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Hisar News: स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक सभी को बजट से नई योजनाओं की आस

Tue, 13 Feb 2024 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Tue, 13 Feb 2024 02:03 AM IST
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Everyone expects new schemes from the budget
बास गांव हिसार के सुनील।
हिसार। प्रदेश सरकार इसी महीने में बजट पेश करेगी। अगले एक साल के लिए यह रोड मैप होगा। बजट से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को काफी उम्मीदे हैं। स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक सभी क्षेत्र को बजट से नई योजनाओं, घोषणाओं की उम्मीद है। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के राजकीय स्कूलों को बजट से काफी आस है। सरकारी कॉलेजों के भवन भी बजट के कारण अधूरे पड़े हैं। कुछ कॉलेजों के भवन निर्माण शुरू भी नहीं हो सके हैं। बजट को लेकर अमर उजाला ने शिक्षा जगत से जुड़े विभिन्न क्षेत्र के लोगों की राय पूछी। जिसके मुख्य अंश इस प्रकार हैं।
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व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए व्यापक सत्र पर बजट जारी किया जाना चाहिए। व्यवसायिक शिक्षा में बढ़ावा देना चाहिए। जिससे विद्यार्थियों को अपना कोर्स पूरा करने के बाद रोजगार प्राप्त हो सके। ग्रामीण स्तर के सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी का स्तर बढ़ाने पर काम होना चाहिए। वहीं सरकारी विद्यालयों में 11वीं और 12वीं कक्षा में प्रतियोगी की परीक्षाओं की तैयारी करवानी चाहिए। जिससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा का पैटर्न पता चले और उन्हें 12वीं परीक्षा बाद करने के बाद काेचिंग संस्थानों की तरफ नहीं भागना पड़े।
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-सतबीर वर्मा, रिटायर्ड प्राचार्य।
शिक्षा के लिए बजट को खर्च करने में हम दुनिया में 136वें स्थान पर हैं। स्कूली शिक्षा में केवल गिने-चुने विद्यालयों को पीएमश्री का दर्जा देना बाकि आम स्कूलों के बच्चों को उन्नत टेक्नोलॉजी से वंचित करना, हायर एजुकेशन सेक्टर में यूजीसी को पर्याप्त मात्रा में बजट ना देना सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था के संवैधानिक दायित्व के अनुरूप नहीं है। बजट में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर आशा अनुरूप बजट दिया जाना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र को कुल जीडीपी का कम से कम 7% दिया जाना चाहिए ।
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- सुनील बास,महासचिव राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।

राज्य बजट जल्द ही जारी होने वाला है। इसको लेकर सभी वर्ग के लोगों को बहुत सारी उम्मीदें हैं। इसमें विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और सेवानिवृत्त हो चुके प्राचार्य को बजट से शिक्षा के क्षेत्र में काफी कुछ मिलने की उम्मीद हैं। बजट में ऐसा प्रावधान होना चाहिए जिससे हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचे और उसे इसके लिए आर्थिक परेशानी भी न उठानी पड़े। इस बार पेश होने वाले बजट में हमें शिक्षा को बढ़ावा दिए जाने का प्रावधान होना चाहिए। ताकि विद्यार्थियों को निजी महाविद्यालयों की फीस न भरनी पड़े। कॉलेजों में शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए भी बजट जारी करना चाहिए। - खुशबू, छात्रा एमएससी बोटनी।
शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए सरकार बजट जारी करना चाहिए। पीजी कोर्स तक छात्राओं की फीस नहीं बढ़नी चाहिए। अधिकतर कॉलेजों में स्टाफ की कमी रहती है। उन्हें पूरा किया जाए। विद्यार्थियों के कॉलेज व विवि में पढ़ाई से संबंधित पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों को किताबों के लिए बाहर दुकानों पर न भटकना पड़े।

- अंजली शर्मा, छात्रा एमएससी बोटनी।

प्रदेश सरकार को अपने बजट में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा का बजट बढ़ाना चाहिए। रिसर्च पर फोकस किया जाए। यूनिवर्सिटी के बजट को कम से कम डेढ़ गुणा किया जाए। जिससे विश्वविद्यालयों को बार-बार बजट के लिए हाथ न फैलाना पड़े। यूनिवर्सिटी,कॉलेज के सभी कर्मचारियों के लिए कैशलेस हेल्थ बीमा की सुविधा दी जाए। इसमें कुछ चुनिंदा बीमारी नहीं बल्कि सभी बीमारी शामिल होनी चाहिएं।
विनोद गोयल, प्रधान, गजुटा
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