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सरपंचों के समर्थन में पहुंचने लगे राजनीतिक लोग कि
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
ई-पंचायत का विरोध व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर अपमान करने का आरोप लगाकर जिला भर में सरपंचों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। खंड स्तर पर धरना दे रहे सरपंचों को अब राजनीतिक लोगों का भी समर्थन मिलने लगा है। इससे सरपंच अब बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत सरपंचों ने सरकार को वीरवार तक का समय दिया है। सरपंचों का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो शुक्रवार को सरपंच गांवों से लोगों को लेकर आएंगे और शहर में जाम लगा दिया जाएगा।
मंगलवार को जींद में लघु सचिवालय के बाहर सरपंचों का धरना जारी रहा। इस दौरान कांग्रेस नेता और जिला पार्षद सतपाल (सत्तू) संगतपुरा ने भी समर्थन किया। सतपाल संगतपुरा ने कहा कि सरपंच एसोसिएशन की मांगे जायज हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पंचायती राज संस्थाओं का विशेष योगदान है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत या सरपंचों को भी अगर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करना पड़ रहा है तो विकास कैसे होगा। सतपाल संगतपुरा ने कहा कि हरियाणा सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है। हर जगह लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं। वहीं सरपंच एसोसिएशन के जींद खंड प्रधान संदीप अहलवात ने कहा कि सरपंच सरकार के फैसले का काफी इंतजार कर चुके हैं। अब गांवों के लोगों को इस आंदोलन में शामिल करेंगे। इस मौके पर उनके साथ पहुंचे मंजीत ढांडा, संजय जागलान बीबीपुर, सुनील जुलानी, दलजीत बरसोला, कृष्ण कंडेला मौजूद रहे।
महिला सरपंचों ने भी संभाला मोर्चा
अब तक चले आंदोलन में जहां जिला महिला सरपंचों की भागेदारी नहीं थी, ऐसे में मंगलवार को कई महिला सरपंच भी धरने पर पहुंची। सरपंचों ने कहा कि सरकार बिना किसी तैयारी के नई व्यवस्था लाना चाहती है। इसका सीधा असर गांवों के विकास पर पड़ेगा।
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जींद।
ई-पंचायत का विरोध व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर अपमान करने का आरोप लगाकर जिला भर में सरपंचों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। खंड स्तर पर धरना दे रहे सरपंचों को अब राजनीतिक लोगों का भी समर्थन मिलने लगा है। इससे सरपंच अब बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत सरपंचों ने सरकार को वीरवार तक का समय दिया है। सरपंचों का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो शुक्रवार को सरपंच गांवों से लोगों को लेकर आएंगे और शहर में जाम लगा दिया जाएगा।
मंगलवार को जींद में लघु सचिवालय के बाहर सरपंचों का धरना जारी रहा। इस दौरान कांग्रेस नेता और जिला पार्षद सतपाल (सत्तू) संगतपुरा ने भी समर्थन किया। सतपाल संगतपुरा ने कहा कि सरपंच एसोसिएशन की मांगे जायज हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पंचायती राज संस्थाओं का विशेष योगदान है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत या सरपंचों को भी अगर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करना पड़ रहा है तो विकास कैसे होगा। सतपाल संगतपुरा ने कहा कि हरियाणा सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है। हर जगह लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं। वहीं सरपंच एसोसिएशन के जींद खंड प्रधान संदीप अहलवात ने कहा कि सरपंच सरकार के फैसले का काफी इंतजार कर चुके हैं। अब गांवों के लोगों को इस आंदोलन में शामिल करेंगे। इस मौके पर उनके साथ पहुंचे मंजीत ढांडा, संजय जागलान बीबीपुर, सुनील जुलानी, दलजीत बरसोला, कृष्ण कंडेला मौजूद रहे।
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महिला सरपंचों ने भी संभाला मोर्चा
अब तक चले आंदोलन में जहां जिला महिला सरपंचों की भागेदारी नहीं थी, ऐसे में मंगलवार को कई महिला सरपंच भी धरने पर पहुंची। सरपंचों ने कहा कि सरकार बिना किसी तैयारी के नई व्यवस्था लाना चाहती है। इसका सीधा असर गांवों के विकास पर पड़ेगा।
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