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राज्यपाल ने एसडी महिला महाविद्यालय की कार्यकारिणी की भंग, एसडीएम प्रशासक नियुक्त
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हांसी। राज्यपाल ने शहर के एसडी महिला कॉलेज की कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया। महाविद्यालय का कार्य सुचारु रूप से चलाने के लिए राज्यपाल द्वारा एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत को प्रशासक नियुक्त कर दिया है।
एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत ने बताया कि पिछले कई दिनों से महाविद्यालय में अनियमितताएं मिलने की सूचनाएं मिल रही थीं। महाविद्यालय की छात्राओं एवं स्टाफ ने इस संबंध में विधायक विनोद भयाना को ज्ञापन देकर कार्यकारिणी पर गंभीर आरोप लगाए थे। जिस पर संज्ञान लेते हुए विधायक ने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा सत्र में महाविद्यालय कार्यकारिणी को भंग कर प्रशासक नियुक्त करने की मांग की थी। इस पर राज्यपाल ने कड़ा संज्ञान लेते हुए मंगलवार को कार्यकारिणी को भंग कर प्रशासक नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए।
विधायक ने बताया कि छात्राओं ने कहा था कि महाविद्यालय में राज्य सरकार की अनुमति के बाद भी टीचर नियुक्त नहीं किए जा रहे हैं जिसके कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में चल रही अनियमितताओं के कारण आमजन को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
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तीन दिन पहले प्रधान ने बनाई थी कॉर्डिनेशन कमेटी
कॉलेज के विवाद को सुलझाने के लिए प्रधान वासुदेव गोयल ने तीन दिन पहले ही कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई थी। जिसमें भाजपा नेता राजेश ठकराल, नरेंद्र भयाना और गवर्निंग बॉडी के तीन सदस्यों को लिया गया। कमेटी अपना काम शुरू कर पाती, इससे पहले ही कॉलेज प्रबंधन की कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया।
महिला कर्मचारी ने प्रधान पर लगाया था प्रताड़ना का आरोप
कॉलेज की एक महिला कर्मचारी ने पिछले दिनों प्रधान वासुदेव गोयल व उसके बेटे अंकुर गोयल के खिलाफ थाने में प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। अंकुर कॉलेज प्रबंधन कमेटी में महासचिव है। मामले में पुलिस ने दोनों पिता-पुत्र की गिरफ्तारी भी की और दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया।
1500 छात्राओं की पढ़ाई हो रही थी प्रभावित
एसडी महिला कॉलेज की कार्यकारिणी व स्टाफ के बीच लंबी लड़ाई के बीच छात्राओं की पढ़ाई पर काफी असर पड़ रहा था। इसको लेकर कालेज छात्राएं दो दिन पूर्व ही कॉलेज में स्टाफ की कमी को लेकर विधायक को ज्ञापन भी सौंपा था।
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एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत ने बताया कि पिछले कई दिनों से महाविद्यालय में अनियमितताएं मिलने की सूचनाएं मिल रही थीं। महाविद्यालय की छात्राओं एवं स्टाफ ने इस संबंध में विधायक विनोद भयाना को ज्ञापन देकर कार्यकारिणी पर गंभीर आरोप लगाए थे। जिस पर संज्ञान लेते हुए विधायक ने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा सत्र में महाविद्यालय कार्यकारिणी को भंग कर प्रशासक नियुक्त करने की मांग की थी। इस पर राज्यपाल ने कड़ा संज्ञान लेते हुए मंगलवार को कार्यकारिणी को भंग कर प्रशासक नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए।
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विधायक ने बताया कि छात्राओं ने कहा था कि महाविद्यालय में राज्य सरकार की अनुमति के बाद भी टीचर नियुक्त नहीं किए जा रहे हैं जिसके कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में चल रही अनियमितताओं के कारण आमजन को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
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तीन दिन पहले प्रधान ने बनाई थी कॉर्डिनेशन कमेटी
कॉलेज के विवाद को सुलझाने के लिए प्रधान वासुदेव गोयल ने तीन दिन पहले ही कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई थी। जिसमें भाजपा नेता राजेश ठकराल, नरेंद्र भयाना और गवर्निंग बॉडी के तीन सदस्यों को लिया गया। कमेटी अपना काम शुरू कर पाती, इससे पहले ही कॉलेज प्रबंधन की कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया।
महिला कर्मचारी ने प्रधान पर लगाया था प्रताड़ना का आरोप
कॉलेज की एक महिला कर्मचारी ने पिछले दिनों प्रधान वासुदेव गोयल व उसके बेटे अंकुर गोयल के खिलाफ थाने में प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। अंकुर कॉलेज प्रबंधन कमेटी में महासचिव है। मामले में पुलिस ने दोनों पिता-पुत्र की गिरफ्तारी भी की और दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया।
1500 छात्राओं की पढ़ाई हो रही थी प्रभावित
एसडी महिला कॉलेज की कार्यकारिणी व स्टाफ के बीच लंबी लड़ाई के बीच छात्राओं की पढ़ाई पर काफी असर पड़ रहा था। इसको लेकर कालेज छात्राएं दो दिन पूर्व ही कॉलेज में स्टाफ की कमी को लेकर विधायक को ज्ञापन भी सौंपा था।