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सरकार से समर्थन वापस ले लिया है तो सीएम से क्यों मिलना : सांगवान
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किसानों को संबोधित करते विधायक सोमबीर सांगवान। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
किसानों की मांगों को पूरा करने में देरी का भुगतान भी सरकार को करना होगा। यह कहना है कि दादरी से निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान का। इससे पहले आंदोलन स्थल पर पहुंचने पर गुलिया खाप प्रधान विनोद गुलिया ने आभार प्रकट किया और किसानों की मांगों से अवगत करवाया।
सोमबीर सांगवान बुधवार को दिल्ली के ढांसा बार्डर पर किसान आंदोलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों और सरकार के बीच अब कुछ समय की दूरी है, क्योंकि जल्द ही सरकार को मांग मानने के लिए विवश होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कृषि संबंधी तीनों कानूनों को निरस्त करना अब सरकार की मजबूरी बन गया है, क्योंकि किसानों को तीनों कानूनों से होने वाले नुकसान का पता चल गया है। सरकार ने किसानों को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन किसान जागरूक हैं और कानूनों का मतलब समझ गए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति से पहले वह एक किसान और सामाजिक व्यक्ति हैं। इसी को समझते हुए उन्होंने सरकार की ओर से मिले चेयरमैन पद से इस्तीफा देते हुए सामाजिक व्यक्ति की भूमिका निर्वाह किया है।
विधायक सांगवान ने पत्रकारों से बातचीत में निर्दलीय विधायकों की बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि निर्दलीय विधायक किसानों के साथ हैं और सरकार से तीनों कानूनों को निरस्त करने की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में विधायकों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलने का फैसला लिया, लेकिन वह स्वयं मिलने के लिए नहीं गए, क्योंकि वह सरकार के साथ नहीं हैं। सरकार के साथ नहीं होने के चलते ही उन्होंने मुख्यमंत्री से नहीं मिलने का निर्णय लिया, जबकि अन्य विधायकों ने अपनी मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया है।
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सोमबीर सांगवान बुधवार को दिल्ली के ढांसा बार्डर पर किसान आंदोलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों और सरकार के बीच अब कुछ समय की दूरी है, क्योंकि जल्द ही सरकार को मांग मानने के लिए विवश होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कृषि संबंधी तीनों कानूनों को निरस्त करना अब सरकार की मजबूरी बन गया है, क्योंकि किसानों को तीनों कानूनों से होने वाले नुकसान का पता चल गया है। सरकार ने किसानों को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन किसान जागरूक हैं और कानूनों का मतलब समझ गए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति से पहले वह एक किसान और सामाजिक व्यक्ति हैं। इसी को समझते हुए उन्होंने सरकार की ओर से मिले चेयरमैन पद से इस्तीफा देते हुए सामाजिक व्यक्ति की भूमिका निर्वाह किया है।
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विधायक सांगवान ने पत्रकारों से बातचीत में निर्दलीय विधायकों की बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि निर्दलीय विधायक किसानों के साथ हैं और सरकार से तीनों कानूनों को निरस्त करने की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में विधायकों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलने का फैसला लिया, लेकिन वह स्वयं मिलने के लिए नहीं गए, क्योंकि वह सरकार के साथ नहीं हैं। सरकार के साथ नहीं होने के चलते ही उन्होंने मुख्यमंत्री से नहीं मिलने का निर्णय लिया, जबकि अन्य विधायकों ने अपनी मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया है।
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