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कृषि क्षेत्र में स्टार्ट अप के लिए आए 130 बिजनेस आइडिया
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एचएयू।
- फोटो : Hisar
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कृषि क्षेत्र में स्टार्ट अप के लिए करीब 130 लोगों ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (हकृवि) के एग्री बिजनेस इन्क्यूबेशन सेंटर को बिजनेस आइडिया दिए हैं। अब इनमें से बेस्ट 30 आइडिया को चुना जाएगा। फिर इन्हें अनुदान राशि के लिए कृषि एवं किसान मंत्रालय के पास भेजा जाएगा।
बता दें कि हकृवि ने पहल योजना के तहत विद्यार्थियों, युवाओं और किसानों से आवेदन मांगे थे। पहले आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की गई थी। मगर बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे बढ़ाकर 23 जुलाई कर दिया था।
यह है योजना पहल
इस योजना के तहत 30 बेस्ट आइडिया देने वालों को सरकार की तरफ से पांच से 25 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा, जिससे वह आइडिया को बिजनेस का रूप दे सकेंगे। इसके अलावा चयनित लोगों को विश्वविद्यालय की तरफ से दो महीने की ट्रेनिंग भी जाएगी। साथ ही उन्हें प्रति माह दस हजार रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।
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यह होगा फायदा
इस योजना का मकसद युवाओं को कृषि उद्यमिता की तरफ आकर्षित करना है। इस कार्यक्रम से कृषि क्षेत्र में बहुत से स्टार्ट अप शुरू हो सकते हैं और युवा अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इससे अन्य लोगों को भी रोजगार मिलेगा। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इससे मिलने वाला अनुदान पूर्ण रूप से सहायता राशि है।
यह रखी गई थीं शर्तें
- आवेदक एक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक के पास अपना नवीन विचार होना चाहिए जो प्रौद्योगिकी, सेवा, व्यापार पर आधारित हो और उससे कृषि एवं कृषि से जुड़े क्षेत्र में दक्षता विस्तार होता हो।
- आवेदक के पास अपने नवीन व्यवसाय का मॉडल/योजना हो, जिसमें वह कार्य करना चाहता है।
- चयनित प्रशिक्षु को एग्री प्रन्योरशिप ओरिएंटेशन प्रोग्राम (एओपी) की अवधि के लिए आरएबीआई हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में इन्क्यूबेशन कार्यक्रम के लिए पंजीकृत होना चाहिए।
पहल योजना के तहत सैकड़ों लोगों ने आवेदन किया है। अब इनमें से बेस्ट 30 आइडिया का चुनाव किया जाएगा और उन्हें कृषि मंत्रालय के पास भेजा जाएगा।
- डॉ. संदीप आर्या, प्रवक्ता, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
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बता दें कि हकृवि ने पहल योजना के तहत विद्यार्थियों, युवाओं और किसानों से आवेदन मांगे थे। पहले आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की गई थी। मगर बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे बढ़ाकर 23 जुलाई कर दिया था।
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यह है योजना पहल
इस योजना के तहत 30 बेस्ट आइडिया देने वालों को सरकार की तरफ से पांच से 25 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा, जिससे वह आइडिया को बिजनेस का रूप दे सकेंगे। इसके अलावा चयनित लोगों को विश्वविद्यालय की तरफ से दो महीने की ट्रेनिंग भी जाएगी। साथ ही उन्हें प्रति माह दस हजार रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।
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यह होगा फायदा
इस योजना का मकसद युवाओं को कृषि उद्यमिता की तरफ आकर्षित करना है। इस कार्यक्रम से कृषि क्षेत्र में बहुत से स्टार्ट अप शुरू हो सकते हैं और युवा अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इससे अन्य लोगों को भी रोजगार मिलेगा। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इससे मिलने वाला अनुदान पूर्ण रूप से सहायता राशि है।
यह रखी गई थीं शर्तें
- आवेदक एक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक के पास अपना नवीन विचार होना चाहिए जो प्रौद्योगिकी, सेवा, व्यापार पर आधारित हो और उससे कृषि एवं कृषि से जुड़े क्षेत्र में दक्षता विस्तार होता हो।
- आवेदक के पास अपने नवीन व्यवसाय का मॉडल/योजना हो, जिसमें वह कार्य करना चाहता है।
- चयनित प्रशिक्षु को एग्री प्रन्योरशिप ओरिएंटेशन प्रोग्राम (एओपी) की अवधि के लिए आरएबीआई हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में इन्क्यूबेशन कार्यक्रम के लिए पंजीकृत होना चाहिए।
पहल योजना के तहत सैकड़ों लोगों ने आवेदन किया है। अब इनमें से बेस्ट 30 आइडिया का चुनाव किया जाएगा और उन्हें कृषि मंत्रालय के पास भेजा जाएगा।
- डॉ. संदीप आर्या, प्रवक्ता, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय