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मांडोठी में माशू फैक्टरी से प्रदूषण बोर्ड की टीम ने लिए पानी के दो सैंपल
Updated Wed, 21 Feb 2018 01:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
गांव मांडोठी में किसानों की शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने कार्रवाई करते हुए माशू फैक्टरी से केमिकल युक्त पानी के दो सैंपल लिए हैं। फैक्टरी के केमिकल युक्त पानी से आसपास के किसानों की फसलें खराब हो रही हैं।
किसान जगबीर दलाल पिछले काफी सालों से पट्टे पर जमीन लेकर खेती कर अपने परिवार का पेट पाल रहा है। कुछ जमीन माशू ऑटो कंपनी रोहद के साथ लगती है। इसमें माशू ऑटो से केमिकल युक्त पानी का खेतों में रिसाव हो रहा है, जिससे हर साल फसल बर्बाद हो जाती है।
किसान ने बताया कि वे इसकी शिकायत आसौदा पुलिस चौकी से लेकर झज्जर के प्रशासनिक अधिकारियों तक लिखित में देकर थक चुका है। पिछले महीने उसने अपनी यह परेशानी समाज सेवी बुल्लड़ पहलवान के सामने रखी थी। उनकी मदद से बहादुरगढ़ के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत दी गई। शिकायत पर चंडीगढ़ राज्य प्रदूषण बोर्ड की अनुमति मिलने पर मंगलवार को स्थानीय कार्यालय से बोर्ड की वैज्ञानिक डॉ. कीर्ति ने माशू ब्रेक फैक्टरी से उनके खेतों में हो रहे रिसाव के केमिकल युक्त पानी के दो सैंपल लेने का लिए। इस दौरान बुल्लड़ पहलवान और अन्य किसान मौजूद रहे। एक सैंपल खेतों में भरे पानी से तथा फैक्टरी के अंदर वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट से लिया हैं।
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बुल्लड़ पहलवान ने बताया कि फैक्टरी की दीवार से रिसाव होकर पानी खेतों में जाता है, जिससे आसपास के खेतों में खड़ी फसल खराब हो जाती है। इस समय गेहूं की फसल लगा रखी थी जो खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों को इससे काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ हो रहे इस शोषण को सहन नहीं किया जाएगा और उनका जो भी नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए मुआवजे की भी मांग की जाएगी।
उन्होंने बताया कि गांव के खेतों के आसपास जितनी भी फैक्टरी लगी हुई हैं, उनके द्वारा खुले में पानी छोड़ने के कारण किसानों की फसलें खराब हो रही हैं। साथ ही भूजल भी दूषित हो रहा है। उन्होंने प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों से फैक्टरी संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मौके पर किसान सरदारे, रासे, शमशेर, रविंद्र, कुलदीप आदि मौजूद थे।
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बहादुरगढ़।
गांव मांडोठी में किसानों की शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने कार्रवाई करते हुए माशू फैक्टरी से केमिकल युक्त पानी के दो सैंपल लिए हैं। फैक्टरी के केमिकल युक्त पानी से आसपास के किसानों की फसलें खराब हो रही हैं।
किसान जगबीर दलाल पिछले काफी सालों से पट्टे पर जमीन लेकर खेती कर अपने परिवार का पेट पाल रहा है। कुछ जमीन माशू ऑटो कंपनी रोहद के साथ लगती है। इसमें माशू ऑटो से केमिकल युक्त पानी का खेतों में रिसाव हो रहा है, जिससे हर साल फसल बर्बाद हो जाती है।
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किसान ने बताया कि वे इसकी शिकायत आसौदा पुलिस चौकी से लेकर झज्जर के प्रशासनिक अधिकारियों तक लिखित में देकर थक चुका है। पिछले महीने उसने अपनी यह परेशानी समाज सेवी बुल्लड़ पहलवान के सामने रखी थी। उनकी मदद से बहादुरगढ़ के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत दी गई। शिकायत पर चंडीगढ़ राज्य प्रदूषण बोर्ड की अनुमति मिलने पर मंगलवार को स्थानीय कार्यालय से बोर्ड की वैज्ञानिक डॉ. कीर्ति ने माशू ब्रेक फैक्टरी से उनके खेतों में हो रहे रिसाव के केमिकल युक्त पानी के दो सैंपल लेने का लिए। इस दौरान बुल्लड़ पहलवान और अन्य किसान मौजूद रहे। एक सैंपल खेतों में भरे पानी से तथा फैक्टरी के अंदर वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट से लिया हैं।
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बुल्लड़ पहलवान ने बताया कि फैक्टरी की दीवार से रिसाव होकर पानी खेतों में जाता है, जिससे आसपास के खेतों में खड़ी फसल खराब हो जाती है। इस समय गेहूं की फसल लगा रखी थी जो खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों को इससे काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ हो रहे इस शोषण को सहन नहीं किया जाएगा और उनका जो भी नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए मुआवजे की भी मांग की जाएगी।
उन्होंने बताया कि गांव के खेतों के आसपास जितनी भी फैक्टरी लगी हुई हैं, उनके द्वारा खुले में पानी छोड़ने के कारण किसानों की फसलें खराब हो रही हैं। साथ ही भूजल भी दूषित हो रहा है। उन्होंने प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों से फैक्टरी संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मौके पर किसान सरदारे, रासे, शमशेर, रविंद्र, कुलदीप आदि मौजूद थे।