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करसोला में भूख हड़ताल पर बैठीं छात्राएं, गढ़वाली में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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करसोला गांव में स्कूल के बाहर भूख हड़ताल पर बैठीं छात्राएं। संवाद
- फोटो : Jind
जुलाना। गढ़वाली गांव में नई शिक्षा नीति के विरोध में ग्रामीणों ने वीरवार को स्कूल में पहुंचकर रोष प्रदर्शन किया। रेशनेलाइजेशन पॉलिसी के तहत स्कूल से कई अध्यापकों के पद को खत्म किया जा रहा है। जिससे छात्रों और अभिभावकों में सरकार के खिलाफ रोष बना हुआ है।
गढ़वाली गांव निवासी सुभाष राठी, रमेश, उमेद, मनजीत, जिले सिंह ने बताया कि गांव में काफी पुराना स्कूल है जिसमें 389 छात्र हैं और उनमें से 248 छात्राएं है। सरकार द्वारा स्कूल की सुध लेने की बजाए स्कूल से सात अध्यापकों के पदों को ही समाप्त किया जा रहा है। स्कूल की चारदीवारी और भवन के निर्माण के लिए अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन केवल कोरा आश्वासन ही उन्हें हाथ लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता तब तक वह आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
ग्रामीण भी छात्राओं के साथ आए,स्कूल के गेट के बाहर टेंट लगा दिया धरना
करसोला गांव के स्कूल से 5 अध्यापकों के पदों के समाप्त होने पर छात्रों ने स्कूल के मैन गेट को ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में 314 छात्र हैं और 19 अध्यापकों में से 9 अध्यापकों का ट्रांसफर किया जाएगा, जिनमें से पांच अध्यापकों के पदों को समाप्त किया गया है। अध्यापकों की कमी के चलते बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। छात्राओं ने सरकार की रेशनलाइजेशन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में स्कूल के मैन गेट तो ताला जड़ दिया। स्कूल के गेट के बाहर ताला जड़कर 5 छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठ गईं। छात्राओं के आंदोलन के साथ ग्रामीण भी आ गए और स्कूल के गेट के बाहर टेंट लगा दिया और धरना शुरू कर दिया। सूचना पाकर खंड शिक्षा अधिकारी शिवनारायण शर्मा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नही माने। ग्रामीणों ने एक ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी को दिया और प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि अगर दो दिन तक उनकी मांगों को नही माना गया तो वह सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।
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विभाग के निर्देशानुसार रेशनलाइजेशन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत अधापकों के पद समाप्त किए जा रहे हैं। करसोला गांव में ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया था, लेकिन ग्रामीण नहीं माने और स्कूल के गेट का ताला नहीं खोला। ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन को उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
-शिवनारायण शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी, जुलाना।
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गढ़वाली गांव निवासी सुभाष राठी, रमेश, उमेद, मनजीत, जिले सिंह ने बताया कि गांव में काफी पुराना स्कूल है जिसमें 389 छात्र हैं और उनमें से 248 छात्राएं है। सरकार द्वारा स्कूल की सुध लेने की बजाए स्कूल से सात अध्यापकों के पदों को ही समाप्त किया जा रहा है। स्कूल की चारदीवारी और भवन के निर्माण के लिए अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन केवल कोरा आश्वासन ही उन्हें हाथ लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता तब तक वह आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
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ग्रामीण भी छात्राओं के साथ आए,स्कूल के गेट के बाहर टेंट लगा दिया धरना
करसोला गांव के स्कूल से 5 अध्यापकों के पदों के समाप्त होने पर छात्रों ने स्कूल के मैन गेट को ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में 314 छात्र हैं और 19 अध्यापकों में से 9 अध्यापकों का ट्रांसफर किया जाएगा, जिनमें से पांच अध्यापकों के पदों को समाप्त किया गया है। अध्यापकों की कमी के चलते बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। छात्राओं ने सरकार की रेशनलाइजेशन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में स्कूल के मैन गेट तो ताला जड़ दिया। स्कूल के गेट के बाहर ताला जड़कर 5 छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठ गईं। छात्राओं के आंदोलन के साथ ग्रामीण भी आ गए और स्कूल के गेट के बाहर टेंट लगा दिया और धरना शुरू कर दिया। सूचना पाकर खंड शिक्षा अधिकारी शिवनारायण शर्मा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नही माने। ग्रामीणों ने एक ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी को दिया और प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि अगर दो दिन तक उनकी मांगों को नही माना गया तो वह सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।
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विभाग के निर्देशानुसार रेशनलाइजेशन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत अधापकों के पद समाप्त किए जा रहे हैं। करसोला गांव में ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया था, लेकिन ग्रामीण नहीं माने और स्कूल के गेट का ताला नहीं खोला। ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन को उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
-शिवनारायण शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी, जुलाना।