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हाउसिंग बोर्ड से रिटायर्ड दिव्यांग व्यक्ति के खाते से अज्ञात ने निकाले पांच लाख रुपये
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रिटायर्ड दिव्यांग का एटीएम कार्ड बदल कर निकाले पांच लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पूरी उम्र हाउसिंग बोर्ड में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी की। नौकरी के दौरान ही दिव्यांग हो गया। रिटायरमेंट के बाद सोचा था कि जो पैसे मिलेंगे, उनसे उम्र आराम से कट जाएगी, लेकिन किसी ने धोखाधड़ी करके एटीएम कार्ड बदल लिया और एक ही झटके में सारी कमाई छीन लिया। अब पूरा परिवार सदमे से निकल नहीं पा रहा है। कभी पुलिस थाने के तो कभी बैंक के चक्कर काट-काटकर थक चुका है।
गांव जलालपुर खुर्द के राम भगत हाउसिंग बोर्ड में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में काम करते थे। नौकरी के बीच में पैरालाइसिस हो गया। एक हाथ तथा एक पांव काम नहीं करता। इसी कारण हाउसिंग बोर्ड से रिटायरमेंट ले ली। सोचा था कि रिटायरमेंट में जो पैसे मिलेंगे, उससे जीवन आसानी से कट जाएगा। राम भगत 21 जनवरी को पटियाला चौक स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम से पैसे निकलवाने गए थे। दिव्यांग देखकर दो युवकों ने उसकी मदद की बात कहकर उनसे एटीएम कार्ड ले लिया और उसके खाते से कुछ पैसे निकालकर एटीएम कार्ड को वापस कर दिया। इसके बाद दोनों अज्ञात युवकों ने उसके खाते से 21 जनवरी से फरवरी महीने में पांच लाख रुपये निकाल लिए। दिव्यांग होने के कारण उसने मोबाइल में आए मैसेज को भी नहीं पढ़ा। पहली मार्च को जब रामभगत दोबारा एटीएम में पैसे निकालने के लिए गया तो उसका एटीएम कार्ड गलत बताया। बार-बार गलत बताने पर रामभगत ने बैंक में संपर्क किया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि यह उसका एटीएम कार्ड नहीं है। यह किसी और का है। जब रामभगत का खाता चेक किया तो उसमें 50 रुपये बैलेंस बताया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि उसके खाते से हिसार, हांसी, जींद, नरवाना, अग्रोहा, दिल्ली, अंबाला के एटीएम से अलग-अलग तारीखों में पैसे निकाले गए। यह सुनते ही रामभगत के पांव तले से जमीन खिसक गई। इसके बाद रामभगत ने शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी हेडकांस्टेबल सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पूरी उम्र हाउसिंग बोर्ड में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी की। नौकरी के दौरान ही दिव्यांग हो गया। रिटायरमेंट के बाद सोचा था कि जो पैसे मिलेंगे, उनसे उम्र आराम से कट जाएगी, लेकिन किसी ने धोखाधड़ी करके एटीएम कार्ड बदल लिया और एक ही झटके में सारी कमाई छीन लिया। अब पूरा परिवार सदमे से निकल नहीं पा रहा है। कभी पुलिस थाने के तो कभी बैंक के चक्कर काट-काटकर थक चुका है।
गांव जलालपुर खुर्द के राम भगत हाउसिंग बोर्ड में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में काम करते थे। नौकरी के बीच में पैरालाइसिस हो गया। एक हाथ तथा एक पांव काम नहीं करता। इसी कारण हाउसिंग बोर्ड से रिटायरमेंट ले ली। सोचा था कि रिटायरमेंट में जो पैसे मिलेंगे, उससे जीवन आसानी से कट जाएगा। राम भगत 21 जनवरी को पटियाला चौक स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम से पैसे निकलवाने गए थे। दिव्यांग देखकर दो युवकों ने उसकी मदद की बात कहकर उनसे एटीएम कार्ड ले लिया और उसके खाते से कुछ पैसे निकालकर एटीएम कार्ड को वापस कर दिया। इसके बाद दोनों अज्ञात युवकों ने उसके खाते से 21 जनवरी से फरवरी महीने में पांच लाख रुपये निकाल लिए। दिव्यांग होने के कारण उसने मोबाइल में आए मैसेज को भी नहीं पढ़ा। पहली मार्च को जब रामभगत दोबारा एटीएम में पैसे निकालने के लिए गया तो उसका एटीएम कार्ड गलत बताया। बार-बार गलत बताने पर रामभगत ने बैंक में संपर्क किया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि यह उसका एटीएम कार्ड नहीं है। यह किसी और का है। जब रामभगत का खाता चेक किया तो उसमें 50 रुपये बैलेंस बताया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि उसके खाते से हिसार, हांसी, जींद, नरवाना, अग्रोहा, दिल्ली, अंबाला के एटीएम से अलग-अलग तारीखों में पैसे निकाले गए। यह सुनते ही रामभगत के पांव तले से जमीन खिसक गई। इसके बाद रामभगत ने शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी हेडकांस्टेबल सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
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