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केएमपी की डगर नहीं है आसान

Sat, 29 Jun 2019 02:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jun 2019 02:24 AM IST
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केएमपी की डगर नहीं है आसान
बहादुरगढ़। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) पर अगर आप सफर कर रहे हैं तो जरा संभल कर करें। क्योंकि जिस एक्सप्रेव-वे पर आप 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने की सोच रहे हैं उसकी डगर आसान नहीं है। बता दें कि 19 नवंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। उद्घाटन से मात्र आठ महीने में ही केएमपी की लगभग 50 किलोमीटर की सड़क पर वाहन चालकों को मुश्किल का सामना करना पड़ता है। जाखोदा से कुंडली टोल तक की सड़क लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहा है। बता दें कि केएमपी एक्सप्रेस-वे चार नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ता है।
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जाखोद से कुंडली टोल के बीच बना है अवैध कट
केएमपी पर कुछ वाहन चालक टोल बचाने के लिए अवैध कट का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। यह अवैध कट आसौदा गांव के पास बनाया गया है। लोगों ने टोल से बचने के लिए अवैध कट बनाया है। केएमपी के दोनों ओर से लोग इस अवैध कट का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप पलवल से आ रहे हैं रोड के बीच में बने डिवाइडर को तोड़कर अवैध कट बनाया गया है। वहीं अगर आप कुंडली की तरफ से आ रहे हैं और जाखोदा में टोल टैक्स से बचना चाहते तो भी इस कट का इस्तेमाल कर सकते हैं। बता दें कि केएमपी के दोनों ओर बनी रोड रेलिंग को तोड़कर कच्चे रास्ते में उतारा गया है।
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दुर्घटना के बाद टूटी रेलिंग भी नहीं बनाई
जाखोद से लेकर कुंडली टोल के बीच कई जगहों पर रोड रेलिंग टूटी हुई है। यह रेलिंग वाहनों के दुर्घटना की वजह से टूटी हुईं है। दुर्घटना के बाद भी इस रेलिंग को दोबारा से नहीं बनाया गया है। जबकि दुर्घटना होने के बाद एक्सप्रेस-वे पर हुए नुकसान की तुरंत मरम्मत की जानी चाहिए। इससे वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो पाए। बता दें कि रोड रेलिंग केएमपी के दोनों ओर टूटी हुई हैं।
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एक्सप्रेस-वे के बीच में निकली है लोहे की प्लेट
खरखौदा से लगभग 500 मीटर एक्सप्रेस-वे के बीच में एक लोहे की प्लेट निकली है। जो कभी भी वाहनों को अपना शिकार बना सकती है। एक्सप्रेस-वे के बीच में निकली लोहे की प्लेट से दिन भर में सैकड़ों वाहन गुजर जाते हैं। लोहे की प्लेट पर पहिए के कट लगने से वाहन कभी भी बड़ी दुर्घटना का शिकार हो सकता है। वहीं दिन के समय तो एक्सप्रेस-वे के बीच में निकली लोहे की प्लेट को देखा जा सकता है लेकिन रात के समय यहां से गुजरने वाले वाहन इसका शिकार बन सकते हैं। बता दें कि केएमपी पर भारी वाहन चालकों के लिए 100 किमी. और हल्के वाहनों के लिए 120 किमी. रफ्तार से वाहन चलाने की अनुमति है।

टोल टैक्स देने के बाद भी नहीं मिल रही सुविधा
कुंडली टोल पर सुनील, अमित, अभिमन्यु, अनिता सहित अन्य वाहन चालकों से केएमपी पर रोड के बारे में राय ली गई तो वह इस संबंध में असंतुष्ट नजर आए। पलवल की तरफ से आने वाले वाहन चालकों से कुंडली टोल पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने केएमपी का श्रेय लेने के लिए जल्दबाजी में इसका उद्घाटन तो कर दिया, लेकिन उद्घाटन के मात्र आठ महीने बाद ही केएमपी पर बनी रोड की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी रोड की इस तरह टूट जाना यह दर्शाता है कि केएमपी एक्सप्रेस-वे की रोड को बनाने में केवल खानापूर्ति ही की गई है।

20 जगहों पर रोड रेलिंग तो पांच से ज्यादा जगहों पर टूटे है डिवाइडर
जाखोदा से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर लगभग 20 से ज्यादा जगहों पर रोड रेलिंग टूटी हुई है। वहीं कुछ अनदेखी के चलते कुछ वाहन चालकों ने यू-टर्न करने के लिए डिवाइडर को तोड़ दिया है। वहीं इस सभी की मरम्मत करने के लिए एस्सेल कंपनी को ठेका दिया गया है। केएमपी एक्सप्रेस-वे पर बनी सड़क को देखते ही पता चलता है कि कंपनी ने रोड के रखरखाव को लेकर कितनी गंभीर है।

खतरनाक बना स्लीपेज
जाखोदा से कुंडली की तरफ आते समय खरखौदा के एग्जिट प्वाइंट से ठीक पहले बने अंडरपास के ऊपर स्लीपेज बन गया है। इससे वहां से गुजरने वाले वाहनों चालकों को अंडरपास पर तेजी से उछाल आता है। स्लीपेज इतना खतरनाक है कि वाहन चालक को गाड़ी का संतुलन बनाने के लिए तेजी से ब्रेक लेना पड़ता है। इस बात का अंदाजा अंडरपास के ऊपर बने एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियों के टायर निशान को देखते ही पता चलता है। वहीं रात के समय अगर वाहन चालक का इस ओर ध्यान नहीं गया तो वह दुर्घटना का शिकार हो सकता है।


एक्सप्रेस-वे की मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही केएमपी एक्सप्रेस-वे पर काम करवा दिया जाएगा। खरखौदा के पास जो स्लीपेज बनी हुई है, उसकी मरम्मत के लिए भी एस्टीमेट भेजा गया है। आसौदा के बाद जो अवैध कट बनाए गए हैं। उसकी जांच करवाई जाएगी अवैध कट को बंद करवाया जाएगा।
सुरेंद्र देशवाल, सीनियर मैनेजर, एचएसआईआईडीसी।
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