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नया पैंतरा: सट्टा खाइवालों को पकड़ने के लिए पुलिस बन रही बोगस सट्टेबाज
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। सट्टा खाइवालों को काबू करने के लिए इन दिनों जिला पुलिस नया पैंतरा आजमा रही है। इसके तहत पुलिस कर्मी बोगस सट्टेबाज बनकर खाइवाल के पास पहुंचते हैं। नोट थमाकर नंबर लगाते हैं। खाइवाल के पर्ची थमाते ही पुलिस टीम रेड कर आरोपी को काबू कर लेती है। बीते कुछ दिनों में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं जिनमें पुलिस कर्मियों ने बोगस सट्टेबाज बनकर नंबर लगाया है। हालांकि विभागीय सूत्रों की मानें तो सट्टा खाइवाली रोकने के लिए कानून में बदलाव की जरूरत है। मौजूदा समय में मात्र कुछ रुपये जुर्माना भरकर खाइवाल अपनी जमानत तुरंत करवा लेते हैं।
केस :1- 11 नंबर पर खेला दस रुपये का सट्टा
पांच दिसंबर को पुलिस टीम ने यह पैंतरा खेलकर वार्ड-13 निवासी एक सट्टा खाइवाल को काबू किया था। यहां एक पुलिस कर्मी बोगस सट्टेबाज बनकर पहुंचा और उसने खाइवाल को 10 रुपये का नोट थमाकर 11 नंबर पर सट्टा लगाया। खाइवाल ने उसे पर्ची दे दी और उक्त पुलिस कर्मी का इशारा पाकर पुलिस टीम वहां पहुंच गई। उक्त सट्टा खाइवाल से पुलिस ने नंबर लिखी पर्चियां व करीब 1020 रुपये की नकदी बरामद की थी।
केस :2- पुलिस कर्मचारी ने 50 रुपये लगाए 51 पर
नवंबर माह के अंत में भी पुलिस ने पुराना शहर से एक सट्टा खाइवाल को इसी पैंतरे से अपने जाल में फंसाया था। उस समय एक पुलिस कर्मी सिविल ड्रेस में यहां पहुंचा और उसने 50 रुपये का नोट सट्टा खाइवाल को थमा दिया। इसके बाद उसने 51 नंबर पर सट्टा लगाया और उक्त पुलिस कर्मी का इशारा पाकर पुलिस टीम वहां दबिश देने पहुंच गई। 50 के नोट पर हस्ताक्षर भी किए गए थे और यह नोट सट्टा खाइवाल के पास से पुलिस ने बरामद भी किया। उसके पास से करीब 1050 रुपये की नकदी बरामद हुई।
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केस :3- पुलिस के 51 के फेर में फंसा सट्टा खाइवाल
मंगलवार शाम को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पुरानी गोशाला के समीप एक व्यक्ति सट्टा खाइवाली करती है। इसके आधार पर एक सिपाही को बोगस सट्टेबाज बनाकर उसके पास भेजा गया। सिपाही ने उसे जो 10 रुपये का नोट थमाया उसका सीरियल नंबर पहले से ही नोट था। सिपाही ने 51 नंबर लगाया। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम वहां पहुंच गई और आरोपी सट्टा खाइवाल को काबू कर लिया। उसके पास से पुलिस ने 1090 रुपये की नकदी बरामद की।
गैंबलिंग को रोकने के लिए पुलिस प्रयासरत है। यह अभियान का ही हिस्सा है। इसमें पुलिस को लगातार सफलताएं मिल रही हैं। दलबीर सिंह, सिटी थाना प्रभारी
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चरखी दादरी। सट्टा खाइवालों को काबू करने के लिए इन दिनों जिला पुलिस नया पैंतरा आजमा रही है। इसके तहत पुलिस कर्मी बोगस सट्टेबाज बनकर खाइवाल के पास पहुंचते हैं। नोट थमाकर नंबर लगाते हैं। खाइवाल के पर्ची थमाते ही पुलिस टीम रेड कर आरोपी को काबू कर लेती है। बीते कुछ दिनों में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं जिनमें पुलिस कर्मियों ने बोगस सट्टेबाज बनकर नंबर लगाया है। हालांकि विभागीय सूत्रों की मानें तो सट्टा खाइवाली रोकने के लिए कानून में बदलाव की जरूरत है। मौजूदा समय में मात्र कुछ रुपये जुर्माना भरकर खाइवाल अपनी जमानत तुरंत करवा लेते हैं।
केस :1- 11 नंबर पर खेला दस रुपये का सट्टा
पांच दिसंबर को पुलिस टीम ने यह पैंतरा खेलकर वार्ड-13 निवासी एक सट्टा खाइवाल को काबू किया था। यहां एक पुलिस कर्मी बोगस सट्टेबाज बनकर पहुंचा और उसने खाइवाल को 10 रुपये का नोट थमाकर 11 नंबर पर सट्टा लगाया। खाइवाल ने उसे पर्ची दे दी और उक्त पुलिस कर्मी का इशारा पाकर पुलिस टीम वहां पहुंच गई। उक्त सट्टा खाइवाल से पुलिस ने नंबर लिखी पर्चियां व करीब 1020 रुपये की नकदी बरामद की थी।
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केस :2- पुलिस कर्मचारी ने 50 रुपये लगाए 51 पर
नवंबर माह के अंत में भी पुलिस ने पुराना शहर से एक सट्टा खाइवाल को इसी पैंतरे से अपने जाल में फंसाया था। उस समय एक पुलिस कर्मी सिविल ड्रेस में यहां पहुंचा और उसने 50 रुपये का नोट सट्टा खाइवाल को थमा दिया। इसके बाद उसने 51 नंबर पर सट्टा लगाया और उक्त पुलिस कर्मी का इशारा पाकर पुलिस टीम वहां दबिश देने पहुंच गई। 50 के नोट पर हस्ताक्षर भी किए गए थे और यह नोट सट्टा खाइवाल के पास से पुलिस ने बरामद भी किया। उसके पास से करीब 1050 रुपये की नकदी बरामद हुई।
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केस :3- पुलिस के 51 के फेर में फंसा सट्टा खाइवाल
मंगलवार शाम को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पुरानी गोशाला के समीप एक व्यक्ति सट्टा खाइवाली करती है। इसके आधार पर एक सिपाही को बोगस सट्टेबाज बनाकर उसके पास भेजा गया। सिपाही ने उसे जो 10 रुपये का नोट थमाया उसका सीरियल नंबर पहले से ही नोट था। सिपाही ने 51 नंबर लगाया। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम वहां पहुंच गई और आरोपी सट्टा खाइवाल को काबू कर लिया। उसके पास से पुलिस ने 1090 रुपये की नकदी बरामद की।
गैंबलिंग को रोकने के लिए पुलिस प्रयासरत है। यह अभियान का ही हिस्सा है। इसमें पुलिस को लगातार सफलताएं मिल रही हैं। दलबीर सिंह, सिटी थाना प्रभारी