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डीईओ से लिखवाकर लाओ कि आपका घर मेरे स्कूल के पास है : स्कूल संचालक
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हिसार। हरियाणा में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे को दाखिला देने में एक निजी स्कूल संचालक की मनमानी का मामला सामने आया है। वार्ड नंबर 10 निवासी विनोद कुमार सोमवार दोपहर अपने बच्चे को लेकर जिला शिक्षा विभाग में पहुंच गए। विनोद कुमार ने बताया कि वह शहर के एक निजी स्कूल में अपने बच्चे का पहली कक्षा में दाखिला करवाना चाहता है। जब वह दाखिले लिए आवेदन जमा करवाने उस स्कूल में गया तो प्रिसिंपल बोला पहले डीईओ से यह लिखवाकर लाओ कि तुम्हारा घर हमारे स्कूल के एक किलोमीटर के दायरे में आता है। ऐसे में अभिभावक डीईओ ऑफिस से लेकर निजी स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं।
गौरतलब है कि आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवार वाले बच्चों का नजदीकी निजी स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक दाखिले किए जाते हैं। इसके साथ अगर किसी स्कूल में प्री-नर्सरी कक्षा है तो इनमें दाखिले किए जाएंगे। इसमें प्रमुखता उन बच्चों को मिलती है जिन बच्चों का घर उक्त निजी स्कूल से एक किलोमीटर के दायरे में है। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिला लेने के विद्यार्थियों के परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये या इससे कम होनी चाहिए।
25 प्रतिशत से ज्यादा आवेदन आने पर होगा ड्रॉ
आरटीई के तहत दाखिले के आवेदन जमा करवाने का सोमवार को अंतिम दिन था। शाम पांच बजे तक आवेदन जमा हुए। यदि विद्यालय में आरक्षित सीटों से ज्यादा आवेदन आते हैं तो विद्यालय की जिम्मेवारी होगी कि वह अभिभावकों को ड्रॉ निकालने की तिथि से अवगत कराएगा। ड्रा के परिणाम को विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर दर्शाएगा तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को सूचित करेगा। जो छात्र विद्यालय को परिवहन शुल्क का भुगतान करेगा वह उस स्कूल से परिवहन सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकता है।
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निजी स्कूल संचालक विद्यार्थियों के दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र पर उनका एड्रेस देखकर दूरी का पता लगा सकते हैं। दाखिला देना अनिवार्य है। अगर कोई स्कूल आवेदन स्वीकार नहीं करेगा तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। - कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी हिसार
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गौरतलब है कि आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवार वाले बच्चों का नजदीकी निजी स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक दाखिले किए जाते हैं। इसके साथ अगर किसी स्कूल में प्री-नर्सरी कक्षा है तो इनमें दाखिले किए जाएंगे। इसमें प्रमुखता उन बच्चों को मिलती है जिन बच्चों का घर उक्त निजी स्कूल से एक किलोमीटर के दायरे में है। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिला लेने के विद्यार्थियों के परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये या इससे कम होनी चाहिए।
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25 प्रतिशत से ज्यादा आवेदन आने पर होगा ड्रॉ
आरटीई के तहत दाखिले के आवेदन जमा करवाने का सोमवार को अंतिम दिन था। शाम पांच बजे तक आवेदन जमा हुए। यदि विद्यालय में आरक्षित सीटों से ज्यादा आवेदन आते हैं तो विद्यालय की जिम्मेवारी होगी कि वह अभिभावकों को ड्रॉ निकालने की तिथि से अवगत कराएगा। ड्रा के परिणाम को विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर दर्शाएगा तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को सूचित करेगा। जो छात्र विद्यालय को परिवहन शुल्क का भुगतान करेगा वह उस स्कूल से परिवहन सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकता है।
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निजी स्कूल संचालक विद्यार्थियों के दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र पर उनका एड्रेस देखकर दूरी का पता लगा सकते हैं। दाखिला देना अनिवार्य है। अगर कोई स्कूल आवेदन स्वीकार नहीं करेगा तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। - कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी हिसार