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पुलिस जवान व उसकी पत्नी का एक ही चिता में हुआ अंतिम संस्कार
Updated Wed, 04 Oct 2017 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बेरी (झज्जर)।
राजस्थान के उदयपुर में बटालियन कैंपस में रहने वाले आरएसी के जवान गांव डीघल निवासी मंजीत अहलावत और उसकी पत्नी मीनू के शवों का मंगलवार सुबह एक ही चिता पर काफी गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद से ही गांव का हर ग्रामीण काफी दुखी था और इस बात को सोच-सोच कर परेशान भी था कि आखिर मंजीत ने ऐसा कदम क्यों उठाया। मंजीत हंसमुख स्वभाव का लड़का था। मंजीत अहलावत व उसकी पत्नी मीनू का शव मंगलवार अलसुबह उनके पैतृक गांव डीघल लाए गए। जिसके बाद मंजीत की अंतिम यात्रा में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए।
बता दें कि बेरी के गांव डीघल निवासी मंजीत अहलावत इन दिनों उदयपुर में तैनात था और 15 दिनों पहले ही अपनी ड्यूटी पर पहुंचा था। उसके बाद 27 सितंबर को उसकी पत्नी व तीन साल की बेटी पूर्वी और पांच साल का बेटा अंश उदयपुर पहुंचे थे। उनके पहुंचने के चार दिन बाद ही मंजीत ने अपनी पत्नी को गोली मारकर स्वयं भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही मंजीत का परिवार उसी दिन उदयपुर के लिए रवाना हो गया था। लेकिन सोमवार को मंजीत व उसकी पत्नी मीनू के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में देरी होने के चलते इन दोनों के शव मंगलवार अलसुबह ही गांव डीघल पहुंच सके।
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बेरी (झज्जर)।
राजस्थान के उदयपुर में बटालियन कैंपस में रहने वाले आरएसी के जवान गांव डीघल निवासी मंजीत अहलावत और उसकी पत्नी मीनू के शवों का मंगलवार सुबह एक ही चिता पर काफी गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद से ही गांव का हर ग्रामीण काफी दुखी था और इस बात को सोच-सोच कर परेशान भी था कि आखिर मंजीत ने ऐसा कदम क्यों उठाया। मंजीत हंसमुख स्वभाव का लड़का था। मंजीत अहलावत व उसकी पत्नी मीनू का शव मंगलवार अलसुबह उनके पैतृक गांव डीघल लाए गए। जिसके बाद मंजीत की अंतिम यात्रा में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए।
बता दें कि बेरी के गांव डीघल निवासी मंजीत अहलावत इन दिनों उदयपुर में तैनात था और 15 दिनों पहले ही अपनी ड्यूटी पर पहुंचा था। उसके बाद 27 सितंबर को उसकी पत्नी व तीन साल की बेटी पूर्वी और पांच साल का बेटा अंश उदयपुर पहुंचे थे। उनके पहुंचने के चार दिन बाद ही मंजीत ने अपनी पत्नी को गोली मारकर स्वयं भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही मंजीत का परिवार उसी दिन उदयपुर के लिए रवाना हो गया था। लेकिन सोमवार को मंजीत व उसकी पत्नी मीनू के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में देरी होने के चलते इन दोनों के शव मंगलवार अलसुबह ही गांव डीघल पहुंच सके।
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