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यूरिया की कमी को लेकर किसानों ने की नारेबाजी
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:46 AM IST
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यूरिया की कमी पर किसानों ने किया प्रदर्शन
चरखी दादरी।
किसानों ने यूरिया की कमी पर गांव जगरामबास में किसानों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। इस अवसर पर राजू मान ने कहा कि प्रदेश में यूरिया खाद की कमी के लिए केंद्र और राज्य सरकार बराबर की दोषी हैं। उन्होंने कहा कि जिले में नौ से ज्यादा पैक्स के खाद वितरण के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं हो पाया है जिसके लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई नीति जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने जो नीति बनाई है उससे बहुत से सहकारी समितियों के खाद वितरण के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं हो पाया है। मंत्रालय के नए नियमों के अंतर्गत केवल उन्हीं डीलर को नए लाइसेंस जारी किए जाएंगे जिन्होंने मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कृषि या रसायन में विज्ञान स्नातक या कृषि विज्ञान में डिप्लोमा, एमएएनएजीईए ,एनआईपीएचएम और सरकार द्वारा अनुमोदित संस्थान से छह महीने का कृषि इनपुट में विशेष कोर्स किया हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को सहकारी समितियों की इस अनिवार्यता से छुटकारा दिलाने के लिए पहल करनी चाहिए थी। इस समय स्नातक डिग्री धारकों की कमी के चलते न तो नए लाइसेंस जारी हो पा रहे हैं और न ही समय पर सहकारी समितियों के लाइसेंसों का नवीनीकरण हुआ है।
राजूमान ने कहा कि इससे पहले भी सरकार किसान के आजीविका के मुख्य साधन ट्रैक्टर को नॉन कमर्शियल सूची में डालने का नोटिफिकेशन जारी कर अपना असली रंग दिखा चुकी है। उन्होंने कहा कि आज किसान न केवल फसलों के दामों के लिए चिंतित है बल्कि प्रधानमंत्री फसल बीमा की आड़ में हो रही लूट ने भी किसान की नींद उड़ा रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने तीन दिन के चिंतन शिविर में जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये तो टिंबर ट्रेल में मौज मस्ती में उड़ा डाले। इस मौके पर पूर्व सरपंच बेगराज, पूर्व सरपंच ठंडूराम, पूर्व सरपंच सीताराम शर्मा, ओमप्रकाश मान, प्रकाश पहलवान, डा.ॅ शेर सिंह, ओमप्रकाश सांगवान, वेद श्योराण, धर्मेंद्र लांबा, मामन, वेद बलोदा, धर्मबीर नंबरदार, कुलदीप श्योराण, महीपाल, उमेद डांगी, भल्लेराम श्योराण, शंभू शर्मा, अशोक, रणबीर आदि किसान मौजूद थे।
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चरखी दादरी।
किसानों ने यूरिया की कमी पर गांव जगरामबास में किसानों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। इस अवसर पर राजू मान ने कहा कि प्रदेश में यूरिया खाद की कमी के लिए केंद्र और राज्य सरकार बराबर की दोषी हैं। उन्होंने कहा कि जिले में नौ से ज्यादा पैक्स के खाद वितरण के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं हो पाया है जिसके लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई नीति जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने जो नीति बनाई है उससे बहुत से सहकारी समितियों के खाद वितरण के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं हो पाया है। मंत्रालय के नए नियमों के अंतर्गत केवल उन्हीं डीलर को नए लाइसेंस जारी किए जाएंगे जिन्होंने मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कृषि या रसायन में विज्ञान स्नातक या कृषि विज्ञान में डिप्लोमा, एमएएनएजीईए ,एनआईपीएचएम और सरकार द्वारा अनुमोदित संस्थान से छह महीने का कृषि इनपुट में विशेष कोर्स किया हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को सहकारी समितियों की इस अनिवार्यता से छुटकारा दिलाने के लिए पहल करनी चाहिए थी। इस समय स्नातक डिग्री धारकों की कमी के चलते न तो नए लाइसेंस जारी हो पा रहे हैं और न ही समय पर सहकारी समितियों के लाइसेंसों का नवीनीकरण हुआ है।
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राजूमान ने कहा कि इससे पहले भी सरकार किसान के आजीविका के मुख्य साधन ट्रैक्टर को नॉन कमर्शियल सूची में डालने का नोटिफिकेशन जारी कर अपना असली रंग दिखा चुकी है। उन्होंने कहा कि आज किसान न केवल फसलों के दामों के लिए चिंतित है बल्कि प्रधानमंत्री फसल बीमा की आड़ में हो रही लूट ने भी किसान की नींद उड़ा रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने तीन दिन के चिंतन शिविर में जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये तो टिंबर ट्रेल में मौज मस्ती में उड़ा डाले। इस मौके पर पूर्व सरपंच बेगराज, पूर्व सरपंच ठंडूराम, पूर्व सरपंच सीताराम शर्मा, ओमप्रकाश मान, प्रकाश पहलवान, डा.ॅ शेर सिंह, ओमप्रकाश सांगवान, वेद श्योराण, धर्मेंद्र लांबा, मामन, वेद बलोदा, धर्मबीर नंबरदार, कुलदीप श्योराण, महीपाल, उमेद डांगी, भल्लेराम श्योराण, शंभू शर्मा, अशोक, रणबीर आदि किसान मौजूद थे।
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