फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   4.25 lakh rupees in the name of RD-FD

आरडी-एफडी के नाम पर 4.25 लाख रुपये हड़पे

Thu, 11 Feb 2021 10:41 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 11 Feb 2021 10:41 PM IST
विज्ञापन
4.25 lakh rupees in the name of RD-FD
जींद। शहर की न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी महिला को आरडी व एफडी के नाम पर ज्यादा ब्याज देेने का लालच देकर 4.25 लाख रुपये हड़पने और नौ साल बाद में रुपये देने से इनकार करने के आरोपी को पुलिस ने बुधवार गिरफ्तार कर लिया। वीरवार को पुलिस ने आरोपी हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी रामभगत को अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया।
विज्ञापन

शहर की न्यू हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी नीलम ने डीआईजी कम एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि रामभगत शास्त्री से उसकी जान पहचान थी। वर्ष 2011 में वह अपनी पत्नी के साथ उसके घर आया और बताया कि उन्होंने एक कंपनी बनाई है। कंपनी में आरडी और एफडी करते हैं। जिनकी अवधि पूरी होने पर ज्यादा ब्याज के साथ राशि मिलेगी। एफडी का समय साढ़े छह साल है और आरडी का समय पांच साल है। उसके बाद रामभगत ने उसकी और लड़के रवि की 1000 रुपये प्रति माह की दो आरडी शुरू कर दी और उनके हस्ताक्षर करवा लिए। उसने कहा था कि इनके कागजात कंपनी से दिलवा दूंगा। उसके बाद रामभगत ने उनको अर्जुन स्टेडियम में बुलाया। जहां रामभगत के साथ उसकी पत्नी सुनीता भी मौजूद थी। उन्होंनेे आश्वासन दिलवाया कि उनका काम पूरी तरह से कानूनी है जो पैसे लगाओगे उसकी अदायगी आपके कहे अनुसार कर देंगे। फिर उन्होंने कहा कि अपने रिश्तेदारों के भी खाते चालू करवा लो। फिर उन्होंने पांच खाते घर के सदस्यों के करवाए। इसके बाद कई खातों की समयावधि पूरी हो गई। उक्त दंपती ने कभी 10 हजार तो कभी 20 हजार देकर इस तरह से एक लाख 80 हजार रुपये उनको दे दिए। उसके बाद बाकी पेमेंट के लिए चेक दिए, जो बाउंस हो गए। अब जब उनसे बकाया राशि मांगते हैं तो आनाकानी कर रहे हैं। आरोपियों की तरफ उनके 4.25 हजार रुपये बकाया हैं।
विज्ञापन

फर्जी तरीके से कंपनी बनाकर लोगों को आरडी-एफडी के नाम पर ठगने के आरोपी रामभगत को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। जहां से आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लिया है। इस दौरान आरोपी से पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने कितने लोगों को फर्जी कंपनी के नाम पर ठगा है। इसके अलावा पता लगाया जाएगा कि इतनी राशि कहां इस्तेमाल की। - शहर थाना प्रभारी डॉ. सुनील कुमार
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed