{"_id":"595a9b284f1c1bea0b8b465e","slug":"51499110184-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्यांग का तहसील चपड़ासी पर आरोप, 10 हजार न देने पर दी खोखा उठवाने की धमकी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दिव्यांग का तहसील चपड़ासी पर आरोप, 10 हजार न देने पर दी खोखा उठवाने की धमकी
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बेरी।
क्षेत्र निवासी एक दिव्यांग ने तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत एक चपड़ासी पर 10 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। आरोप में दिव्यांग ने कहा कि लघु सचिवालय परिसर में खोखा रखने की एवज में उक्त चपड़ासी ने उससे 10 हजार की मांग की है। खास बात यह है कि इसी खोखे को रखने के बारे में एसडीएम द्वारा पूछे जाने पर तहसीलदार ने ही निरीक्षण कर इससे कोई रुकावट पैदा न होने की क्लीन चिट दी थी।
बेरी के झज्जर रोड पर बने लघुसचिवालय में स्थानीय वासी दिव्यांग अनिल पुत्र राजपाल ने करीब डेढ़ माह पहले चाय का खोखा रखा था। जब अनिल ने वहां खोखा रखा था, तब विवाद हुआ था कि यह खोखा रास्ते में रुकावट कर रहा है। अनिल ने इसकी शिकायत स्थानीय एसडीएम को दी थी। एसडीएम ने तहसीलदार को निरीक्षण करने के आदेश दिये थे कि खोखा रास्ते में रुकावट तो नहीं कर रहा।
तहसीलदार ने निरीक्षण करने के बाद बताया कि खोखे से कोई रुकावट नहीं पैदा हो रही है। अब सोमवार को ऐसा वाक्या हुआ कि तहसील कार्यालय में चपड़ासी के पद पर कार्यरत रमेश कुमार ने खोखे को वहां से उठाने के लिए दिव्यांग अनिल का कहा।
विज्ञापन
अनिल का आरोप है कि उक्त चपड़ासी ने उससे खोखा रखने की एवज में 10 हजार मांगे हैं और पैसे नहीं दिये जाने पर खोखा उठवाने की बात कही है। दिव्यांग ने चपड़ासी को 7500 की नकदी भी दे दी। लेकिन चपड़ासी नहीं माना और थोड़ी ही देर में नायब तहसीलदार को मौके पर लेकर आया और खोखा हटाने के आदेश दिए। अधिकारी ने उसे जल्द न उठाने पर पुलिस को बुलाने की बात भी कही। पीड़ित खोखाधारक अनिल का कहना है कि लघु सचिवालय परिसर में दो दर्जन से ज्यादा खोखे रखे हुए हैं और केवल उसे ही खोखा उठाने के लिए परेशान किया जा रहा है।
वर्जन
बेरी के एसडीएम संजय राय ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। पीड़ित खोखाधारक द्वारा लिखित में शिकायत दी जाती है तो मामले की जांच करवांगे और जो भी कार्रवाई होगी अमल में लाई जाएगी। उन्हें मामले की सूचना अवश्य दें।
- बेरी में लघुु सचिवालय में खोखा खोखा रखने की एवज में मांगी रिश्वत, कम दिये तो नायब तहसीलदार को बुलवाया
विज्ञापन
बेरी।
क्षेत्र निवासी एक दिव्यांग ने तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत एक चपड़ासी पर 10 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। आरोप में दिव्यांग ने कहा कि लघु सचिवालय परिसर में खोखा रखने की एवज में उक्त चपड़ासी ने उससे 10 हजार की मांग की है। खास बात यह है कि इसी खोखे को रखने के बारे में एसडीएम द्वारा पूछे जाने पर तहसीलदार ने ही निरीक्षण कर इससे कोई रुकावट पैदा न होने की क्लीन चिट दी थी।
बेरी के झज्जर रोड पर बने लघुसचिवालय में स्थानीय वासी दिव्यांग अनिल पुत्र राजपाल ने करीब डेढ़ माह पहले चाय का खोखा रखा था। जब अनिल ने वहां खोखा रखा था, तब विवाद हुआ था कि यह खोखा रास्ते में रुकावट कर रहा है। अनिल ने इसकी शिकायत स्थानीय एसडीएम को दी थी। एसडीएम ने तहसीलदार को निरीक्षण करने के आदेश दिये थे कि खोखा रास्ते में रुकावट तो नहीं कर रहा।
विज्ञापन
तहसीलदार ने निरीक्षण करने के बाद बताया कि खोखे से कोई रुकावट नहीं पैदा हो रही है। अब सोमवार को ऐसा वाक्या हुआ कि तहसील कार्यालय में चपड़ासी के पद पर कार्यरत रमेश कुमार ने खोखे को वहां से उठाने के लिए दिव्यांग अनिल का कहा।
विज्ञापन
अनिल का आरोप है कि उक्त चपड़ासी ने उससे खोखा रखने की एवज में 10 हजार मांगे हैं और पैसे नहीं दिये जाने पर खोखा उठवाने की बात कही है। दिव्यांग ने चपड़ासी को 7500 की नकदी भी दे दी। लेकिन चपड़ासी नहीं माना और थोड़ी ही देर में नायब तहसीलदार को मौके पर लेकर आया और खोखा हटाने के आदेश दिए। अधिकारी ने उसे जल्द न उठाने पर पुलिस को बुलाने की बात भी कही। पीड़ित खोखाधारक अनिल का कहना है कि लघु सचिवालय परिसर में दो दर्जन से ज्यादा खोखे रखे हुए हैं और केवल उसे ही खोखा उठाने के लिए परेशान किया जा रहा है।
वर्जन
बेरी के एसडीएम संजय राय ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। पीड़ित खोखाधारक द्वारा लिखित में शिकायत दी जाती है तो मामले की जांच करवांगे और जो भी कार्रवाई होगी अमल में लाई जाएगी। उन्हें मामले की सूचना अवश्य दें।
- बेरी में लघुु सचिवालय में खोखा खोखा रखने की एवज में मांगी रिश्वत, कम दिये तो नायब तहसीलदार को बुलवाया