यूजीसी नेट में फर्जीवाड़ा: दिल्ली से प्रश्नपत्र लीक कर भेजा भिवानी, हिंदी का पेपर छह परीक्षार्थियों को करवाया हल
डीएसपी ने कहा कि लीक मामले में दिल्ली निवासी विकास की भूमिका सबसे अहम है। लीक पेपर को व्हाट्सएप से भिवानी के पुनीत व रिंकू के पास भेजकर परीक्षा दिलवाई जाती थी यूजीसी नेट का हिंदी का प्रश्नपत्र लीक करवाकर छह परीक्षार्थियों को हल करवाया गया। पुलिस ने फर्जीवाड़े में पकड़े गए सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है।
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यूजीसी नेट का प्रश्नपत्र लीक करवाने के खेल में हरियाणा की जींद पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रश्नपत्र दिल्ली में लीक करवा कर भिवानी निवासी पुनीत व रिंकू के पास भेजा जाता था। इसके बाद भिवानी में प्रश्नपत्र को हल कर उन सभी उम्मीदवारों को भेजा जाता, जिनसे पैसे लिए गए हैं। रविवार को हुई यूजीसी नेट हिंदी की परीक्षा का प्रश्नपत्र शनिवार रात को ही लीक करवाया गया था।
इसको दिल्ली निवासी विकास ने व्हाट्सएप से भिवानी जिले के पत्थरवाल निवासी रिंकू के पास भेजा था। प्रश्नपत्र मिलने के बाद भिवानी में इसको हल करवाने के लिए पुनीत को सौंपा गया। पुनीत ने शनिवार रात को ही प्रथम सत्र के प्रश्नपत्र को छह परीक्षार्थियों को हल करवाया, जबकि दूसरे सत्र के 11 उम्मीदवारों के लिए जो प्रश्नपत्र आना था।
उसका कई घंटे तक इंतजार किया, लेकिन वह प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर रिंकू को नहीं मिल पाया। पुलिस ने इस फर्जीवाड़े में पकड़े गए आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से तीन आरोपियों को चार दिन व छह को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में डीएसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि यूजीसी नेट का प्रश्नपत्र लीक करवाने के मामले में अभी तक दिल्ली निवासी विकास की भूमिका सबसे अहम पाई गई है। विकास प्रश्नपत्र रिंकू के पास भेजता था। रिंकू व पुनीत भिवानी में अकादमी चलाते हैं। इसमें रिंकू के द्वारा व्हाट्सएप पर विकास जो प्रश्नपत्र भेजा जाता था, उसको उम्मीदवारों को अकादमी में बुलाकर पुनीत हल करवाता था।
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इसके अलावा इसमें तीसरा मुख्य आरोपी जींद के खटकड़ गांव निवासी राहुल है। जो उम्मीदवारों को इस प्रश्नपत्र को तीन लाख रुपये में बेचता था। राहुल विकास, पुनीत व रिंकू के लिए ग्राहक तैयार करता था। इसके बाद सभी परीक्षार्थियों को भिवानी बस अड्डे पर बुला कर रिंकू की गाड़ी से अकादमी में ले जाया जाता था। यहां परीक्षा से एक दिन पहले ही पेपर हल करवाया जाता था। सभी को तीन लाख रुपये में प्रश्नपत्र दिया जाता था।
परीक्षा देने के बाद व परिणाम आने से पहले देने होते थे पैसे
इन उम्मीदवारों को एक दिन पहले ही पूरा प्रश्नपत्र अकादमी में हल कराने के बाद उम्मीदवारों को पूछा जाता कि कितने प्रश्न हल हुए। इसके बाद परिणाम आने से पहले ही सभी परीक्षार्थियों से तय की गई राशि ली जाती थी।
15 से 20 हजार रुपये प्रति परीक्षार्थी था राहुल का कमीशन
खटकड़ निवासी राहुल ग्राहक लाता था। परीक्षा दिलवाने के बाद प्रति परीक्षार्थी से लिए गए तीन लाख रुपये में से खुद 15 से 20 हजार रुपये राहुल बतौर कमीश्न रख लेता था, बकी के पैसे वह पुनीत व रिंकू को दे देता था। जिसके बाद यह पैसा विकास के पास जाता था।
नौ में से तीन आरोपी चार दिन और बाकी एक दिन की रिमांड पर लिए
पकड़े गए नौ आरोपियों में से महेंद्रगढ़ के पत्थरवाल निवासी रिंकू, भिवानी जिले के बामला निवासी पुनीत व खटकड़ निवासी राहुल को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। अन्य बोहतवाला निवासी अर्जुन, खटकड़ निवासी अभिषेक, बहबलपुर निवासी विक्रम, धड़ौली निवासी दीपक, ईगराह निवासी मनजीत व बहबलपुर निवासी अमरजीत का एक दिन का रिमांड लिया गया है। इनमें से जिन छह लोगों का एक दिन का रिमांड है। यह सभी अपने जानकारों के लिए प्रश्नपत्र लेने के आरोपी हैं। फिलहाल इसमें कोई भी परीक्षार्थी गिरफ्तार नहीं हुआ।
एसआईटी करेगी जांच, मुख्य सरगना के ठिकानों के बारे में की जाएगी पूछताछ
इस मामले में जांच के लिए डीएसपी जितेंद्र खटकड़ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी में तीन इंस्पेक्टर व एक डीएसपी जांच करेगें। पकड़े गए तीन मुख्य आरोपियों से फरार चल रहे दिल्ली निवासी विकास जो कि इस गिरोह के पास व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र लीक करवाकर भेजता था, के बारे में पूछताछ की जाएगी। इस गिरोह में अन्य कितने लोग शामिल हैं तथा पहले किन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र इस गिरोह ने लीक करवाए, उसके बारे में भी जानकारी प्राप्त की जाएगी। -जितेंद्र खटकड़, डीएसपी हेडक्वार्टर