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बातों में उलझाकर बदला एटीएम कार्ड, उड़ाए 1 लाख 5 हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
Updated Mon, 24 Apr 2017 01:22 AM IST
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- फोटो : Demo pic
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धोखाधड़ी कर एटीएम बदलने की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। अब एक श्रमिक का एटीएम कार्ड बदलकर उसके खाते से 1 लाख 5 हजार रुपये उड़ा लिए गए हैं। पीड़ित श्रमिक कभी बैंक तो कभी पुलिस थाने में कार्रवाई के लिए चक्कर लगा रहा है।
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मूलत: बिहार का निवासी मोहम्मद जहीरुद्दीन पिछले कुछ समय से बहादुरगढ़ से सटे दिल्ली के गांव टीकरी कलां में रह रहा है। वह यहां स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चिनाई काम का काम करता है। जहीरुद्दीन के मुताबिक, वह 7 अप्रैल को मामा चौक स्थित एक एचडीएफसी बैंक में रुपये निकलवाने के लिए आया था।
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तब उसने अपने खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए। आरोप है कि उस वक्त एक युवक भी वहां मौजूद था। उसने बातचीत में लगाकर धोखाधड़ी से उसका कार्ड बदल लिया। चूंकि उसके पास एसएमएस सुविधा नहीं थी तो उसे रुपये निकाले जाने का पता नहीं चल सका। अभी कुछ ही दिन पहले जब वह रुपये निकलाने के लिए फिर से एटीएम में गया तो एटीएम ने काम नहीं किया। इसके बाद उसने कार्ड कंपनी के अधिकारियों को दिखाया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्ड उसका नहीं बल्कि किसी कविता नाम की लड़की का है। इस पर वह तुरंत बैंक में गया। बैंक में गया तो पता चला कि 8 और 9 अप्रैल तारीखों के बीच उसके खाते से 1 लाख 5 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसमें 40 हजार रुपये की राशि कविता नाम की लड़की के खाते में ट्रांसफर की गई है। बाकी कैश एटीएम के जरिये निकाला गया। पीड़ित की शिकायत पर शहर थाना पुलिस में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, जांच की जा रही है। शीघ्र की मामले को सुलझा लिया जाएगा।
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किराया भी नहीं, कैसे लौटे गांव
जहीरुद्दीन ने बताया कि वे सात लोग बिहार से टीकरी कलां में काम के लिए आए थे। यहां स्कूल में उन्होंने मेहनत मजदूरी की। उसके अन्य छह साथियों का बैंक में अकाउंट नहीं है। इसलिए काम पूरा हुआ तो कंपनी ने उसे 1 लाख 25 हजार रुपये का चेक दिया। उसने 4 अप्रैल को चेक लगा दिया था। जरूरत पड़ी तो उसने 20 हजार रुपये निकाल लिए। लेकिन अब उन्हें गांव वापस लौटना था। इसलिए 18 अप्रैल को वे रुपये निकलवाने के लिए गए। पता चला कि उसके खाते से तमाम राशि उड़ाई जा चुकी है। इस बारे में जानने के लिए वह एसबीआई की मुंडका स्थित शाखा में गया। उन्होंने उसे टीकरी कलां स्थित शाखा में भेज दिया। यहां अधिकारियों ने उसे पुलिस में शिकायत देने की सलाह दी। इस तरह दो-तीन दिन तक वह कभी बैंक तो कभी थाने में चक्कर लगाता रहा। जहीरुद्दीन ने कहा कि उसे और उसके साथियों को गांव लौटना है, मगर जाने के लिए किराया तक नहीं है। पुलिस प्रशासन जल्द से जल्द तफ्तीश पूरी करके आरोपियों को गिरफ्तार करें।