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खेतों के रास्ते बूस्टर में पहुंचे 12 कच्छाधारी डकैतों ने पांच घंटे डाली डकैती, बोले- सुबह 6 बजे के पहले निकले तो गोली मार देंगे
Updated Thu, 04 Oct 2018 02:00 AM IST
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शैलेश तिवारी/मनीष कुमार
बहादुरगढ़। उपमंडल के गांव खेड़का गुर्जर गांव में लगे सिचाई विभाग के लगभग 12 डकैतों ने मंगलवार की रात 11:30 बजे डकैती डाली। बूस्टर परिसर में बने दो कमरे में बेलदार शिवप्रसाद का परिवार रहता है। डकैतों ने परिवार के सभी सदस्यों को हाथ-पैर बांध कर एक कमरे में बंद कर दिया। डकैती डालनेे के बाद डकैत यह बोल कर गए कि अगर सुबह 6 बजे के पहले बाहर निकले तो गोली मार दूंगा। हम सब बाहर ही बैठे हैं। पुलिस ने मौका मुआयना कर केस दर्ज कर छानबीन कर रही है।
मंगलवार की रात करीब 11:30 बजे बेलदार शिवप्रसाद (58) अपने परिवार के साथ बूस्टर परिसर में बने अलग-अलग कमरों में सो रहा था। परिसर में बने दो कमरों में परिवार में कुल छह लोग रहते हैं। शिवप्रसाद के बेटे दीपक ने बताया कि रात करीब 11:30 वह अपने कमरे में सो रहा था। तभी 6 लोग आए और परिवार के बाकी लोगों के बारे में पूछने लगे, मैंने उनसे कहा कि पापा दूसरे कमरे में सो रहे हैं। तभी दो लोग पापा के कमरे में चले गए। मैं उनसे पूछ ही रहा था कि आप लोग कौन है इतने में उन्होंने मेरी कनपटी पर कट्टा रख दिया और कहने लगे कि ज्यादा बोलेगा तो अभी गोली मार दूंगा। तभी दो लोगों ने शिवप्रसाद को जगाया और बोले कि बाकी लोग कहां हैं कहते हुए मोबाइल ले लिया, शिवप्रसाद बोला भाई क्यों मजाक कर रहे मोबाइल तो दे दो बताओ क्या काम है। तभी उनमें से एक युवक दूसरे कमरे में जाने लगा तो मैंने उन लोगों से कहा कि उस कमरे में महिलाएं सो रही हैं वहां क्यों जा रहे हो कोई काम हो तो मुझे बताओ। इतने में एक युवक ने मेरे दोनों हाथ बांध दिए और मुंह भी बांध दिया। महिलाओं के कमरे में गए युवकों ने सभी को जगाकर उनके हाथ और पैर बांध दिए। मुझे भी महिलाओं के कमरे में ले गए थोड़ी देर में मेरे बेटे दीपक को भी वहां ले आए। हम सभी लोगों के उन लोगों ने हाथ पैर और मुंह बांध दिए थे। दो लोग तमंचा लेकर हमारे कमरे में ही कुर्सी डालकर बैठे रहे और दो लोग कमरे के बाहर दरी डालकर बैठे थे। बूस्टर से लगे खेतों के रास्ते सभी डकैत बूस्टर में घुसे थे।
स्टोर रूम का ताला और घर का सामान भी तोड़ा
बेलदार के मुताबिक डकैतों ने हम सभी लोगों को एक कमरे में बंद कर दो लोगों को तमंचे के साथ हमारे पास छोड़ दिया, और दो लोग कमरे के बाहर दरी बिछाकर बैठे थे। बाकी लोगों ने ताला तोड़ स्टोर रूम की जांच पड़ताल करने लगे। बूस्टर अंदर की भी जांच पड़ताल करने लगे। थोड़ी देर बाद दो लोग आए और हमारे कमरों में पड़ा सामान भी उठा-उठा कर फेंकने लगे। कमरे में रखी टीवी, कूलर और अलमारी को उन लोगों ने नुकसान पहुंचाया।
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डकैती के समय परिवार के छह लोग थे मौजूद
जिस समय डकैती पड़ी उस समय परिवार के सभी छह लोग मौजूद थे। मुखिया शिवप्रसाद (58), पत्नी फूलमति (52), पुत्र दीपक (26), पुत्रवधु रीता (23), नैना पौत्री (6), पौत्र आलोक (3) लोग मौजूद थे। परिवार के सभी लोग बूस्टर में पड़ी डकैती से बहुत ही घबराए हुए हैं। सभी लोग उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के रहने वाले हैं।
बूस्टर में रखे तेल से जलाया तार
बेलदार शिवप्रसाद ने बताया कि डकैतों ने स्टोर रूम के पास रखे तेल को तार के ऊपर डाल दिया और तार में आग लगा दी। जेई के मुताबिक लगभग 5 लाख रुपये की क्वाइल डकैत अपने साथ ले गए। कॉपर और सिल्वर दोनों ही क्वाइल डकैत अपने साथ लेकर गए हैं। स्टोर रूम में आग लगने से वहां पर रखा और सामान भी जल गया। बेलदार ने बताया कि डकैतों ने ट्रांसफार्मर की केबल भी काट दी थी जिस कारण से वहां की लाइट भी चली गई।
बेलदार से पूछी उसकी सैलरी और पता
बेलदार शिवप्रसाद ने बताया कि डकैतों ने उनसे पूछा कि तुम्हें कितनी सैलरी मिलती है, और यहां पर कब से काम कर रहे हो। उनमें से एक डकैत ने उनका पूरा पता भी पूछा। और किसी को कुछ भी बताने से मना किया। डकैतों ने कहा कि अगर किसी को कुछ भी बताया तो पूरे परिवार को जान से मार दूंगा। दीपक ने बताया कि सभी डकैतों ने पूरे कपड़े नहीं पहने थे।
ये सामान ले गए साथ
डकैतों ने घटना को अंजाम देने के बाद 18270 रुपये कैश साथ ले गए। बेलदार ने बताया कि डकैत कैश के साथ अलमारी में रखी झुमकी, दो जोड़ी पायल, एक ओम का लॉकेट (सोने का), 11 चांदी के सिक्के, एक जोड़ी चुटकी साथ ले गए।
एक मोबाइल बूस्टर के मेन गेट पर छोड़ गए
दीपक ने बताया कि डकैतों ने सभी के फोन अपने पास जमा करा लिए थे। रात 11:30 बजे के बाद से अलसुबह 3:30 बजे तक उन्होंने किसी को फोन नहीं दिया। डकैतों के जाने के बाद जब थोड़ा उजाला हुआ तो हम लोग बाहर निकल आए तो देखा वहां कोई नहीं था। मेनगेट को डकैतों ने बाहर से ताला लगा दिया था। और गेट के पास ही मेरा मल्टीमीडिया वाला फोन पड़ा हुआ था।
सबसे पहले दी 100 नंबर पर सूचना
दीपक ने बताया कि फोन मिलते ही सबसे पहले पुलिस को 100 नंबर का घटना की जानकारी दी। उसके बाद पीडब्ल्यूडी यूनियन के प्रधान नवीन को इस घटना के बारे में बताया। धीरे-धीरे घटना की जानकारी सभी अधिकारियों को लग गई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घटना की पूरी जानकारी ली और जेई आशीष राव ने मामले में मुकदमा दर्ज करवाया।
पान-मसाला खाते थे कच्छाधारी डकैत
दीपक ने बताया कि सभी डकैतों की उम्र लगभग 25 से 30 साल रही होगी। किसी भी डकैत ने पूरे कपड़े नहीं पहने थे। घर के बाहर बैठे डकैत पान-मसाला खाते थे। डकैतों ने घर के बाहर बनीं नाली में पान-मसाला खाकर थूका हुआ था।
महिलाओं की बच गई इज्जत
बूस्टर में हुई डकैती की जानकारी मिलते गांव के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। सभी लोगों ने कहां कि किसी महिला को हाथ भी नहीं लगाया डकैतों ने यह तो आज के समय में बड़ी बात है। पुलिस और विभाग अधिकारियों जब मौके पर पहुंचे उन्होंने कहा कि सामान तो फिर से सही हो जाएगा, महिलाओं की इज्जत बच गई ये बड़ी बात है।
ट्रांसफार्मर खोल निकाली क्वॉयल
दीपक ने बताया कि डकैतों ने बूस्टर के अंदर से टूर बाक्स ले आए और बिजली की सप्लाई काट दी। बिजली की सप्लाई कटते ही उन्होंने सभी केबल को ट्रांसफार्मर से अलग कर दिया और उसमें लगे सभी नटबोल्ट खोल दिए। ट्रांसफार्मर के अंदर का सारा तेल बाहर निकाल दिया। क्वाइल का वजन लगभग तीन क्विंटल होने की वजह से वह नहीं ले जा सके। लेकिन कुछ क्वाइल और ट्रांसफार्मर का तेल साथ ले गए।
बहादुरगढ़। उपमंडल के गांव खेड़का गुर्जर गांव में लगे सिचाई विभाग के लगभग 12 डकैतों ने मंगलवार की रात 11:30 बजे डकैती डाली। बूस्टर परिसर में बने दो कमरे में बेलदार शिवप्रसाद का परिवार रहता है। डकैतों ने परिवार के सभी सदस्यों को हाथ-पैर बांध कर एक कमरे में बंद कर दिया। डकैती डालनेे के बाद डकैत यह बोल कर गए कि अगर सुबह 6 बजे के पहले बाहर निकले तो गोली मार दूंगा। हम सब बाहर ही बैठे हैं। पुलिस ने मौका मुआयना कर केस दर्ज कर छानबीन कर रही है।
मंगलवार की रात करीब 11:30 बजे बेलदार शिवप्रसाद (58) अपने परिवार के साथ बूस्टर परिसर में बने अलग-अलग कमरों में सो रहा था। परिसर में बने दो कमरों में परिवार में कुल छह लोग रहते हैं। शिवप्रसाद के बेटे दीपक ने बताया कि रात करीब 11:30 वह अपने कमरे में सो रहा था। तभी 6 लोग आए और परिवार के बाकी लोगों के बारे में पूछने लगे, मैंने उनसे कहा कि पापा दूसरे कमरे में सो रहे हैं। तभी दो लोग पापा के कमरे में चले गए। मैं उनसे पूछ ही रहा था कि आप लोग कौन है इतने में उन्होंने मेरी कनपटी पर कट्टा रख दिया और कहने लगे कि ज्यादा बोलेगा तो अभी गोली मार दूंगा। तभी दो लोगों ने शिवप्रसाद को जगाया और बोले कि बाकी लोग कहां हैं कहते हुए मोबाइल ले लिया, शिवप्रसाद बोला भाई क्यों मजाक कर रहे मोबाइल तो दे दो बताओ क्या काम है। तभी उनमें से एक युवक दूसरे कमरे में जाने लगा तो मैंने उन लोगों से कहा कि उस कमरे में महिलाएं सो रही हैं वहां क्यों जा रहे हो कोई काम हो तो मुझे बताओ। इतने में एक युवक ने मेरे दोनों हाथ बांध दिए और मुंह भी बांध दिया। महिलाओं के कमरे में गए युवकों ने सभी को जगाकर उनके हाथ और पैर बांध दिए। मुझे भी महिलाओं के कमरे में ले गए थोड़ी देर में मेरे बेटे दीपक को भी वहां ले आए। हम सभी लोगों के उन लोगों ने हाथ पैर और मुंह बांध दिए थे। दो लोग तमंचा लेकर हमारे कमरे में ही कुर्सी डालकर बैठे रहे और दो लोग कमरे के बाहर दरी डालकर बैठे थे। बूस्टर से लगे खेतों के रास्ते सभी डकैत बूस्टर में घुसे थे।
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स्टोर रूम का ताला और घर का सामान भी तोड़ा
बेलदार के मुताबिक डकैतों ने हम सभी लोगों को एक कमरे में बंद कर दो लोगों को तमंचे के साथ हमारे पास छोड़ दिया, और दो लोग कमरे के बाहर दरी बिछाकर बैठे थे। बाकी लोगों ने ताला तोड़ स्टोर रूम की जांच पड़ताल करने लगे। बूस्टर अंदर की भी जांच पड़ताल करने लगे। थोड़ी देर बाद दो लोग आए और हमारे कमरों में पड़ा सामान भी उठा-उठा कर फेंकने लगे। कमरे में रखी टीवी, कूलर और अलमारी को उन लोगों ने नुकसान पहुंचाया।
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डकैती के समय परिवार के छह लोग थे मौजूद
जिस समय डकैती पड़ी उस समय परिवार के सभी छह लोग मौजूद थे। मुखिया शिवप्रसाद (58), पत्नी फूलमति (52), पुत्र दीपक (26), पुत्रवधु रीता (23), नैना पौत्री (6), पौत्र आलोक (3) लोग मौजूद थे। परिवार के सभी लोग बूस्टर में पड़ी डकैती से बहुत ही घबराए हुए हैं। सभी लोग उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के रहने वाले हैं।
बूस्टर में रखे तेल से जलाया तार
बेलदार शिवप्रसाद ने बताया कि डकैतों ने स्टोर रूम के पास रखे तेल को तार के ऊपर डाल दिया और तार में आग लगा दी। जेई के मुताबिक लगभग 5 लाख रुपये की क्वाइल डकैत अपने साथ ले गए। कॉपर और सिल्वर दोनों ही क्वाइल डकैत अपने साथ लेकर गए हैं। स्टोर रूम में आग लगने से वहां पर रखा और सामान भी जल गया। बेलदार ने बताया कि डकैतों ने ट्रांसफार्मर की केबल भी काट दी थी जिस कारण से वहां की लाइट भी चली गई।
बेलदार से पूछी उसकी सैलरी और पता
बेलदार शिवप्रसाद ने बताया कि डकैतों ने उनसे पूछा कि तुम्हें कितनी सैलरी मिलती है, और यहां पर कब से काम कर रहे हो। उनमें से एक डकैत ने उनका पूरा पता भी पूछा। और किसी को कुछ भी बताने से मना किया। डकैतों ने कहा कि अगर किसी को कुछ भी बताया तो पूरे परिवार को जान से मार दूंगा। दीपक ने बताया कि सभी डकैतों ने पूरे कपड़े नहीं पहने थे।
ये सामान ले गए साथ
डकैतों ने घटना को अंजाम देने के बाद 18270 रुपये कैश साथ ले गए। बेलदार ने बताया कि डकैत कैश के साथ अलमारी में रखी झुमकी, दो जोड़ी पायल, एक ओम का लॉकेट (सोने का), 11 चांदी के सिक्के, एक जोड़ी चुटकी साथ ले गए।
एक मोबाइल बूस्टर के मेन गेट पर छोड़ गए
दीपक ने बताया कि डकैतों ने सभी के फोन अपने पास जमा करा लिए थे। रात 11:30 बजे के बाद से अलसुबह 3:30 बजे तक उन्होंने किसी को फोन नहीं दिया। डकैतों के जाने के बाद जब थोड़ा उजाला हुआ तो हम लोग बाहर निकल आए तो देखा वहां कोई नहीं था। मेनगेट को डकैतों ने बाहर से ताला लगा दिया था। और गेट के पास ही मेरा मल्टीमीडिया वाला फोन पड़ा हुआ था।
सबसे पहले दी 100 नंबर पर सूचना
दीपक ने बताया कि फोन मिलते ही सबसे पहले पुलिस को 100 नंबर का घटना की जानकारी दी। उसके बाद पीडब्ल्यूडी यूनियन के प्रधान नवीन को इस घटना के बारे में बताया। धीरे-धीरे घटना की जानकारी सभी अधिकारियों को लग गई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घटना की पूरी जानकारी ली और जेई आशीष राव ने मामले में मुकदमा दर्ज करवाया।
पान-मसाला खाते थे कच्छाधारी डकैत
दीपक ने बताया कि सभी डकैतों की उम्र लगभग 25 से 30 साल रही होगी। किसी भी डकैत ने पूरे कपड़े नहीं पहने थे। घर के बाहर बैठे डकैत पान-मसाला खाते थे। डकैतों ने घर के बाहर बनीं नाली में पान-मसाला खाकर थूका हुआ था।
महिलाओं की बच गई इज्जत
बूस्टर में हुई डकैती की जानकारी मिलते गांव के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। सभी लोगों ने कहां कि किसी महिला को हाथ भी नहीं लगाया डकैतों ने यह तो आज के समय में बड़ी बात है। पुलिस और विभाग अधिकारियों जब मौके पर पहुंचे उन्होंने कहा कि सामान तो फिर से सही हो जाएगा, महिलाओं की इज्जत बच गई ये बड़ी बात है।
ट्रांसफार्मर खोल निकाली क्वॉयल
दीपक ने बताया कि डकैतों ने बूस्टर के अंदर से टूर बाक्स ले आए और बिजली की सप्लाई काट दी। बिजली की सप्लाई कटते ही उन्होंने सभी केबल को ट्रांसफार्मर से अलग कर दिया और उसमें लगे सभी नटबोल्ट खोल दिए। ट्रांसफार्मर के अंदर का सारा तेल बाहर निकाल दिया। क्वाइल का वजन लगभग तीन क्विंटल होने की वजह से वह नहीं ले जा सके। लेकिन कुछ क्वाइल और ट्रांसफार्मर का तेल साथ ले गए।