फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   जमापूंजी न मिलने पर उपभोक्ताओं ने सहारा बैंक में किया हंगामा

जमापूंजी न मिलने पर उपभोक्ताओं ने सहारा बैंक में किया हंगामा

Thu, 13 Dec 2018 02:16 AM IST
Updated Thu, 13 Dec 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
जमापूंजी न मिलने पर उपभोक्ताओं ने सहारा बैंक में किया हंगामा
जमापूंजी न मिलने पर उपभोक्ताओं ने सहारा बैंक में किया हंगामा
विज्ञापन

बहादुरगढ़। सहारा बैंक की रेलवे रोड स्थित स्थानीय शाखा में बुधवार को हंगामा हो गया। रुपये न मिलने पर उपभोक्ताओं ने बैंक अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई। एक महिला ने बैंक के मैनेजर पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया तो महिला द्वारा बैंक मैनेजर पर हाथ उठाने की बात भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, रेलवे रोड स्थित एक कांप्लेक्स में सहारा बैंक की शाखा चल रही है। बुधवार को कुछ लोग शाखा में आए हुए थे। पॉलिसी पूरी होने पर लोगों ने अधिकारियों से अपनी जमापूंजी की मांग की तो बैंक अधिकारियों/कर्मचारियों ने रुपये न होने की बात कही। इससे लोगों में रोष पनप गया और यहां हंगामा शुरू हो गया। लोगों ने बैंक कर्मियों और अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। एक महिला की तो बैंक के मैनेजर के साथ सीधी झड़प हो गई। हाथापाई तक की नौबत आ गई। महिला ने बैंक मैनेजर पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया और 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिटी थाने से पुलिसकर्मी बैंक में पहुंचे और दोनों पक्षों से पूछताछ शुरू की।
विज्ञापन

लोग बोले, बार-बार देते हैं तारीख
बैंक में पहुंचे चमनलाल ने कहा कि उसने बैंक में रोजाना रुपये जमा कराने की पॉलिसी ली थी। पॉलिसी पूरी तो हुई लेकिन अब अपने रुपये वापसी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। आजाद, अनुराग, मोनिका, राधेश्याम, मोनिका, पंकज, नरेश, रामभगत आदि ने कहा कि उनकी पॉलिसी हुए काफी समय बीत गया है। जब भी पैसों के लिए आते हैं, तो अगली तारीख दे दी जाती है। पाई-पाई जोड़कर उन्होंने बैंक में रुपये जमा कराए थे, लेकिन अब अपने ही रुपये पाने के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। बैंक कर्मी हर बार यही कहते हैं कि ऊपर से पैसे नहीं आए, बाद में आना।
विज्ञापन
विज्ञापन

झूठे आरोप लगाए जा रहे : मैनेजर
बैंक के मैनेजर धर्मवीर देशवाल के मुताबिक, हमने लोगों को बस यही कहा था कि अभी शाखा में फंड नहीं आया, आएगा तो दे देंगे। इसी बात पर लोगों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने महिला के साथ बदतमीजी नहीं कि बल्कि महिला ने ही उन पर हाथ उठाने का प्रयास किया और दबाव बनाने के लिए पुलिस में झूठी शिकायत दे दी। उन पर लगे आरोप बेबुनियाद है, वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।

-
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed