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सांसद सभा मामला: स्टाफ सदस्य पर गिरी गाज, इंचार्ज सस्पेंड
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:19 AM IST
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डीईओ के बाद कार्यवाहक इंचार्ज पर गिरी गाज, सस्पेंड, दबाव देकर छुट्टी कराने वाले प्रभावशाली लोगों पर आंच तक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सिवानमाल गांव के राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में इनेलो सांसद की जनसभा और दबाव देकर छुट्टी कराने के मामले में अब स्टाफ पर गाज गिरी। बीईओ की जांच रिपोर्ट को देखते हुए डीईओ सत्यवती नांदल ने कार्यवाहक इंचार्ज प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया। वहीं छह दिसंबर को छुट्टी पर होने के चलते इंचार्ज को चार्जशीट किया जा चुका है। साथ ही विभाग ने डीईओ वंदना गुप्ता को निलंबित कर दिया। बावजूद अभी तक उन प्रभावशाली लोगों पर आंच तक नहीं आई, जिन्होंने टेस्ट होने के बाद भी दबाव देकर स्कूल में छुट्टी करवा दी और छात्राओं को जनसभा में बैठाया।
बिना अनुमति स्कूल में जनसभा करने वाले प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई की बात जिला उपायुक्त ने पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा, शिक्षा विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। सांसद दुष्यंत चौटाला की जनसभा छह दिसंबर को सिवानमाल गांव के राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में सुबह साढ़े नौ बजे हुई थी। एसडीएम से बात करने पर पता चला कि इस जनसभा के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई, जबकि प्रशासन से सभा के लिए अनुमति लेनी चाहिए। इसके बाद भी जिला उपायुक्त अमित खत्री ने मामले में कोई कदम नहीं उठाया।
छह दिसंबर को इंचार्ज रहे अध्यापक को ठहराया जिम्मेदार
सिवानमाल गांव के सरकारी स्कूल मामले में शुक्रवार को तीसरी बड़ी कार्रवाई हुई। बीईओ रामप्रकाश की जांच रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग से कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी सत्यवती नांदल ने रिपोर्ट के आधार पर इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है। बीईओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में इंचार्ज प्रताप सिंह को ही पूरी तरह से दोषी माना था। उच्च अधिकारियों को सूचित करने की जिम्मेदारी उन्हीं की थी। इस बारे में उन्होंने स्वयं भी निरीक्षण के दौरान इंचार्ज को लताड़ लगाई थी।
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सांसद की सभा के लिए स्कूल की छुट्टी करने के मामले की जांच बीईओ सफीदों ने की थी। उन्होंने अपनी जांच में इंचार्ज को दोषी माना। जिसके आधार पर इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है।
- सत्यवती नांदल, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी
मामले में मुख्य कार्रवाई शिक्षा विभाग को ही करनी है। उनके पास जांच रिपोर्ट आई हुई है। जिसे वह देख नहीं पाए। जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही कार्रवाई करेंगे।
अमित खत्री, डीसी
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सिवानमाल गांव के राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में इनेलो सांसद की जनसभा और दबाव देकर छुट्टी कराने के मामले में अब स्टाफ पर गाज गिरी। बीईओ की जांच रिपोर्ट को देखते हुए डीईओ सत्यवती नांदल ने कार्यवाहक इंचार्ज प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया। वहीं छह दिसंबर को छुट्टी पर होने के चलते इंचार्ज को चार्जशीट किया जा चुका है। साथ ही विभाग ने डीईओ वंदना गुप्ता को निलंबित कर दिया। बावजूद अभी तक उन प्रभावशाली लोगों पर आंच तक नहीं आई, जिन्होंने टेस्ट होने के बाद भी दबाव देकर स्कूल में छुट्टी करवा दी और छात्राओं को जनसभा में बैठाया।
बिना अनुमति स्कूल में जनसभा करने वाले प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई की बात जिला उपायुक्त ने पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा, शिक्षा विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। सांसद दुष्यंत चौटाला की जनसभा छह दिसंबर को सिवानमाल गांव के राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में सुबह साढ़े नौ बजे हुई थी। एसडीएम से बात करने पर पता चला कि इस जनसभा के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई, जबकि प्रशासन से सभा के लिए अनुमति लेनी चाहिए। इसके बाद भी जिला उपायुक्त अमित खत्री ने मामले में कोई कदम नहीं उठाया।
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छह दिसंबर को इंचार्ज रहे अध्यापक को ठहराया जिम्मेदार
सिवानमाल गांव के सरकारी स्कूल मामले में शुक्रवार को तीसरी बड़ी कार्रवाई हुई। बीईओ रामप्रकाश की जांच रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग से कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी सत्यवती नांदल ने रिपोर्ट के आधार पर इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है। बीईओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में इंचार्ज प्रताप सिंह को ही पूरी तरह से दोषी माना था। उच्च अधिकारियों को सूचित करने की जिम्मेदारी उन्हीं की थी। इस बारे में उन्होंने स्वयं भी निरीक्षण के दौरान इंचार्ज को लताड़ लगाई थी।
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सांसद की सभा के लिए स्कूल की छुट्टी करने के मामले की जांच बीईओ सफीदों ने की थी। उन्होंने अपनी जांच में इंचार्ज को दोषी माना। जिसके आधार पर इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है।
- सत्यवती नांदल, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी
मामले में मुख्य कार्रवाई शिक्षा विभाग को ही करनी है। उनके पास जांच रिपोर्ट आई हुई है। जिसे वह देख नहीं पाए। जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही कार्रवाई करेंगे।
अमित खत्री, डीसी