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वैक्सीनेशन को बढ़ाने के लिए हर तरह की योजना बना रहा स्वास्थ्य विभाग
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लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाते स्वास्थ्य कर्मचारी।
- फोटो : Jind
जिले के लोगों को कोरोना से सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ा रहा है। इसके लिए वह हर तरीका अपना रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग जिले के विभिन्न ईंट भट्ठों, सब्जीमंडी, अनाजमंडी में जाकर कोरोनारोधी वैक्सीन लगाएगा। इसके लिए मोबाइल टीमें गठित की जाएगी। जिले में रोजाना 25 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य विभाग ने तय किया है।
वैक्सीनेशन के मामले में जींद जिला प्रदेश के अन्य जिलों से पीछे है। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक, डीसी, सिविल सर्जन से लेकर सभी कर्मचारी प्रयास कर रहे हैं कि जींद भी वैक्सीनेशन के मामले में दूसरे जिलों के मुकाबले में खड़ा हो सके। स्वास्थ्य विभाग ने ड्राइव इन व ड्राइव थू्र के बाद अब मोबाइल टीमें गठित करके ईंट भट्ठों व हैचरी को लक्ष्य बनाया है ताकि इन स्थानों पर रहने वाले मजदूरों को भी वैक्सीन लगाई जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए शाम तीन बजे से छह बजे तक का समय रखा है। इन तीन घंटों में मोबाइल टीमें इन ईंट भट्ठों व हैचरी पर जाकर यहां रह रहे मजदूरों को वैक्सीन लगाएंगी। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारियों को टीमें बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में 157 ईंट भट्ठे हैं तथा प्रत्येक पर लगभग 200 से अधिक मजदूर काम करते हैं। इसके अलावा अकेले सफीदों क्षेत्र में ही 500 के करीब हैचरी व पोल्ट्री से संबंधित व्यवसाय हैं। इन पर भी हजारों की संख्या में मजदूर काम करते हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इन क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूर अभी भी टीका से दूर हैं क्योंकि इनको टीका लगवाने के लिए समय नहीं मिल पाता। अब स्वास्थ्य विभाग इन स्थानों पर मोबाइल टीमें भेजकर वैक्सीन लगाएगा।
ब्लॉक स्तर पर सभी एसएमओ को मोबाइल टीमें गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह मोबाइल टीमें शाम को तीन बजे से छह बजे तक ईंट भट्ठों, हैचरी व पोल्ट्री फार्मों में जाकर यहां पर काम कर रहे मजदूरों को वैक्सीन लगाएंगी। इससे जिले में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ेगी। इसके अलावा अनाजमंडी, सब्जीमंडी व सामाजिक संस्थाओं के कार्यालयों में जाकर भी वैक्सीन लगाई जाएगी। -डॉ. रघुबीर पूनिया, डिप्टी सिविल सर्जन।
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जिले में बुधवार को हुई बारिश के कारण वैक्सीनेशन का कार्य भी काफी प्रभावित हुआ। पिछले दस दिन से वैक्सीन ने जो रफ्तार पकड़ी थी, वह बुधवार को धराशायी हो गई। बुधवार को महज 3914 लोगों को ही वैक्सीन लग पाई। डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रघुबीर पूनिया ने बताया कि बुधवार को 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 2038 लोगों को पहली तथा 638 को दूसरी डोज लगाई गई। 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 606 लोगों को पहली तथा 232 को दूसरी डोज लगाई गई। 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 289 लोगों को पहली तथा 111 को दूसरी डोज लगाई गई। अब तक जिले के 574503 लोगों को पहली तथा 159428 को दूसरी डोज लग चुकी है।
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वैक्सीनेशन के मामले में जींद जिला प्रदेश के अन्य जिलों से पीछे है। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक, डीसी, सिविल सर्जन से लेकर सभी कर्मचारी प्रयास कर रहे हैं कि जींद भी वैक्सीनेशन के मामले में दूसरे जिलों के मुकाबले में खड़ा हो सके। स्वास्थ्य विभाग ने ड्राइव इन व ड्राइव थू्र के बाद अब मोबाइल टीमें गठित करके ईंट भट्ठों व हैचरी को लक्ष्य बनाया है ताकि इन स्थानों पर रहने वाले मजदूरों को भी वैक्सीन लगाई जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए शाम तीन बजे से छह बजे तक का समय रखा है। इन तीन घंटों में मोबाइल टीमें इन ईंट भट्ठों व हैचरी पर जाकर यहां रह रहे मजदूरों को वैक्सीन लगाएंगी। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारियों को टीमें बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में 157 ईंट भट्ठे हैं तथा प्रत्येक पर लगभग 200 से अधिक मजदूर काम करते हैं। इसके अलावा अकेले सफीदों क्षेत्र में ही 500 के करीब हैचरी व पोल्ट्री से संबंधित व्यवसाय हैं। इन पर भी हजारों की संख्या में मजदूर काम करते हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इन क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूर अभी भी टीका से दूर हैं क्योंकि इनको टीका लगवाने के लिए समय नहीं मिल पाता। अब स्वास्थ्य विभाग इन स्थानों पर मोबाइल टीमें भेजकर वैक्सीन लगाएगा।
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ब्लॉक स्तर पर सभी एसएमओ को मोबाइल टीमें गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह मोबाइल टीमें शाम को तीन बजे से छह बजे तक ईंट भट्ठों, हैचरी व पोल्ट्री फार्मों में जाकर यहां पर काम कर रहे मजदूरों को वैक्सीन लगाएंगी। इससे जिले में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ेगी। इसके अलावा अनाजमंडी, सब्जीमंडी व सामाजिक संस्थाओं के कार्यालयों में जाकर भी वैक्सीन लगाई जाएगी। -डॉ. रघुबीर पूनिया, डिप्टी सिविल सर्जन।
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जिले में बुधवार को हुई बारिश के कारण वैक्सीनेशन का कार्य भी काफी प्रभावित हुआ। पिछले दस दिन से वैक्सीन ने जो रफ्तार पकड़ी थी, वह बुधवार को धराशायी हो गई। बुधवार को महज 3914 लोगों को ही वैक्सीन लग पाई। डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रघुबीर पूनिया ने बताया कि बुधवार को 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 2038 लोगों को पहली तथा 638 को दूसरी डोज लगाई गई। 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 606 लोगों को पहली तथा 232 को दूसरी डोज लगाई गई। 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 289 लोगों को पहली तथा 111 को दूसरी डोज लगाई गई। अब तक जिले के 574503 लोगों को पहली तथा 159428 को दूसरी डोज लग चुकी है।