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Jind News: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच रहे कुत्तों के काटने के चार केस
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16जेएनडी13: कुते के काटने पर उपचार के लिए अस्पताल पहुंची लड़की। संवाद
जुलाना। कस्बे व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना में प्रतिदिन औसतन कुत्तों के काटने के चार लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। फरवरी में अबतक कुत्तों के काटने की संख्या 60 के पार हो चुकी है।
प्रशासन की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीणों सतीश, राहुल, मुकेश, रामवीर का कहना है कि गलियों, बाजारों और स्कूलों के आसपास लावारिस कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं जिससे हर समय खतरा बना रहता है।
जुलाना कस्बे में नगर पालिका प्रशासन की ओर से अब तक केवल 50 कुत्तों की नसबंदी करवाई गई है। हालांकि कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या 750 में बताई जा रही है।
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ग्रामीण इलाकों में नसबंदी अभियान शुरू ही नहीं किया गया है जिससे समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है। लोगों ने बताया कि कई बार प्रशासन को लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सुबह-शाम के समय बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। वहीं, बुजुर्ग टहलने निकलते हैं ऐसे में लावारिस कुत्तों का खतरा और भी बढ़ जाता है। प्रशासन तत्काल प्रभाव से व्यापक स्तर पर नसबंदी अभियान चलाए और ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया जाए।
कुत्ते के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाएं-एसएमओ
एसएमओ डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि नागरिक अस्पताल में रोजाना कुत्ते काटने के 3-4 मामले आ रहे हैं। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। यदि कोई कुत्ते के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाएं।
वर्जन
सर्दी के कारण नसबंदी का काम बंद था। जल्द ही दोबारा शुरू किया जाएगा ताकि कस्बे के लोगों को लावारिस कुत्तों से छुटकारा मिल सके।- सौरभ जैन, सचिव नपा जुलाना।
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प्रशासन की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीणों सतीश, राहुल, मुकेश, रामवीर का कहना है कि गलियों, बाजारों और स्कूलों के आसपास लावारिस कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं जिससे हर समय खतरा बना रहता है।
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जुलाना कस्बे में नगर पालिका प्रशासन की ओर से अब तक केवल 50 कुत्तों की नसबंदी करवाई गई है। हालांकि कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या 750 में बताई जा रही है।
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ग्रामीण इलाकों में नसबंदी अभियान शुरू ही नहीं किया गया है जिससे समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है। लोगों ने बताया कि कई बार प्रशासन को लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सुबह-शाम के समय बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। वहीं, बुजुर्ग टहलने निकलते हैं ऐसे में लावारिस कुत्तों का खतरा और भी बढ़ जाता है। प्रशासन तत्काल प्रभाव से व्यापक स्तर पर नसबंदी अभियान चलाए और ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया जाए।
कुत्ते के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाएं-एसएमओ
एसएमओ डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि नागरिक अस्पताल में रोजाना कुत्ते काटने के 3-4 मामले आ रहे हैं। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। यदि कोई कुत्ते के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाएं।
वर्जन
सर्दी के कारण नसबंदी का काम बंद था। जल्द ही दोबारा शुरू किया जाएगा ताकि कस्बे के लोगों को लावारिस कुत्तों से छुटकारा मिल सके।- सौरभ जैन, सचिव नपा जुलाना।