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कर्मचारी लोगों के बीच जाकर काम करें : डॉ. पंचाल
Tue, 12 Nov 2024 12:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 12 Nov 2024 12:40 AM IST
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अलेवा। मलेरिया और डेंगू के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. रमेश पंचाल ने सोमवार को सीएचसी अलेवा में पीएचसी नगूरां, ढाठरथ, अलेवा के कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ बैठक की। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएचसी अलेवा के प्रभारी डाॅ. जितेंद्र व डाॅ. वीरेंद्र ने की।
डॉ. पांचाल ने कहा कि कर्मचारी केवल फोटो खिंचवाने के लिए काम न करें, बल्कि लोगों के हित को ध्यान में रखकर धरातल पर अभियान चलाएं। कर्मचारी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, मंदिर, चौपाल के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर जाकर लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करें। सरपंच व युवा संगठनों के सहयोग से प्रत्येक गांव में गंदे नालों की सफाई व सभी सरकारी भवनों पर रखी पानी की टंकियों की नियमित जांच करें। पंचायत के सहयोग से फॉगिंग करवाने, नालों में काला तेल व डीजल डलवाने के अलावा घरों के बाहर पड़े टायर, कबाड़ को उठवाने का काम करें।
कर्मचारी टीम बनाकर सोर्स रिडक्सन गतिविधियों में तेजी लाएं, ताकि डेंगू से लोगों को बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है कि लोगों की जिंदगी को बचाने के लिए बारिश के मौसम में उनको डेंगू तथा मलेरिया के से बचाव के लिए जागरूक करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम हाई रिस्क एरिया जैसे ईंट भट्ठे, पोल्ट्री फार्म, हैचरी तथा प्रवासी जनसंख्या वाले स्थानों पर जाकर जागरूक करें। उन्होंने कहा कि निजी लैब व निजी अस्पताल संचालकों की डेंगू, मलेरिया की जांच के लिए फीस निर्धारित की गई है। यदि कोई भी लैब संचालक व निजी अस्पताल संचालक मरीज से ज्यादा फीस वसूलता है तो इसकी शिकायत जिला मलेरिया अधिकारी (उप सिविल सर्जन) को करें। इस अवसर पर डाॅ. अमित, स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा, सुमेश, सुभाष, कुलदीप, रवि ढिल्लों, विनोद, रिंकू, पुष्पावती, एएनएम रीनू शर्मा, सविता, नवीन, सीएचओ नीतू तथा सूचना सहायक राजेश कुमार मौजूद रहे।
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डॉ. पांचाल ने कहा कि कर्मचारी केवल फोटो खिंचवाने के लिए काम न करें, बल्कि लोगों के हित को ध्यान में रखकर धरातल पर अभियान चलाएं। कर्मचारी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, मंदिर, चौपाल के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर जाकर लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करें। सरपंच व युवा संगठनों के सहयोग से प्रत्येक गांव में गंदे नालों की सफाई व सभी सरकारी भवनों पर रखी पानी की टंकियों की नियमित जांच करें। पंचायत के सहयोग से फॉगिंग करवाने, नालों में काला तेल व डीजल डलवाने के अलावा घरों के बाहर पड़े टायर, कबाड़ को उठवाने का काम करें।
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कर्मचारी टीम बनाकर सोर्स रिडक्सन गतिविधियों में तेजी लाएं, ताकि डेंगू से लोगों को बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है कि लोगों की जिंदगी को बचाने के लिए बारिश के मौसम में उनको डेंगू तथा मलेरिया के से बचाव के लिए जागरूक करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम हाई रिस्क एरिया जैसे ईंट भट्ठे, पोल्ट्री फार्म, हैचरी तथा प्रवासी जनसंख्या वाले स्थानों पर जाकर जागरूक करें। उन्होंने कहा कि निजी लैब व निजी अस्पताल संचालकों की डेंगू, मलेरिया की जांच के लिए फीस निर्धारित की गई है। यदि कोई भी लैब संचालक व निजी अस्पताल संचालक मरीज से ज्यादा फीस वसूलता है तो इसकी शिकायत जिला मलेरिया अधिकारी (उप सिविल सर्जन) को करें। इस अवसर पर डाॅ. अमित, स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा, सुमेश, सुभाष, कुलदीप, रवि ढिल्लों, विनोद, रिंकू, पुष्पावती, एएनएम रीनू शर्मा, सविता, नवीन, सीएचओ नीतू तथा सूचना सहायक राजेश कुमार मौजूद रहे।
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