फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   after waiting for fifteen years, the pandavas did pind dan for the ancestors

पंद्रह साल इंतजार के बाद यहां पांडवों ने किया था पितरों के लिए पिंडदान

Thu, 30 Sep 2021 12:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 30 Sep 2021 12:45 AM IST
विज्ञापन
after waiting for fifteen years, the pandavas did  pind dan for the ancestors
जींद स्थिति तीर्थस्‍थली पांडु पिंडारा का सरोवर। संवाद। - फोटो : Jind
महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने अपने पितरों का पिंडदान जींद के पिंडारा तीर्थस्थल पर किया ही किया था। इसके लिए उनको करीब 12 वर्षों का इंतजार करना पड़ा, जब सोमवती अमावस्या का योग मिला तो उन्हाेंने अपने पुरखों का तर्पण व पिंडदान किया। आज भी श्राद्धपक्ष में यहां पिंडदान व तर्पण करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार तीर्थ भूमि गया के समकक्ष यहां भी पितरों के तर्पण व दान का महत्व है।
विज्ञापन

पिंडारा तीर्थ के महत्व के बारे में पीठाधीश्वर आचार्य राजेश स्वरूप शास्त्री बताते हैं कि पौराणिक ग्रंथों में पिंडारा तीर्थ का जिक्र आता है। पिंडारा तीर्थ को पिंडतारक, सोमतीर्थ व पिंडार्क नाम से जाना जाता है। जयंती (जींद) के पूर्व की ओर करीब तीन मील लंबा यह तीर्थ पितरों के तर्पण के लिए विशेष महत्व रखता है। आचार्य राजेश स्वरूप शास्त्री बताते है कि धार्मिक मान्यता है कि जब पितामह भीष्म बाणों की शैय्या पर थे, तब धर्मराज युधिष्ठिर ने उनसे पितरों को मुक्ति के लिए उपाय पूछा था। इस पर गंगा पुत्र भीष्म ने पिंडारा तीर्थ में स्नान कर पिंडदान करने के लिए कहा था। शास्त्रों के अनुसार मंकण ऋषि ने सूर्य के बताने पर अपने पितरों के उद्धार के लिए पिंडारा तीर्थ पर पिंडदान किया।
विज्ञापन

गया तीर्थक्षेत्र के समकक्ष है पांडु पिंडारा
तीर्थक्षेत्र गया में पितरों के तपर्ण व दान का जो महत्व है, वही पिंडारा में है। पांडवों ने पितरों के लिए जब पिंडारा में पिंडदान किया। तभी से इसका नाम पांडू पिंडारा पड़ा है। यहां तीर्थ पर प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से भी लोग पिंडदान करने आते हैं। शास्त्रों के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपनी तीन पीढ़ियों के लिए यहां पिंडदान कर सकता है। इसमें पिता, दादा व परदादा शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed