{"_id":"5c783459bdec221239762fee","slug":"171551381593-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओवरलोड से निपटने को निगम ने पांच बड़े ट्रांसफार्मर मंगवाए, ट्रिपिंग की समस्या होगी खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओवरलोड से निपटने को निगम ने पांच बड़े ट्रांसफार्मर मंगवाए, ट्रिपिंग की समस्या होगी खत्म
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। बिजली निगम ओवरलोड चल रहे ट्रांसफार्मरों का लोड कम करेगा। इसके लिए शहर में आधुनिक और बड़े पांच ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। 200 केवीए क्षमता के दो बड़े ट्रांसफार्मर हिसार से मंगवाए हैं। इसके लिए तीन अन्य ट्रांसफार्मर 63/100 केवीए क्षमता के होंगे। इस प्रकार ट्रांसफार्मर लगने से लोड काफी हद तक बंट जाएगा। शहर की बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए लंबे विचार-विमर्श के बाद यह प्लान तैयार किया गया है। इससे ट्रांसफार्मरों का लोड कम होगा और वोल्टेज में भी सुधार आएगा। इस समय शहर में लगे 1300 ट्रांसफार्मरों में से करीब 250 ट्रांसफार्मर कई दशक पुराने एवं कंडम स्थिति में हैं। इसे देखकर निगम ने यह प्लान तैयार किया है। शहर में रोजाना बिजली की खपत करीब तीन लाख यूनिट है।
शहर में बिजली आपूर्ति की वास्तविक स्थिति यह है कि जब बारिश की झड़ी लगती है तो ट्रांसफार्मर ट्रिप कर जाते हैं। थोड़ा सा लोड बढ़ने पर फ्यूज उड़ जातेे हैं। लटकती तार भी निगम और उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। अब स्थिति यह है कि कई दशक पहले लगे पुरानी तकनीक के ट्रांसफार्मर जवाब देने लगे हैं। इनके जरिए उतना आउटपुट नहीं मिल पा रहा है जितना नई तकनीकी के बने ट्रांसफार्मर दे रहे हैं। यह ट्रांसफार्मर लोड को पूरी तरह से झेल नहीं पा रहे हैं। इससे पावर कट की बजाय लाइनों में फॉल्ट की वजह से बिजली ज्यादा समय बाधित रहती है। बिजली की नियमित आपूर्ति न होने की वजह से शहर की पेयजल आपूर्ति का शेड्यूल भी चरमरा जाती है। लोगों को समय पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती। इस समय शहर के विभिन्न भागों में कम या अचानक अधिक वोल्टेज की भी समस्या बनती है। पुराने ट्रांसफार्मरों मेें खराबी की वजह से कई बार अचानक तेज वोल्टेज तो कभी कम वोल्टेज की बिजली आपूर्ति होने लगती है। इससे लोगों के बिजली के उपकरण फूंकने के मामले भी सामने आ रहे हैं।
ट्रांसफार्मर की क्षमता होगी 63/100 और 200 केवीए
अब बिजली निगम ने प्लान को अंतिम रूप दे दिया है। इस प्लान के तहत बिजली निगम अब शहर में पांच आधुनिक स्तर के बड़े ट्रांसफार्मर लगाएगा ताकि लोड की मात्रा को जैसे-तैसे कम किया जा सके और फॉल्टों से भी छुटकारा मिल सके। इसके लिए साइटों का सर्वे किया जा रहा है ताकि जरूरत के अनुसार यह नए ट्रांसफार्मर लगाए जा सके। इन नए ट्रांसफार्मर की क्षमता 63/100 और 200 केवीए होगी।
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हर साल बढ़ रहे 500 नए उपभोक्ता
बिजली निगम एक माह में इस काम को पूरा करने की प्लानिंग में है। शहर में साढ़े 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इसके अलावा व्यावसायिक प्रतिष्ठान, ऑयल एवं कॉटन मिल और लघु उद्योग भी काफी संख्या में लगे हैं। जिला बनने पर अब बिजली की खपत भी ज्यादा बढ़ने लगी है। सरकारी कार्यालयों में बिजली की खपत बढ़ी है। हर साल करीब पांच सौ नए उपभोक्ता भी बढ़ रहे हैं। बिजली निगम ने 200 केवीए क्षमता के दो बड़े ट्रांसफार्मर हिसार से मंगवाए हैं। इसके लिए तीन अन्य ट्रांसफार्मर 63/100 केवीए क्षमता के होंगे। इस प्रकार ट्रांसफार्मर लगने से लोड काफी हद तक बंट जाएगा। शहर की बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए लंबे विचार-विमर्श के बाद यह प्लान तैयार किया गया है।
शहर के लोड को कम करने के लिए पांच ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। दो बड़े ट्रांसफार्मर हिसार से मंगवाए जा रहे हैं। इससे शहर में ट्रांसफार्मर ओवरलोड पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा। - ओमबीर सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम
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चरखी दादरी। बिजली निगम ओवरलोड चल रहे ट्रांसफार्मरों का लोड कम करेगा। इसके लिए शहर में आधुनिक और बड़े पांच ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। 200 केवीए क्षमता के दो बड़े ट्रांसफार्मर हिसार से मंगवाए हैं। इसके लिए तीन अन्य ट्रांसफार्मर 63/100 केवीए क्षमता के होंगे। इस प्रकार ट्रांसफार्मर लगने से लोड काफी हद तक बंट जाएगा। शहर की बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए लंबे विचार-विमर्श के बाद यह प्लान तैयार किया गया है। इससे ट्रांसफार्मरों का लोड कम होगा और वोल्टेज में भी सुधार आएगा। इस समय शहर में लगे 1300 ट्रांसफार्मरों में से करीब 250 ट्रांसफार्मर कई दशक पुराने एवं कंडम स्थिति में हैं। इसे देखकर निगम ने यह प्लान तैयार किया है। शहर में रोजाना बिजली की खपत करीब तीन लाख यूनिट है।
शहर में बिजली आपूर्ति की वास्तविक स्थिति यह है कि जब बारिश की झड़ी लगती है तो ट्रांसफार्मर ट्रिप कर जाते हैं। थोड़ा सा लोड बढ़ने पर फ्यूज उड़ जातेे हैं। लटकती तार भी निगम और उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। अब स्थिति यह है कि कई दशक पहले लगे पुरानी तकनीक के ट्रांसफार्मर जवाब देने लगे हैं। इनके जरिए उतना आउटपुट नहीं मिल पा रहा है जितना नई तकनीकी के बने ट्रांसफार्मर दे रहे हैं। यह ट्रांसफार्मर लोड को पूरी तरह से झेल नहीं पा रहे हैं। इससे पावर कट की बजाय लाइनों में फॉल्ट की वजह से बिजली ज्यादा समय बाधित रहती है। बिजली की नियमित आपूर्ति न होने की वजह से शहर की पेयजल आपूर्ति का शेड्यूल भी चरमरा जाती है। लोगों को समय पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती। इस समय शहर के विभिन्न भागों में कम या अचानक अधिक वोल्टेज की भी समस्या बनती है। पुराने ट्रांसफार्मरों मेें खराबी की वजह से कई बार अचानक तेज वोल्टेज तो कभी कम वोल्टेज की बिजली आपूर्ति होने लगती है। इससे लोगों के बिजली के उपकरण फूंकने के मामले भी सामने आ रहे हैं।
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ट्रांसफार्मर की क्षमता होगी 63/100 और 200 केवीए
अब बिजली निगम ने प्लान को अंतिम रूप दे दिया है। इस प्लान के तहत बिजली निगम अब शहर में पांच आधुनिक स्तर के बड़े ट्रांसफार्मर लगाएगा ताकि लोड की मात्रा को जैसे-तैसे कम किया जा सके और फॉल्टों से भी छुटकारा मिल सके। इसके लिए साइटों का सर्वे किया जा रहा है ताकि जरूरत के अनुसार यह नए ट्रांसफार्मर लगाए जा सके। इन नए ट्रांसफार्मर की क्षमता 63/100 और 200 केवीए होगी।
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हर साल बढ़ रहे 500 नए उपभोक्ता
बिजली निगम एक माह में इस काम को पूरा करने की प्लानिंग में है। शहर में साढ़े 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इसके अलावा व्यावसायिक प्रतिष्ठान, ऑयल एवं कॉटन मिल और लघु उद्योग भी काफी संख्या में लगे हैं। जिला बनने पर अब बिजली की खपत भी ज्यादा बढ़ने लगी है। सरकारी कार्यालयों में बिजली की खपत बढ़ी है। हर साल करीब पांच सौ नए उपभोक्ता भी बढ़ रहे हैं। बिजली निगम ने 200 केवीए क्षमता के दो बड़े ट्रांसफार्मर हिसार से मंगवाए हैं। इसके लिए तीन अन्य ट्रांसफार्मर 63/100 केवीए क्षमता के होंगे। इस प्रकार ट्रांसफार्मर लगने से लोड काफी हद तक बंट जाएगा। शहर की बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए लंबे विचार-विमर्श के बाद यह प्लान तैयार किया गया है।
शहर के लोड को कम करने के लिए पांच ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। दो बड़े ट्रांसफार्मर हिसार से मंगवाए जा रहे हैं। इससे शहर में ट्रांसफार्मर ओवरलोड पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा। - ओमबीर सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम