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धर्मनगरी से आज पीएम मोदी करेंगे एम्स-2 का उद्घाटन

Tue, 12 Feb 2019 01:47 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 12 Feb 2019 01:47 AM IST
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धर्मनगरी से आज पीएम मोदी करेंगे एम्स-2 का उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
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बादली। देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पीएम मोदी कुरुक्षेत्र से राष्ट्रीय कैंसर इंस्टीट्यूट का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करेंगे। इस दौरान बाढ़सा गांव स्थित एम्स-2 में हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, कृषि राज्य मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, सांसद दीपेंद्र हुड्डा आदि उद्घाटन के दौरान मौजूद रहेंगे।

दिसंबर में ट्रॉयल बेस पर शुरू हुई थी ओपीडी
बादली से बाढ़सा गांव में स्थित राष्ट्रीय कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) में दिसंबर माह से ही ट्रॉयल बेस पर ओपीडी शुरू हो गई थी। मंगलवार को उद्घाटन के बाद से अब सुचारू तरीके से आपातकालनी सेवाओं भी मिलनी शुरू हो जाएंगी। 2035 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से हरियाणा के साथ-साथ दूसरे अन्य प्रदेशों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा। बता दें कि अभी तक एम्स दिल्ली में ही इसका इलाज किया जाता था लेकिन बाढ़सा में राष्ट्रीय कैंसर इंस्टीट्यूट खुलने से कैंसर पीड़ित को अब दिल्ली एम्स नहीं बल्कि बाढ़सा एम्स-2 आना पड़ेगा। यहां पर मरीजों का आधुनिक मशीनों से इलाज किया जाएगा।
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दिल्ली एम्स से 50 किमी दूर है बाढ़सा
बाढ़सा में स्थापित की गई एनआईसी दिल्ली के एम्स से करीब 50 किलोमीटर दूर है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि लेकिन इस दूरी को पाटने में मरीज को आसानी हो, इसके लिए दोनों संस्थानों में सेवाओं का समन्वय जरूरी है। इसके लिए प्लान बनाया जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली एम्स के कैंसर रोगियों को बाढ़सा में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। कैंसर संस्थान में 48 करोड़ की लागत से एक्सटर्न रेडिएशन में इस्तेमाल होने वाले दो लीनियर एक्सलरेटर होंगे जबकि सीटी स्कैन और एक्स-रे मशीन भी खरीदी जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त लैब में प्रतिदिन 60 हजार सैंपल प्रोसेस करने की क्षमता है। संस्थान के पूरी तरह से संचालित होने पर एम्स देश में कैंसर केयर के लिए एक नोडल संस्थान के रूप में काम करेगा।
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समारोह स्थल पर यहां से होगी नेताओं और आमजन की एंट्री
समारोह स्थल पर दो द्वार बनाए गए है जिनमें एक द्वार वीआईपी के लिए है। दूसरा आम लोगों के लिए है। स्टेज पर 8 वीआईपी बैठेंगे जिनमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश के मंत्री होंगे। स्टेज के सामने एक तरफ अगली पंक्ति में विधायकों के लिए जगह बनाई गई है जबकि दूसरी ओर एम्स प्रबंधक की टीम मौजूद होगी।

समारोह स्थल पर की गई एलईडी की भी व्यवस्था
एम्स-2 उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां उपस्थित सभी लोग आसानी से देख सकें और सुन सके इसके लिए समारोह स्थल में एक बड़ी एलईडी लगाई है और आठ छोटी एलईडी लगाई गई है। समारोह स्थल पर लगाई गई एलईडी के माध्यम से मौके पर मौजूद लोग एम्स का उद्घाटन करते हुए देख सकेंगे। समारोह में लोगों को बैठने के लिए 3500 कुर्सियों का प्रबंध किया गया है। इस दौरान वहां पहुंचने वालों लोगों के लिए पार्किंग और वीआईपी पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

मरीजों को मिलेगी यूनिक आईडी
दोनों परिसरों के बीच सेवाओं का समन्वय करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करने के बारे में प्लान बना किया जा रहा है। प्लान के तहत दिल्ली और बाढ़सा एम्स के मरीजों को दोनों परिसरों के लिए एक यूनीक आईडी दी जाएगी ताकि रोगी और चिकित्सों के बीच इलाज को लेकर सामंजस्य बना रहे।

2009 में चला निर्माण कार्य
2009 में दिल्ली वाले एम्स से भी बड़ बाढ़सा एम्स-2 को 300 एकड़ में बनाने की परिकल्पना की थी। सबसे पहले फरवरी 2009 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंबुमणि रामदास आये और एम्स-2 को बाढ़सा में बनाने की सहमति दी। तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद जब एम्स-2 की आउटरीच ओपीडी का उद्घाटन किया। 2009 में केंद्र सरकार से मंजूरी दिलाने के बाद 3 जनवरी 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा शिलान्यास करवा राष्ट्रीय कैंसर संस्थान पर काम चालू हुआ। पिछले वर्ष अक्टूबर माह प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था।

710 बेड को होगा संस्थान
कैंसर संस्थान 710 बेड का होगा जिसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण 12 फरवरी को शुरू हो जाएगा। पहले चरण में 250 बेड की सुविधा होगी। एम्स प्रवक्ता को अनुसार दिसंबर 2019 में इंडोर एडमिशन के तौर पर 500 बढ़ाए जाएंगे जबकि एक साल के बाद यह पूरी तरह से संचालित होने लगेगा। फिलहाल पहले चरण के लिए 634 डॉक्टर, नर्स और टेक्नीशिन्स की जरूरत है जिनमें से 110 को नियुक्त कर लिया गया है।


जब सांसद का निमंत्रण किया था रद्द
12 दिसंबर 2015 को कैंसर संस्थान के बाढ़सा में भूमि पूजन समारोह के लिए सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को निमंत्रण देने के बाद रद्द कर दिया था। जिला प्रशासन की ओर से सांसद का निमंत्रण रद्द किया गया। जिसके बाद क्षेत्र के कांग्रेसी नेताओं ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका और सांसद हुड्डा ने भी इसे अलोकतांत्रिक बताया था। उस समय कांग्रेसी नेताओं और भाजपाईयों के बीच होर्डिंग लगाने की होड़ लगी थी। किसी भी अव्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने सांसद का निमंत्रण पहले दिन रद्द कर दिया था। अब एक बार फिर से सांसद को निमंत्रण दिया गया है। इस बार निमंत्रण एम्स प्रबंधक की ओर से दिया गया है। हालांकि सांसद की ओर से समारोह में पहुंचने की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
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