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विदेशी जासूसी एजेंसियों के डिजिटल जाल से रहें सतर्क : कुलदीप सिंह
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जींद। विदेशी जासूसी एजेंसियों की ओर से सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसाने की आशंका को देखते हुए जिला पुलिस ने साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। एसपी कुलदीप सिंह के निर्देश पर जारी इस एडवाइजरी में लोगों को ऑनलाइन दोस्ती, नौकरी और आर्थिक लाभ के लालच के साथ-साथ हनीट्रैप और संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की अपील की गई है।
पुलिस के अनुसार जालसाज या संदिग्ध एजेंसियां सोशल मीडिया पर फर्जी नाम और फोटो से प्रोफाइल बनाकर पहले दोस्ती करती हैं। इसके बाद व्हाट्सएप या टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लगातार बातचीत कर विश्वास कायम करने का प्रयास किया जाता है।
ऑनलाइन नौकरी, पार्ट टाइम काम या कम समय में अधिक पैसे कमाने का लालच देकर भी युवाओं को प्रभावित किया जा सकता है। भावनात्मक संबंध या हनीट्रैप के जरिये निजी फोटो और संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास भी संभव है।
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एप और लिंक के जरिये मोबाइल तक पहुंचने की कोशिश
संदिग्ध लोग फर्जी लिंक, एपीके फाइल या मोबाइल एप भेजकर फोन और सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा सैन्य प्रतिष्ठानों, सरकारी संस्थानों, पुलिस या अन्य संवेदनशील स्थानों से जुड़ी जानकारी हासिल करने और धार्मिक, देशभक्ति की भावनाओं व आर्थिक परेशानी का फायदा उठाने की कोशिश भी हो सकती है। पुलिस ने अनजान लिंक पर क्लिक न करने और संदिग्ध एपीके या मोबाइल एप डाउनलोड न करने की सलाह दी है। किसी भी लालच में निजी या संवेदनशील जानकारी साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर खुद जांच करने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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पुलिस के अनुसार जालसाज या संदिग्ध एजेंसियां सोशल मीडिया पर फर्जी नाम और फोटो से प्रोफाइल बनाकर पहले दोस्ती करती हैं। इसके बाद व्हाट्सएप या टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लगातार बातचीत कर विश्वास कायम करने का प्रयास किया जाता है।
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ऑनलाइन नौकरी, पार्ट टाइम काम या कम समय में अधिक पैसे कमाने का लालच देकर भी युवाओं को प्रभावित किया जा सकता है। भावनात्मक संबंध या हनीट्रैप के जरिये निजी फोटो और संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास भी संभव है।
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एप और लिंक के जरिये मोबाइल तक पहुंचने की कोशिश
संदिग्ध लोग फर्जी लिंक, एपीके फाइल या मोबाइल एप भेजकर फोन और सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा सैन्य प्रतिष्ठानों, सरकारी संस्थानों, पुलिस या अन्य संवेदनशील स्थानों से जुड़ी जानकारी हासिल करने और धार्मिक, देशभक्ति की भावनाओं व आर्थिक परेशानी का फायदा उठाने की कोशिश भी हो सकती है। पुलिस ने अनजान लिंक पर क्लिक न करने और संदिग्ध एपीके या मोबाइल एप डाउनलोड न करने की सलाह दी है। किसी भी लालच में निजी या संवेदनशील जानकारी साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर खुद जांच करने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचित करें।