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मकान की नींव खोदते समय मिट्टी का तोंदा गिरने से मजदूर दबा, मौत
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:27 AM IST
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मकान की नींव खोदते समय मिट्टी का तोंदा गिरने से मजदूर दबा, मौत
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सफीदो रोड स्थित एकता कॉलोनी में एक मकान की नींव खोदते समय मिट्टी का तोंदा गिरने से एक मजदूर नीचे दब गया। आसपास के दुकानदारों ने बड़ी मशक्कत के बाद मजदूर को मिट्टी के नीचे से निकाला। जब मजदूर को एंबुलेंस में नागरिक अस्पताल ले जा रहे थे तो रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक अविवाहित था। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
नरवाना के लोन निवासी महावीर पिछले सात वर्ष से सफीदों रोड स्थित एकता कॉलोनी में रहता है। महावीर यहां किराए पर रहता है। अब उसने यहां प्लाट ले लिया और अपना मकान बनाने लगा। वीरवार सुबह मजदूर प्रदीप व दलबीर मकान के लिए नींव खोद रहे थे। दोपहर बाद लगभग एक बजे प्रदीप नींव के अंदर से मिट्टी निकालकर ऊपर खड़े दलबीर को पकड़ा रहा था। अचानक ऊपर जमा हुई मिट्टी का तोंदा गिर गया। जिससे नीचे काम कर रहा प्रदीप दब गया। ऊपर खड़े दलबीर ने शोर मचाया। महावीर के मकान के पास मिस्त्री का काम करने वाला जोरावर व चाबरी निवासी सुनील मौके पर पहुंचे और मिट्टी हटाने का काम शुरू किया। पास ही खड़ी एक जेसीबी को भी मौके पर बुलाया गया और मिट्टी हटाई गई। लगभग 20 मिनट का समय लग गया। बड़ी मशक्कत के बाद प्रदीप उर्फ काला को मिट्टी के नीचे से निकाला गया। सूचना पाकर सिविल लाइन थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। प्रदीप उर्फ काला को मिट्टी के नीचे से निकाल कर एंबुलेंस द्वारा नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। नागरिक अस्पताल में पहुंचने से पहले ही प्रदीप उर्फ काला की मौत हो गई। पुलिस ने इसके बाद प्रदीप के परिजनों को सूचना दी।
दो युवकों का प्रयास भी नहीं बचा पाया प्रदीप की जिंदगी
जिस समय प्रदीप मिट्टी के नीचे दब गया तो वहां मौजूद दलबीर ने शोर मचाया। शोर सुनकर यहां पास ही मिस्त्री का काम करने वाले रूपगढ़ निवासी जोरावर व चाबरी निवासी सुनील मौके पर पहुंचे और उन्होंने मिट्टी हटाने का काम शुरू किया। दोनों युवकों ने बड़ी तेजी से मिट्टी हटाई। दोनों के कपड़े पूरी तरह से मिट्टी में सन गए तथा पसीने से तर-बतर हो गए। इनके अथक प्रयासों के बावजूद भी प्रदीप की जान नहीं बच पाई।
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मिट्टी में दबे हुए प्रदीप को लगाई ऑक्सीजन
जब युवकों ने मिट्टी हटाई तो प्रदीप का मुंह बाहर दिखाई देने लगा लेकिन उसकी छाती व पांव पूरी तरह से मिट्टी में दबे रहे। इसी समय यहां पहुंची एंबुलेंस से ऑक्सीजन का सिलिंडर निकालकर प्रदीप के मुंह में लगा दी। प्रदीप ने खुद अपने हाथों में ऑक्सीजन की पाइप को पकड़ा। उस समय प्रदीप ठीक था। इसके बाद उसके पूरे शरीर को निकालने में भी पांच मिनट निकल गए।
पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा
सिविल लाइन थाना प्रभारी वीरेंद्र खर्ब ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। प्रदीप को सरकारी एंबुलेंस में नागरिक अस्पताल में लाया जा रहा था, लेकिन उसकी रास्ते में मौत हो गई। परिजनों ने किसी पर कोई भी आरोप नहीं लगाए हैं। पुलिस ने इत्तेफाकिया कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सफीदो रोड स्थित एकता कॉलोनी में एक मकान की नींव खोदते समय मिट्टी का तोंदा गिरने से एक मजदूर नीचे दब गया। आसपास के दुकानदारों ने बड़ी मशक्कत के बाद मजदूर को मिट्टी के नीचे से निकाला। जब मजदूर को एंबुलेंस में नागरिक अस्पताल ले जा रहे थे तो रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक अविवाहित था। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
नरवाना के लोन निवासी महावीर पिछले सात वर्ष से सफीदों रोड स्थित एकता कॉलोनी में रहता है। महावीर यहां किराए पर रहता है। अब उसने यहां प्लाट ले लिया और अपना मकान बनाने लगा। वीरवार सुबह मजदूर प्रदीप व दलबीर मकान के लिए नींव खोद रहे थे। दोपहर बाद लगभग एक बजे प्रदीप नींव के अंदर से मिट्टी निकालकर ऊपर खड़े दलबीर को पकड़ा रहा था। अचानक ऊपर जमा हुई मिट्टी का तोंदा गिर गया। जिससे नीचे काम कर रहा प्रदीप दब गया। ऊपर खड़े दलबीर ने शोर मचाया। महावीर के मकान के पास मिस्त्री का काम करने वाला जोरावर व चाबरी निवासी सुनील मौके पर पहुंचे और मिट्टी हटाने का काम शुरू किया। पास ही खड़ी एक जेसीबी को भी मौके पर बुलाया गया और मिट्टी हटाई गई। लगभग 20 मिनट का समय लग गया। बड़ी मशक्कत के बाद प्रदीप उर्फ काला को मिट्टी के नीचे से निकाला गया। सूचना पाकर सिविल लाइन थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। प्रदीप उर्फ काला को मिट्टी के नीचे से निकाल कर एंबुलेंस द्वारा नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। नागरिक अस्पताल में पहुंचने से पहले ही प्रदीप उर्फ काला की मौत हो गई। पुलिस ने इसके बाद प्रदीप के परिजनों को सूचना दी।
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दो युवकों का प्रयास भी नहीं बचा पाया प्रदीप की जिंदगी
जिस समय प्रदीप मिट्टी के नीचे दब गया तो वहां मौजूद दलबीर ने शोर मचाया। शोर सुनकर यहां पास ही मिस्त्री का काम करने वाले रूपगढ़ निवासी जोरावर व चाबरी निवासी सुनील मौके पर पहुंचे और उन्होंने मिट्टी हटाने का काम शुरू किया। दोनों युवकों ने बड़ी तेजी से मिट्टी हटाई। दोनों के कपड़े पूरी तरह से मिट्टी में सन गए तथा पसीने से तर-बतर हो गए। इनके अथक प्रयासों के बावजूद भी प्रदीप की जान नहीं बच पाई।
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मिट्टी में दबे हुए प्रदीप को लगाई ऑक्सीजन
जब युवकों ने मिट्टी हटाई तो प्रदीप का मुंह बाहर दिखाई देने लगा लेकिन उसकी छाती व पांव पूरी तरह से मिट्टी में दबे रहे। इसी समय यहां पहुंची एंबुलेंस से ऑक्सीजन का सिलिंडर निकालकर प्रदीप के मुंह में लगा दी। प्रदीप ने खुद अपने हाथों में ऑक्सीजन की पाइप को पकड़ा। उस समय प्रदीप ठीक था। इसके बाद उसके पूरे शरीर को निकालने में भी पांच मिनट निकल गए।
पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा
सिविल लाइन थाना प्रभारी वीरेंद्र खर्ब ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। प्रदीप को सरकारी एंबुलेंस में नागरिक अस्पताल में लाया जा रहा था, लेकिन उसकी रास्ते में मौत हो गई। परिजनों ने किसी पर कोई भी आरोप नहीं लगाए हैं। पुलिस ने इत्तेफाकिया कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।