भजन करती है। ऐसा घर साक्षात स्वर्ग है। कहा कि संयम के कारण चलना जरूरी है बिना चले घुटने जाम हो जाएंगे। पाचनतंत्र भी खराब हो जाएगा। साधु चलता ज्यादा है रुकता कम है।
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