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पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाएं नागरिक : गहलावत
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26जेएनडी17 : पीआईजी महाविद्यालय में छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य जय नारायण गहलावत। स
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। राजकीय महिला महाविद्यालय में कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से फसल अवशेष प्रबंधन पर व्याख्यान हुआ। प्राचार्य जय नारायण गहलावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है जब नागरिक सक्रिय रूप से भागीदारी निभाएं।
उन्होंने छात्राओं से मुहिम की फ्लैग बियरर बनकर अपने गांव में किसानों तक सही जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया। कृषि विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार और इंजीनियर रवि ने पराली जलाने से होने वाले नुकसान और इसके समाधान पर जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है और वायु प्रदूषण को बढ़ाता है। विशेषज्ञों ने हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, मल्चर, सहित विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों और सरकारी योजनाओं के बारे में छात्राओं को अवगत कराया।
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उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और विद्यार्थी गांवों में किसानों को टिकाऊ कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में कृषि विभाग और टीम की ओर से सूचना-पुस्तिकाएं छात्राओं को वितरित की गईं। मंच संचालन डॉ. मोहित रांगी ने किया, जबकि संचालन एवं समन्वय में अजीत और डॉ. मोनिका ने किया।
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जींद। राजकीय महिला महाविद्यालय में कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से फसल अवशेष प्रबंधन पर व्याख्यान हुआ। प्राचार्य जय नारायण गहलावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है जब नागरिक सक्रिय रूप से भागीदारी निभाएं।
उन्होंने छात्राओं से मुहिम की फ्लैग बियरर बनकर अपने गांव में किसानों तक सही जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया। कृषि विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार और इंजीनियर रवि ने पराली जलाने से होने वाले नुकसान और इसके समाधान पर जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है और वायु प्रदूषण को बढ़ाता है। विशेषज्ञों ने हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, मल्चर, सहित विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों और सरकारी योजनाओं के बारे में छात्राओं को अवगत कराया।
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उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और विद्यार्थी गांवों में किसानों को टिकाऊ कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में कृषि विभाग और टीम की ओर से सूचना-पुस्तिकाएं छात्राओं को वितरित की गईं। मंच संचालन डॉ. मोहित रांगी ने किया, जबकि संचालन एवं समन्वय में अजीत और डॉ. मोनिका ने किया।