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लोन अप्रूवल सूची में नहीं आया नाम तो सर्वे कंपनी पर लगा भेदभाव का आरोप 20-45-17
Updated Fri, 30 Mar 2018 01:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
पीएमवाई योजना के लिए झज्जर शहर में यश कंसलटेंसी कंपनी के द्वारा सर्वे किया गया था। सर्वे के दौरान मकान बनाने लिए ऋण के लिए आवेदन मांगें गए थे। आवेदनों के जमा करवाए जाने पर कंपनी ने पाया था कि शहर के 300 आवेदक लोन के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज पूरा करते हैं। जिसके बाद अब लोन अप्रूवल की सूची आई है। लोन अप्रवूल सूची में शहर के केवल 164 लोगों के नाम ही शामिल हैं। जिसे देखकर शहर के लोग भड़क गए। जिन्होंने पार्षदों के मार्फत यंश कंसलटेंसी के मैनेजर पर आरोप लगाए कि जिन लोगों ने रिश्वत के पैसे इनको दिए, उनका लोन अप्रूव हो गया। लेकिन जिन्होंने इनको पैसे नहीं दिए, उनका नाम सूची से गायब कर दिया।
पार्षदों के द्वारा नपा में इस बाबत विरोध जताए जाने पर नपा सचिव ने यश कंसलटेंसी के मैनेजर को नोटिस भेजा है। नोटिस में नपा ने लिखा है कि आपके खिलाफ आरोप आए हैं। जिसमें लोन अप्रूवल सूची में पैसे लेकर लोगों के नाम जोड़ने व काटने का कार्य किया गया है। इसलिए तीन दिन के दौरान नपा कार्यालय में प्रस्तुत होकर मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करें। वहीं पत्र की एक कॉपी नपा अधिकारियों के द्वारा शहरी स्थानीय निकाय के मुख्यालय को भी भेजी गई है।
पहले भी हो चुका है हंगामा
यश कंसलटेंसी के द्वारा आवेदन लेते समय मकान बनाने के लिए नक्शा मांगा गया था। जिन लोगों ने नक्शा नहीं जमा करवाया, उसने कंपनी के द्वारा 600 रुपये वसूले गए थे। इस बात को लेकर भी शहर के लोगों ने हंगामा किया था। जो कि नपा के अधिकारियों के द्वारा मध्यस्थता करने पर मामला सुलझा था। हालांकि कंपनी के अधिकारियों ने इस मामले में तर्क दिया था कि वे आर्किटेक्ट से लोगों का नक्शा बनवा रहे हैं, उसकी फीस के तौर पर वो पैसे ले रहे हैं। जिस पर लोगों ने यह कहा था कि आर्किटेक्ट नपा में बैठकर कैसे नक्शा बना सकता है।
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वर्जन
लोगों ने लोन अप्रूवल सूची में पैसे लेकर नाम जोड़ने का आरोप कंपनी पर लगाया है। जिसको लेकर उन्होंने चेयरमैन व नपा सचिव से बात की थी। जिस पर नपा ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कंपनी को नोटिस भेजा है। कंपनी अधिकारियों से इस बारे में स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
- प्रवीन गर्ग, वाइस चेयरमैन, नपा झज्जर।
वर्जन
पार्षदों ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि पैसे लेकर लोन की सूची अप्रूवल की गई है। रिश्वत न देने वालों के नाम सूची से हटा दिए जाने का आरोप कंपनी पर लगा है। जिसके चलते कंपनी को तीन दिन का नोटिस दिया गया। इसके लिए कंपनी वालों को कार्यालय में आकर अपना पक्ष रखना होगा।
- नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
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झज्जर।
पीएमवाई योजना के लिए झज्जर शहर में यश कंसलटेंसी कंपनी के द्वारा सर्वे किया गया था। सर्वे के दौरान मकान बनाने लिए ऋण के लिए आवेदन मांगें गए थे। आवेदनों के जमा करवाए जाने पर कंपनी ने पाया था कि शहर के 300 आवेदक लोन के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज पूरा करते हैं। जिसके बाद अब लोन अप्रूवल की सूची आई है। लोन अप्रवूल सूची में शहर के केवल 164 लोगों के नाम ही शामिल हैं। जिसे देखकर शहर के लोग भड़क गए। जिन्होंने पार्षदों के मार्फत यंश कंसलटेंसी के मैनेजर पर आरोप लगाए कि जिन लोगों ने रिश्वत के पैसे इनको दिए, उनका लोन अप्रूव हो गया। लेकिन जिन्होंने इनको पैसे नहीं दिए, उनका नाम सूची से गायब कर दिया।
पार्षदों के द्वारा नपा में इस बाबत विरोध जताए जाने पर नपा सचिव ने यश कंसलटेंसी के मैनेजर को नोटिस भेजा है। नोटिस में नपा ने लिखा है कि आपके खिलाफ आरोप आए हैं। जिसमें लोन अप्रूवल सूची में पैसे लेकर लोगों के नाम जोड़ने व काटने का कार्य किया गया है। इसलिए तीन दिन के दौरान नपा कार्यालय में प्रस्तुत होकर मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करें। वहीं पत्र की एक कॉपी नपा अधिकारियों के द्वारा शहरी स्थानीय निकाय के मुख्यालय को भी भेजी गई है।
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पहले भी हो चुका है हंगामा
यश कंसलटेंसी के द्वारा आवेदन लेते समय मकान बनाने के लिए नक्शा मांगा गया था। जिन लोगों ने नक्शा नहीं जमा करवाया, उसने कंपनी के द्वारा 600 रुपये वसूले गए थे। इस बात को लेकर भी शहर के लोगों ने हंगामा किया था। जो कि नपा के अधिकारियों के द्वारा मध्यस्थता करने पर मामला सुलझा था। हालांकि कंपनी के अधिकारियों ने इस मामले में तर्क दिया था कि वे आर्किटेक्ट से लोगों का नक्शा बनवा रहे हैं, उसकी फीस के तौर पर वो पैसे ले रहे हैं। जिस पर लोगों ने यह कहा था कि आर्किटेक्ट नपा में बैठकर कैसे नक्शा बना सकता है।
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लोगों ने लोन अप्रूवल सूची में पैसे लेकर नाम जोड़ने का आरोप कंपनी पर लगाया है। जिसको लेकर उन्होंने चेयरमैन व नपा सचिव से बात की थी। जिस पर नपा ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कंपनी को नोटिस भेजा है। कंपनी अधिकारियों से इस बारे में स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
- प्रवीन गर्ग, वाइस चेयरमैन, नपा झज्जर।
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पार्षदों ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि पैसे लेकर लोन की सूची अप्रूवल की गई है। रिश्वत न देने वालों के नाम सूची से हटा दिए जाने का आरोप कंपनी पर लगा है। जिसके चलते कंपनी को तीन दिन का नोटिस दिया गया। इसके लिए कंपनी वालों को कार्यालय में आकर अपना पक्ष रखना होगा।
- नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।