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दो दिन में मृत मिलीं 19 गायें, टीमें तैनात नहीं करने पर गोभक्तों ने जताया रोष
Updated Fri, 12 Oct 2018 01:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। लगातार दूसरे दिन भी क्षेत्र में विभिन्न हिस्सों में गायों की मौतों का सिलसिला जारी रहा। नगर के विभिन्न स्थानों से वीरवार को बाबा स्वामी दयाल सेवा संघ के सदस्यों व गोभक्तों ने इन मृत गायों को जेसीबी और नगर परिषद की सहायता से उठाकर शहर से बाहर खेतों में मिट्टी दी। पिछले दो दिनों में शहर में 19 गायों की मौत हुई है।
बाबा स्वामी दयाल सेवा संघ सचिव रिंपी फौगाट ने बताया कि इन सभी मौतों का कारण पहली नजर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए तले व्यंजन ही हैं। इन व्यंजनों को गोवंश पचा नहीं पाए और उनकी मौत हो गई। श्राद्ध पक्ष की अमावस्या के बाद दूसरे दिन तक 19 गायों के शव अलग-अलग जगहों से उठाए गए। वीरवार को बस स्टैंड के पीछे, झज्जर घाटी, गांधी नगर, सीसीआई फाटक के निकट व सुभाष चौक से मृत गायें होने की सूचनाएं संघ सदस्यों को मिलीं। इसके बाद गोभक्त अजय, मंजीत, संजय चाहार, आशीष चौहान, भगत सिंह, दीपक वाल्मीकि, रामफल फौगाट, महेंद्र जेई, श्याम सुंदर, दिनेश शर्मा, आकाश सैनी, सुरेश, मनोज सिंगला, मोहित, दिनेश डाडू, सतबीर, भोजराज, आनंद, राधेश्याम, सचिन सहित अन्यों ने गोवंशों की मौत पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि हर साल ऐसी ही स्थिति बनती है लेकिन इसके बाद भी पशु चिकित्सालय विभाग द्वारा टीमों को तैनात किया जाता। अगर विभाग चाहता तो ये टीमें आपसी संपर्क से अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचती और गोवंशों को इलाज देती।
दो बजने का हवाला देते हुए चिकित्सक ने आने से किया इनकार
गोभक्त रिंपी फौगाट ने आरोप लगाया कि जब गोसेवकों ने एक गांव में तैनात पशु चिकित्सक को मोबाइल पर स्थिति की सूचना दी तो उसका जवाब था कि दोपहर के दो बज चुके हैं और वह इस समय अपने घर पर हैं और वह नहीं आएगा।
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टैग लगी गायें भी मिलीं मृत
गोभक्तों ने बताया कि पिछले दो दिनों में 19 गायों की मौत हुई है उनमें से कुछ के कानों पर टैग लगे हुए थे। रिंपी फौगाट ने आरोप लगाते हुए कहा कि टैग लगे गोवंशों के देखभाल की जिम्मेदारी नगर परिषद और जिला प्रशासन की थीं।
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चरखी दादरी। लगातार दूसरे दिन भी क्षेत्र में विभिन्न हिस्सों में गायों की मौतों का सिलसिला जारी रहा। नगर के विभिन्न स्थानों से वीरवार को बाबा स्वामी दयाल सेवा संघ के सदस्यों व गोभक्तों ने इन मृत गायों को जेसीबी और नगर परिषद की सहायता से उठाकर शहर से बाहर खेतों में मिट्टी दी। पिछले दो दिनों में शहर में 19 गायों की मौत हुई है।
बाबा स्वामी दयाल सेवा संघ सचिव रिंपी फौगाट ने बताया कि इन सभी मौतों का कारण पहली नजर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए तले व्यंजन ही हैं। इन व्यंजनों को गोवंश पचा नहीं पाए और उनकी मौत हो गई। श्राद्ध पक्ष की अमावस्या के बाद दूसरे दिन तक 19 गायों के शव अलग-अलग जगहों से उठाए गए। वीरवार को बस स्टैंड के पीछे, झज्जर घाटी, गांधी नगर, सीसीआई फाटक के निकट व सुभाष चौक से मृत गायें होने की सूचनाएं संघ सदस्यों को मिलीं। इसके बाद गोभक्त अजय, मंजीत, संजय चाहार, आशीष चौहान, भगत सिंह, दीपक वाल्मीकि, रामफल फौगाट, महेंद्र जेई, श्याम सुंदर, दिनेश शर्मा, आकाश सैनी, सुरेश, मनोज सिंगला, मोहित, दिनेश डाडू, सतबीर, भोजराज, आनंद, राधेश्याम, सचिन सहित अन्यों ने गोवंशों की मौत पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि हर साल ऐसी ही स्थिति बनती है लेकिन इसके बाद भी पशु चिकित्सालय विभाग द्वारा टीमों को तैनात किया जाता। अगर विभाग चाहता तो ये टीमें आपसी संपर्क से अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचती और गोवंशों को इलाज देती।
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दो बजने का हवाला देते हुए चिकित्सक ने आने से किया इनकार
गोभक्त रिंपी फौगाट ने आरोप लगाया कि जब गोसेवकों ने एक गांव में तैनात पशु चिकित्सक को मोबाइल पर स्थिति की सूचना दी तो उसका जवाब था कि दोपहर के दो बज चुके हैं और वह इस समय अपने घर पर हैं और वह नहीं आएगा।
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टैग लगी गायें भी मिलीं मृत
गोभक्तों ने बताया कि पिछले दो दिनों में 19 गायों की मौत हुई है उनमें से कुछ के कानों पर टैग लगे हुए थे। रिंपी फौगाट ने आरोप लगाते हुए कहा कि टैग लगे गोवंशों के देखभाल की जिम्मेदारी नगर परिषद और जिला प्रशासन की थीं।