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तीन युवक अवैध हथियार के साथ काबू, तीनों युवक खरकराजी गांव के
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अवैध हथियार के साथ खरकरामजी के तीन युवक काबू
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पुलिस की अपराध शाखा ने अलग-अलग स्थानों से तीन युवकों को अवैध हथियारों के साथ काबू किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। तीनों युवक खरकरामजी गांव के रहने वाले हैं।
गौरतलब है कि खरकरामजी गांव में पिछले लंबे समय से दो गुटों में संघर्ष चल रहा है। इसको लेकर गांव में कई बार गोलियां चल चुकी हैं। तीनों युवक एक ही गुट के हैं और उत्तर प्रदेश के कैराना से हथियार लाए हैं। पुलिस अब उत्तर प्रदेश में हथियार मुहैया करवाने वाले लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को काबू भी किया है, लेकिन पुलिस इसकी पुष्टी नहीं कर नहीं है।
पुलिस के अनुसार सीआईए टीम सफीदों रोड पर गश्त कर रही थी। बाईपास के पास एक युवक पुलिस कर्मियों को देखकर भागने लगा। पुलिस पीछा कर युवक को दबोच लिया और उसके कब्जे से एक देशी पिस्तौल काबू किया। युवक की पहचान खरकरामजी गांव निवासी संजय के रूप में हुई। दूसरी ओर सीआईए स्टाफ ने लुदाना गांव के पास गश्त के दौरान युवक की तलाशी ली तो उसके कब्जे से एक देशी पिस्तौल बरामद हुआ। युवक की पहचान खरकरामजी गांव के विरेंद्र उर्फ बिंद्र के रूप में हुई। तीसरा पिस्तौल पुलिस ने खरकरामजी गांव निवासी सन्नी उर्फ साहिल के कब्जे से बरामद किया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
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पांच हजार रुपये में मिल जाता है पिस्तौल
पुलिस के अनुसार युवक उत्तर प्रदेश में महज पांच हजार रुपये में देशी पिस्तौल प्राप्त कर लेते हैं। अधिकतर मामलों में सप्लायर हरियाणा की सीमा में हथियार मुहैया करवाते हैं, जिसके बाद यह लोग आराम से अपने ठिकाने तक पहुंच जाते हैं।
दो दिन में आठ पिस्तौल बरामद
जिला में अवैध हथियारों का कारोबार काफी फल फूल रहा है। पिछले दो दिन में पुलिस आठ लोगों को अवैध हथियारों के साथ काबू कर चुकी है। एक मामले में तो युवकों ने सीआईए की गाड़ी को की रोक लिया था। ऐसे में अवैध हथियार पुलिस के लिए सिरदर्दी बन रहे हैं।
पुलिस मुस्तैद
पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है, अपराधी उत्तर प्रदेश से हथियार लाते हैं, अब पुलिस उस गिरोह तक भी पहुंचने का प्रयास कर रही है। इससे साफ होगा कि किन-किन लोगों को हथियार सप्लाई किए गए हैं। पुलिस लगातार अवैध हथियार रखने वालों को दबोच रही है।
वीरेंद्र सिंह, सीआईए प्रभारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पुलिस की अपराध शाखा ने अलग-अलग स्थानों से तीन युवकों को अवैध हथियारों के साथ काबू किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। तीनों युवक खरकरामजी गांव के रहने वाले हैं।
गौरतलब है कि खरकरामजी गांव में पिछले लंबे समय से दो गुटों में संघर्ष चल रहा है। इसको लेकर गांव में कई बार गोलियां चल चुकी हैं। तीनों युवक एक ही गुट के हैं और उत्तर प्रदेश के कैराना से हथियार लाए हैं। पुलिस अब उत्तर प्रदेश में हथियार मुहैया करवाने वाले लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को काबू भी किया है, लेकिन पुलिस इसकी पुष्टी नहीं कर नहीं है।
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पुलिस के अनुसार सीआईए टीम सफीदों रोड पर गश्त कर रही थी। बाईपास के पास एक युवक पुलिस कर्मियों को देखकर भागने लगा। पुलिस पीछा कर युवक को दबोच लिया और उसके कब्जे से एक देशी पिस्तौल काबू किया। युवक की पहचान खरकरामजी गांव निवासी संजय के रूप में हुई। दूसरी ओर सीआईए स्टाफ ने लुदाना गांव के पास गश्त के दौरान युवक की तलाशी ली तो उसके कब्जे से एक देशी पिस्तौल बरामद हुआ। युवक की पहचान खरकरामजी गांव के विरेंद्र उर्फ बिंद्र के रूप में हुई। तीसरा पिस्तौल पुलिस ने खरकरामजी गांव निवासी सन्नी उर्फ साहिल के कब्जे से बरामद किया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
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पांच हजार रुपये में मिल जाता है पिस्तौल
पुलिस के अनुसार युवक उत्तर प्रदेश में महज पांच हजार रुपये में देशी पिस्तौल प्राप्त कर लेते हैं। अधिकतर मामलों में सप्लायर हरियाणा की सीमा में हथियार मुहैया करवाते हैं, जिसके बाद यह लोग आराम से अपने ठिकाने तक पहुंच जाते हैं।
दो दिन में आठ पिस्तौल बरामद
जिला में अवैध हथियारों का कारोबार काफी फल फूल रहा है। पिछले दो दिन में पुलिस आठ लोगों को अवैध हथियारों के साथ काबू कर चुकी है। एक मामले में तो युवकों ने सीआईए की गाड़ी को की रोक लिया था। ऐसे में अवैध हथियार पुलिस के लिए सिरदर्दी बन रहे हैं।
पुलिस मुस्तैद
पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है, अपराधी उत्तर प्रदेश से हथियार लाते हैं, अब पुलिस उस गिरोह तक भी पहुंचने का प्रयास कर रही है। इससे साफ होगा कि किन-किन लोगों को हथियार सप्लाई किए गए हैं। पुलिस लगातार अवैध हथियार रखने वालों को दबोच रही है।
वीरेंद्र सिंह, सीआईए प्रभारी।