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जरूरतमंद से अतिरिक्त फीस मांगते देखा तो युवा दोस्तों ने शुरू कर दी मुहिम, आज छह राज्यों तक फैली सेवा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 14 Aug 2022 10:45 PM IST
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Friends start campaign after seeing the needy asking for extra fees for blood
ऊधम फाउंडेशन के सदस्य जरूरतमंद बच्चों को स्टेशनरी वितरित करते। संवाद - फोटो : Sirsa
बलविंद्र स्वामी
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सिरसा। पढ़ाई के दौरान देखा कि ब्लड बैंक में आने वाले लोगों के पास रक्तदानी न होने की एवज में 1000 रुपये अतिरिक्त फीस वसूली जाती है। इससे व्यथित होकर युवा दोस्तों ने फैसला किया कि भविष्य में किसी भी जरूरतमंद को रक्तदानी न होने की स्थिति में विवश नहीं होने देंगे। पांच साल की मेहनत के दौरान 6 से अधिक राज्यों में सेवा का विस्तार कर दिया। परिणाम ये है कि अभी तक न केवल 1000 से ज्यादा यूनिट रक्त जरूरतमंदों को निशुल्क उपलब्ध कराया, बल्कि गंभीर बीमारियों से पीड़ितों का इलाज, स्टेशनरी वितरण, गरीब कन्या की शादी, एंबुलेंस सेवा और पौधरोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर डाले। हम बात कर रहे हैं ऊधम फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य गगन कंबोज और उनके दोस्तों की।
शुरुआती वाक्या अंबाला के मुलाना स्थित महर्षि मारकंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च संस्थान का है। वर्ष 2017 में सिरसा के मंगाला निवासी गगन ने संस्थान में बीएससी में दाखिला लिया। इस दौरान गगन एनएसएस से जुड़ा और सेवा भाव से अस्पताल में जाते थे। गगन बताते हैं, उस समय ब्लड बैंक में अकसर देखते थे कि जरूरतमंद को निर्धारित फीस देकर रक्त उपलब्ध करवाया जाता था। लेकिन शर्त थी कि साथ रक्तदानी भी होना चाहिए, यानी फीस के साथ-साथ ब्लड के बदले ब्लड भी देना होता था। यदि किसी के पास ब्लड डोनर नहीं होता था तो उस व्यक्ति से 1000 रुपये अतिरिक्त फीस वसूल की जाती थी। यही नियम उन्हें चुभ गया। इसके बाद उन्होंने युवा दोस्तों के साथ मिलकर मुहिम शुरू कर दी। जिस भी व्यक्ति को रक्त की जरूरत होती थी, उन्हें मौके पर ही रक्तदानी उपलब्ध करवा दिया जाता। यहां से उन्होंने साथ पढ़ने वाले युवा दोस्तों यशपाल, गौरव, अमित, रमन कंबोज के साथ मिलकर अनोखा अभियान शुरू कर दिया। (संवाद)
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सोशल मीडिया से मिलता है आर्थिक सहयोग
गगन कंबोज बताते हैं कि उन्होंने ऊधम फाउंडेेशन के नाम से एनजीओ बनाया। पासआउट होने के बाद सभी मित्र अलग-अलग राज्यों में चले गए और अपनी सेवा का विस्तार करना शुरू कर दिया। पांच साल के दौरान अब उनके संगठन की सेवाएं हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित चंडीगढ़ और अन्य जगहों तक पहुंच चुकी है। गगन ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ग्रुप और पेज बनाए हैं। इसके माध्यम से वे आमजन से आर्थिक सहायता हासिल करते हैं और समाज के कार्यों में ईमानदारी से खर्च करते हैं।
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देखिए, हमारा उद्देश्य केवल समाजसेवा रहा है। इसलिए कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया कि कोई हमें सम्मानित करें। फिर भी एनजीओ है तो ये औपचारिकताएं भी पूरी करनी पड़ेगी। पढ़ाई के दौरान एनएसएस के माध्यम से जब देखा कि जरूरतमंद कैसे परेशान होते हैं तो समाजसेवा को जीवन का हिस्सा बना लिया और सहपाठियों के साथ मिलकर मुहिम शुरू की है।
- गगन कंबोज, संस्थापक, ऊधम फाउंडेशन।
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