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हर परिवार को मिलेगी यूनिक आईडी,एक क्लिक पर मिलेगा सदस्यों का ब्योरा
Updated Wed, 12 Dec 2018 12:51 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। जिले के सभी परिवारों का डाटा जल्द ही ऑनलाइन हो जाएगा। अपडेट डाटा जुटाने के लिए सरकार ने जिला प्रशासन को सर्वे कराने के आदेश दिए हैं। शहर में यह काम नगर परिषद और गांवों में पंचायत विभाग के मार्फत करवाया जाएगा। सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि इस काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इन आदेशों को जहन में रखकर नगर परिषद ने शहर में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत घर-घर जाकर ब्योरा जुटाया जा रहा है ताकि परिवारों की अपडेट जानकारी ही ऑनलाइन की जा सके। इसके लिए सर्वे टीमों को प्रफोर्मा दिया गया है। अधिकारियों की मानें तो इसके लिए डेडलाइन निर्धारित नहीं है, लेकिन फिर भी इस काम को जल्द पूरा करवा दिया जाएगा।
गत दिनों मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की थी। इसमें प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों को जिले में रहने वाले परिवारों की यूनिक आईडी बनाने के निर्देश दिए थे। हर जिले को पहले चरण में पांच हजार परिवारों की आईडी बनाने के निर्देश मिले हैं। इसके लिए जो प्रफोर्मा निर्धारित किया गया है उसमें हर परिवार की कुछ जानकारियां डाली गई हैं। नोडल अधिकारी की मानें तो इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, उनकी उम्र, पता, व्यवसाय, वार्षिक इनकम सहित कई अन्य बिंदु दिए गए हैं। सर्वे कार्य के तहत हर परिवार से आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिए जाएंगे। इसके बाद इस डाटा को ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
इन परिवारों को इसके बाद एक आईडी दी जाएगी और जनरेट होते ही पासवर्ड भी दे दिया जाएगा। इसकी बदौलत परिवार का हर मुखिया या सदस्य ऑन लाइन खुद से संबंधित कोई भी जानकारी जान सकेगा। नगर परिषद ने शहर के 21 वार्डों में सर्वे काम पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है। मंगलवार से ही सर्वे कार्य की शुरूआत की गई है और इसके तहत 15 कर्मचारियों की जिम्मेदारी लगाई हैं। ये कर्मचारी अलग-अलग ब्रांच से लिए गए हैं। नप सूत्रों की मानें तो सात टीमें सर्वे कार्य के लिए बनाई गई हैं और एक टीम में दो कर्मचारी शामिल किए गए हैं। मंगलवार को सभी सातों टीमों को एकसाथ मैदान में उतारा गया। नोडल अधिकारी की मानें तो पहले चरण में जिले के पांच हजार परिवारों की ही आईडी बनाई जाएगी और इसमें शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के परिवार शामिल हैं।
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सरकारी योजनाओं के लाभ की मिलेगी जानकारी
सर्वे के लिए जो प्रफोर्मा तैयार किया गया है उसमें छह बिंदु शामिल किए हैं। इससे यह पता चल सकेगा कि किस परिवार के कितने सदस्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं और ये योजनाएं केंद्र सरकार की हैं या फिर प्रदेश सरकार की। इस प्रफोर्मा के ऊपर परिवार के मुखिया का नाम, आईडी संख्या, शहर, वार्ड व वार्षिक आय भी लिखी गई है। नोडल अधिकारी ने बताया कि आईडी नंबर के साथ-साथ सभी परिवारों को पासवर्ड भी दिया जाएगा। डाटा ऑनलाइन होने के बाद ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि परिवार के सदस्य इस रिकॉर्ड में फेरबदल भी कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर किसी लड़की की शादी होती है तो वह मायके के ब्योरे से अपना नाम हटाकर ससुराल के ब्योरे में खुद अपडेट कर सकती है। इसी तरह अगर किसी सरकारी योजना का लाभ लिया जा रहा है तो वह भी इसमें अपडेट हो जाएगी।
अपील है कि सर्वे कार्य में लोग सहयोग करें। यह उनके फायदे की प्लानिंग है। इसलिए जो डाटा अपडेट करवाए वो सटीक ही कराएं ताकि परिवार की गलत जानकारी अपडेट न हो। सरकार के निर्देशों पर हर जिले में यह कार्य हाल ही में शुरू किया गया है और पहले चरण में पांच हजार परिवारों की आईडी बनाने का लक्ष्य मिला है। -मुकेश तंवर, नोडल अधिकारी
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चरखी दादरी। जिले के सभी परिवारों का डाटा जल्द ही ऑनलाइन हो जाएगा। अपडेट डाटा जुटाने के लिए सरकार ने जिला प्रशासन को सर्वे कराने के आदेश दिए हैं। शहर में यह काम नगर परिषद और गांवों में पंचायत विभाग के मार्फत करवाया जाएगा। सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि इस काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इन आदेशों को जहन में रखकर नगर परिषद ने शहर में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत घर-घर जाकर ब्योरा जुटाया जा रहा है ताकि परिवारों की अपडेट जानकारी ही ऑनलाइन की जा सके। इसके लिए सर्वे टीमों को प्रफोर्मा दिया गया है। अधिकारियों की मानें तो इसके लिए डेडलाइन निर्धारित नहीं है, लेकिन फिर भी इस काम को जल्द पूरा करवा दिया जाएगा।
गत दिनों मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की थी। इसमें प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों को जिले में रहने वाले परिवारों की यूनिक आईडी बनाने के निर्देश दिए थे। हर जिले को पहले चरण में पांच हजार परिवारों की आईडी बनाने के निर्देश मिले हैं। इसके लिए जो प्रफोर्मा निर्धारित किया गया है उसमें हर परिवार की कुछ जानकारियां डाली गई हैं। नोडल अधिकारी की मानें तो इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, उनकी उम्र, पता, व्यवसाय, वार्षिक इनकम सहित कई अन्य बिंदु दिए गए हैं। सर्वे कार्य के तहत हर परिवार से आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिए जाएंगे। इसके बाद इस डाटा को ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
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इन परिवारों को इसके बाद एक आईडी दी जाएगी और जनरेट होते ही पासवर्ड भी दे दिया जाएगा। इसकी बदौलत परिवार का हर मुखिया या सदस्य ऑन लाइन खुद से संबंधित कोई भी जानकारी जान सकेगा। नगर परिषद ने शहर के 21 वार्डों में सर्वे काम पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है। मंगलवार से ही सर्वे कार्य की शुरूआत की गई है और इसके तहत 15 कर्मचारियों की जिम्मेदारी लगाई हैं। ये कर्मचारी अलग-अलग ब्रांच से लिए गए हैं। नप सूत्रों की मानें तो सात टीमें सर्वे कार्य के लिए बनाई गई हैं और एक टीम में दो कर्मचारी शामिल किए गए हैं। मंगलवार को सभी सातों टीमों को एकसाथ मैदान में उतारा गया। नोडल अधिकारी की मानें तो पहले चरण में जिले के पांच हजार परिवारों की ही आईडी बनाई जाएगी और इसमें शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के परिवार शामिल हैं।
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सरकारी योजनाओं के लाभ की मिलेगी जानकारी
सर्वे के लिए जो प्रफोर्मा तैयार किया गया है उसमें छह बिंदु शामिल किए हैं। इससे यह पता चल सकेगा कि किस परिवार के कितने सदस्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं और ये योजनाएं केंद्र सरकार की हैं या फिर प्रदेश सरकार की। इस प्रफोर्मा के ऊपर परिवार के मुखिया का नाम, आईडी संख्या, शहर, वार्ड व वार्षिक आय भी लिखी गई है। नोडल अधिकारी ने बताया कि आईडी नंबर के साथ-साथ सभी परिवारों को पासवर्ड भी दिया जाएगा। डाटा ऑनलाइन होने के बाद ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि परिवार के सदस्य इस रिकॉर्ड में फेरबदल भी कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर किसी लड़की की शादी होती है तो वह मायके के ब्योरे से अपना नाम हटाकर ससुराल के ब्योरे में खुद अपडेट कर सकती है। इसी तरह अगर किसी सरकारी योजना का लाभ लिया जा रहा है तो वह भी इसमें अपडेट हो जाएगी।
अपील है कि सर्वे कार्य में लोग सहयोग करें। यह उनके फायदे की प्लानिंग है। इसलिए जो डाटा अपडेट करवाए वो सटीक ही कराएं ताकि परिवार की गलत जानकारी अपडेट न हो। सरकार के निर्देशों पर हर जिले में यह कार्य हाल ही में शुरू किया गया है और पहले चरण में पांच हजार परिवारों की आईडी बनाने का लक्ष्य मिला है। -मुकेश तंवर, नोडल अधिकारी