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गिरफ्तारी की अफवाह पर ग्रामीणों ने घेरी पुलिस जिप्सी, रहा तनाव
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 18 May 2016 12:36 AM IST
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traffic police
- फोटो : Amar Ujala
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गांव ग्वालिसन में एक युवक ने ग्रामीणों को झूठी सूचना दी कि पुलिस की एक टीम गांव से जाट आरक्षण मामले में एक युवक को उठा कर गांव काड़ौदा की ओर ले गई है। सूचना के बाद गांव के ग्रामीणों सहित आसपास के गांवों के लोग भी एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस जिप्सी को घेर लिया और पुलिस कर्मियों को बंधक बनाने का प्रयास किया। करीब दो घंटे तक चलते इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद सच्चाई पता चलने पर ग्रामीणों ने पंचायत कर न सिर्फ पुलिस कर्मियों से माफी मांगी, बल्कि झूठी सूचना देने वाले युवक पर 11 सौ रुपये का जुर्माना भी ठोका।
जानकारी अनुसार सोमवार रात गांव ग्वालिसन में अफवाह फैली कि गांव के भोलू नामक युवक को जाट आरक्षण आंदोलन में दर्ज मामले में पुलिस जिप्सी में डाल कर ले गई है। अफवाह फैलने की ही देर थी कि ग्रामीण एकत्रित हो गए और आस-पास के गांवों में भी मामले की सूचना दी। जिसके बाद साथ लगने गांवों से भी काफी संख्या में ग्रामीण ग्वालिसन आ पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों को सूचना मिली कि पुलिस की जिप्सी गांव काडौदा की तरफ गई है तो ग्रामीणों ने जिप्सी की तलाश शुरू की। पुलिस जिप्सी काडौदा गांव से कुछ ही दूरी पर मिल गई, जिसमें चार-पांच पुलिस कर्मचारी सवार थे। ग्रामीण पुलिस जिप्सी और पुलिस कर्मचारियों को घेर कर गांव ग्वालिसन ले आए।
पुलिस से युवक को उठाने के संबंध में पूछा तो पुलिस कर्मचारियों ने ऐसी किसी भी घटना से इंकार करते हुए सामान्य गश्त किए जाने की बात कही। सूचना विभाग के अधिकारियों को भी दी गई। काफी देर तक ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए। लेकिन इसी दौरान भोलू मौके पर पहुंच गया तो ग्रामीणों को सच्चाई का पता चला। ग्रामीणों ने इस पर पुलिस कर्मियों से माफी मांगी। बाद में मंगलवार को गांव में ही पंचायत का आयोजन किया। जिसमें अन्य गांव से ग्रामीण पहुंचे। अफवाह फैलाने वाले युवक का पता चलने पर पंचायत ने उस पर ग्यारह सौ रुपये का जुर्माना ठोका। भविष्य में इस तरह की अफवाह फैलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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अफवाह के चलते ग्रामीणों में गलतफहमी हो गई थी। बाद में पता चलने पर ग्रामीणों ने भविष्य में पुलिस का सहयोग करने का आश्वासन भी दिया है। ग्रामीणों ने पंचायती तौर पर अपनी गलती भी स्वीकार की है।
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जानकारी अनुसार सोमवार रात गांव ग्वालिसन में अफवाह फैली कि गांव के भोलू नामक युवक को जाट आरक्षण आंदोलन में दर्ज मामले में पुलिस जिप्सी में डाल कर ले गई है। अफवाह फैलने की ही देर थी कि ग्रामीण एकत्रित हो गए और आस-पास के गांवों में भी मामले की सूचना दी। जिसके बाद साथ लगने गांवों से भी काफी संख्या में ग्रामीण ग्वालिसन आ पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों को सूचना मिली कि पुलिस की जिप्सी गांव काडौदा की तरफ गई है तो ग्रामीणों ने जिप्सी की तलाश शुरू की। पुलिस जिप्सी काडौदा गांव से कुछ ही दूरी पर मिल गई, जिसमें चार-पांच पुलिस कर्मचारी सवार थे। ग्रामीण पुलिस जिप्सी और पुलिस कर्मचारियों को घेर कर गांव ग्वालिसन ले आए।
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पुलिस से युवक को उठाने के संबंध में पूछा तो पुलिस कर्मचारियों ने ऐसी किसी भी घटना से इंकार करते हुए सामान्य गश्त किए जाने की बात कही। सूचना विभाग के अधिकारियों को भी दी गई। काफी देर तक ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए। लेकिन इसी दौरान भोलू मौके पर पहुंच गया तो ग्रामीणों को सच्चाई का पता चला। ग्रामीणों ने इस पर पुलिस कर्मियों से माफी मांगी। बाद में मंगलवार को गांव में ही पंचायत का आयोजन किया। जिसमें अन्य गांव से ग्रामीण पहुंचे। अफवाह फैलाने वाले युवक का पता चलने पर पंचायत ने उस पर ग्यारह सौ रुपये का जुर्माना ठोका। भविष्य में इस तरह की अफवाह फैलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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अफवाह के चलते ग्रामीणों में गलतफहमी हो गई थी। बाद में पता चलने पर ग्रामीणों ने भविष्य में पुलिस का सहयोग करने का आश्वासन भी दिया है। ग्रामीणों ने पंचायती तौर पर अपनी गलती भी स्वीकार की है।
जगत सिंह, डीएसपी।