{"_id":"5c82b8b5bdec22144855864c","slug":"51552070837-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोंकरी खेड़ी गांव के पोंकर तीर्थ के महंत की हत्या का मामला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पोंकरी खेड़ी गांव के पोंकर तीर्थ के महंत की हत्या का मामला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चोरी करने घुसे बाबा महेश नाथ पर पहचान लेने पर हत्या करने का आरोप, गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पोंकरी खेड़ी गांव स्थित पोंकर तीर्थ (पुष्कर धाम) के महंत परणाई नाथ की हत्या के आरोप में पुलिस ने बाबा महेश नाथ उर्फ सुशील को गिरफ्तार किया है। महेश नाथ मूलरूप से कैथल जिला के कैलरम गांव का रहने वाला है। उसने करीब दस साल पहले कलौदा डेरे में कैलाश नाथ से दीक्षा ली थी। नशे का आदी होने के कारण वह किसी डेरे में नहीं रहता था। पुलिस के अनुसार वीरवार को महेश नाथ हांसी में स्मैक लेने के लिए गया था। जब वह गली से आ रहा था तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार का अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब पुलिस आरोपी से हत्या के समय पहने गए कपड़े, डेरे से गायब सामान की बरामदगी के लिए पूछताछ करेगी।
जानकारी के लिए 20 फरवरी की रात को पोंखरी खेड़ी गांव स्थित पुष्कर धाम के महंत परणाई नाथ का शव उनके कमरे में चारपाई पर पड़ा मिला था। इस मामले में डीएसपी रामभज व सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में बताया के आरोपी को हांसी से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि डेरे से चांदी का रथ, बाबा के कानों के कुंडल सहित नकदी भी गायब थी। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हत्यारोपी महेश नाथ पहले भी डेरे में आता रहता था। 20 फरवरी की रात भी वह चोरी की नियत से डेरे में घुसा और उसने धक्का मारकर दरवाजा तोड़ दिया। इसी दौरान डेरे के महंत परणाई नाथ जग गए । उन्होंने महेश नाथ को देख लिया। ऐसे में अपनी पहचान छिपाने के लिए महेश नाथ ने रॉड से हमला कर महंत परणाई नाथ की हत्या कर दी थी।
पैरों पर खड़े नहीं हो सकते थे परणाई नाथ
महंत परणाई नाथ पिछले कई साल से पैरों में कमजोरी की बीमारी झेल रहे थे। इसके चलते वे खुद चल-फिर नहीं सकते थे। यहां तक की वे अपने पैरों पर खड़े भी नहीं हो सकते थे। पुलिस के अनुसार ऐसे में महेश नाथ ने उसे आसान टारगेट बना लिया।
विज्ञापन
तीन से चार लोग हो सकते हैं हत्या में शामिल
पुलिस के अनुसार महेश नाथ पूछताछ में ज्यादा सहयोग नहीं कर रहा है। अभी तक उसने यह नहीं बताया है कि इस वारदात को कितने लोगों ने अंजाम दिया। लेकिन अभी तक की पूछताछ में यह साफ हुआ है कि वह अकेला नहीं था। ऐसे में पुलिस को शक है कि इस घटना में तीन से चार लोग शामिल हो सकते हैं। आरोपी से रिमांड के दौरान इसका पता लगाया जाएगा।
महंत परणाई नाथ के फोन ने पुलिस को पहुंचाया आरोपी तक
हालांकि पुलिस का दावा है गुप्त सूचना के आधार पर महेश नाथ को हांसी से काबू किया गया है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार महेश नाथ ने डेरे में परणाई नाथ की हत्या का उनका फोन भी चुरा लिया था। महेश नाथ इस फोन का प्रयोग कर रहा था और इसके आधार पर ही पुलिस महेश नाथ तक पहुंच पाई।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पोंकरी खेड़ी गांव स्थित पोंकर तीर्थ (पुष्कर धाम) के महंत परणाई नाथ की हत्या के आरोप में पुलिस ने बाबा महेश नाथ उर्फ सुशील को गिरफ्तार किया है। महेश नाथ मूलरूप से कैथल जिला के कैलरम गांव का रहने वाला है। उसने करीब दस साल पहले कलौदा डेरे में कैलाश नाथ से दीक्षा ली थी। नशे का आदी होने के कारण वह किसी डेरे में नहीं रहता था। पुलिस के अनुसार वीरवार को महेश नाथ हांसी में स्मैक लेने के लिए गया था। जब वह गली से आ रहा था तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार का अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब पुलिस आरोपी से हत्या के समय पहने गए कपड़े, डेरे से गायब सामान की बरामदगी के लिए पूछताछ करेगी।
जानकारी के लिए 20 फरवरी की रात को पोंखरी खेड़ी गांव स्थित पुष्कर धाम के महंत परणाई नाथ का शव उनके कमरे में चारपाई पर पड़ा मिला था। इस मामले में डीएसपी रामभज व सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में बताया के आरोपी को हांसी से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि डेरे से चांदी का रथ, बाबा के कानों के कुंडल सहित नकदी भी गायब थी। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हत्यारोपी महेश नाथ पहले भी डेरे में आता रहता था। 20 फरवरी की रात भी वह चोरी की नियत से डेरे में घुसा और उसने धक्का मारकर दरवाजा तोड़ दिया। इसी दौरान डेरे के महंत परणाई नाथ जग गए । उन्होंने महेश नाथ को देख लिया। ऐसे में अपनी पहचान छिपाने के लिए महेश नाथ ने रॉड से हमला कर महंत परणाई नाथ की हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
पैरों पर खड़े नहीं हो सकते थे परणाई नाथ
महंत परणाई नाथ पिछले कई साल से पैरों में कमजोरी की बीमारी झेल रहे थे। इसके चलते वे खुद चल-फिर नहीं सकते थे। यहां तक की वे अपने पैरों पर खड़े भी नहीं हो सकते थे। पुलिस के अनुसार ऐसे में महेश नाथ ने उसे आसान टारगेट बना लिया।
विज्ञापन
तीन से चार लोग हो सकते हैं हत्या में शामिल
पुलिस के अनुसार महेश नाथ पूछताछ में ज्यादा सहयोग नहीं कर रहा है। अभी तक उसने यह नहीं बताया है कि इस वारदात को कितने लोगों ने अंजाम दिया। लेकिन अभी तक की पूछताछ में यह साफ हुआ है कि वह अकेला नहीं था। ऐसे में पुलिस को शक है कि इस घटना में तीन से चार लोग शामिल हो सकते हैं। आरोपी से रिमांड के दौरान इसका पता लगाया जाएगा।
महंत परणाई नाथ के फोन ने पुलिस को पहुंचाया आरोपी तक
हालांकि पुलिस का दावा है गुप्त सूचना के आधार पर महेश नाथ को हांसी से काबू किया गया है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार महेश नाथ ने डेरे में परणाई नाथ की हत्या का उनका फोन भी चुरा लिया था। महेश नाथ इस फोन का प्रयोग कर रहा था और इसके आधार पर ही पुलिस महेश नाथ तक पहुंच पाई।