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बनभौरी धाम के अधिग्रहण के विरोध में उतरा ब्राह्मण समाज
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:23 AM IST
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बनभौरी धाम अधिग्रहण के विरोध में उतरा ब्राह्मण समाज
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
माता बनभौरी धाम को सरकार द्वारा अधिग्रहीत किए जाने के विरोध में ब्राह्मण समाज के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। समाज के लोगों ने ने 15 जनवरी तक फैसला वापस लेने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न होने पर इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
मंदिर के अधिग्रहण के विरोध में वह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सुषमा स्वराज सहित कई केंद्रीय मंत्रियों से भी गुहार लगाई जाएगी। ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीराम दीक्षित और कौशिक खाप के उपप्रधान बलवान कौशिक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश-प्रदेश के जिन श्रद्धालुओं की आस्था माता बननभौरी में है, उनकी भावनाओं के साथ प्रदेश सरकार ने खिलवाड़ की है। दीक्षित ने कहा कि 200 साल पुराने माता के मंदिर जिसे 14 पीढ़ियां अपनी आस्था और परिश्रम से सींचती आई हैं। अब इस मंदिर को सरकार के अधीन लाया जा रहा है। इससे माता के करोड़ों श्रद्धालु आहत हैं।
गुरुद्वारों, मस्जिदों, डेरों और गिरजाघरों का करें अधिग्रहण
दीक्षित ने कहा कि सरकार सिर्फ मंदिरों पर ही हाथ डाल रही है। सरकार गुरुद्वारों, मस्जिदों, डेरों और गिरजाघरों को भी अधिग्रहीत करे। यहां तक की प्रदेश में मौजूद बड़े निजी अस्पतालों को भी सरकार के अधीन होना चाहिए।
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30जेएनडी01: पत्रकारों से बातचीत करते हरीराम दीक्षित व बलवान कौशिक
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
माता बनभौरी धाम को सरकार द्वारा अधिग्रहीत किए जाने के विरोध में ब्राह्मण समाज के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। समाज के लोगों ने ने 15 जनवरी तक फैसला वापस लेने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न होने पर इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
मंदिर के अधिग्रहण के विरोध में वह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सुषमा स्वराज सहित कई केंद्रीय मंत्रियों से भी गुहार लगाई जाएगी। ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीराम दीक्षित और कौशिक खाप के उपप्रधान बलवान कौशिक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश-प्रदेश के जिन श्रद्धालुओं की आस्था माता बननभौरी में है, उनकी भावनाओं के साथ प्रदेश सरकार ने खिलवाड़ की है। दीक्षित ने कहा कि 200 साल पुराने माता के मंदिर जिसे 14 पीढ़ियां अपनी आस्था और परिश्रम से सींचती आई हैं। अब इस मंदिर को सरकार के अधीन लाया जा रहा है। इससे माता के करोड़ों श्रद्धालु आहत हैं।
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गुरुद्वारों, मस्जिदों, डेरों और गिरजाघरों का करें अधिग्रहण
दीक्षित ने कहा कि सरकार सिर्फ मंदिरों पर ही हाथ डाल रही है। सरकार गुरुद्वारों, मस्जिदों, डेरों और गिरजाघरों को भी अधिग्रहीत करे। यहां तक की प्रदेश में मौजूद बड़े निजी अस्पतालों को भी सरकार के अधीन होना चाहिए।
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30जेएनडी01: पत्रकारों से बातचीत करते हरीराम दीक्षित व बलवान कौशिक