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नारनौल के कॉलेज में सरेआम हो रही थी नकल, विवि टीम ने पकड़ा
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सीआरएसयू की टीम ने नारनौल के एक परीक्षा केंद्र पर नकल का मामला पकड़ा है। विवि अधिकारियों के अनुसार यहां खुले आम पुस्तकें खोलकर नकल करवाई जा रही थी। औचक निरीक्षण में परीक्षा केंद्र का गड़बड़झाला सामने आया। इसके बाद विवि में आगे की सभी परीक्षाएं नारनौल के राजकीय कॉलेज में करवाने के लिए परीक्षा केंद्र बना दिया। कॉलेज में 33 परीक्षार्थियों के केस बनाए गए हैं। सीआरएयू ने परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए एक स्पेशल टीम गठित की। इसी कड़ी में शनिवार प्रोफेसर सुशील कुमार की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया। इसमें डॉ. अनुपम भाटिया, डॉ. विरेंद्र आचार्य, डॉ. मुकेश कुमार शामिल रहे। टीम ने नारनौल-महेंद्रगढ़ के गौरव कॉलेज ऑफ एजूकेशन में औचक निरीक्षण किया। विवि की टीम सुबह करीब साढ़े 10 बजे पहुंची। प्रोफेसर सुशील कुमार लेगा के अनुसार यहां सरेआम नकल हो रही थी। इस पर 33 विद्यार्थियों का यूएमसी बनाया गया। यहां टीम को परीक्षा कक्ष, पानी की जगह के अलावा अन्य जगहों पर नकल से संबंधित सामग्री मिली। टीम ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सलाह मशविरा करके सेंटर को रद्द कर दिया। अब अगली परीक्षा नारनौल के राजकीय कॉलेज में होगी।
कॉलजों में विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। किसी भी सूरत में नकल को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। -मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह, कुलपति, सीआरएसयू।
नारनौल के कॉलेज में सरेआम हो रही थी नकल, विवि टीम ने पकड़ा
अब राजकीय कॉलेज में होंगी बीएड की परीक्षाएं, 33 विद्यार्थियों का यूएमसी बनाया गया
जींद।
सीआरएसयू की टीम ने नारनौल के एक परीक्षा केंद्र पर नकल का मामला पकड़ा है। विवि अधिकारियों के अनुसार यहां खुले आम पुस्तकें खोलकर नकल करवाई जा रही थी। औचक निरीक्षण में परीक्षा केंद्र का गड़बड़झाला सामने आया। इसके बाद विवि में आगे की सभी परीक्षाएं नारनौल के राजकीय कॉलेज में करवाने के लिए परीक्षा केंद्र बना दिया। कॉलेज में 33 परीक्षार्थियों के केस बनाए गए हैं। सीआरएयू ने परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए एक स्पेशल टीम गठित की। इसी कड़ी में शनिवार प्रोफेसर सुशील कुमार की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया। इसमें डॉ. अनुपम भाटिया, डॉ. विरेंद्र आचार्य, डॉ. मुकेश कुमार शामिल रहे। टीम ने नारनौल-महेंद्रगढ़ के गौरव कॉलेज ऑफ एजूकेशन में औचक निरीक्षण किया। विवि की टीम सुबह करीब साढ़े 10 बजे पहुंची। प्रोफेसर सुशील कुमार लेगा के अनुसार यहां सरेआम नकल हो रही थी। इस पर 33 विद्यार्थियों का यूएमसी बनाया गया। यहां टीम को परीक्षा कक्ष, पानी की जगह के अलावा अन्य जगहों पर नकल से संबंधित सामग्री मिली। टीम ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सलाह मशविरा करके सेंटर को रद्द कर दिया। अब अगली परीक्षा नारनौल के राजकीय कॉलेज में होगी।
कॉलजों में विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। किसी भी सूरत में नकल को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। -मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह, कुलपति, सीआरएसयू।
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नारनौल के कॉलेज में सरेआम हो रही थी नकल, विवि टीम ने पकड़ा
अब राजकीय कॉलेज में होंगी बीएड की परीक्षाएं, 33 विद्यार्थियों का यूएमसी बनाया गया